ए खुदा...खुद को इतना संगदिल भी न बना..! किताबें थामने की उम्र मे......पत्थर तो न थमा..!!"


 

मुकेश सिंघानिया's photo.
























                               दर्द मजलुम का सुनाएगा कौन ' यहा अब अवाज उठाएगा कौन !
                               अखबार तो नोट छापने लगे !वतन की हकीकत अब दिखायेगा कौन ?

====================================================================== - क्या कभी अपनी मेड के बच्चे को लैपटॉप पर कोई अच्छी सी फिल्म दिखाई है?.............कभी???
- क्या कभी पड़ोस के मार्केट में भुट्टे सेक रही औरत से पूछा है कि उसका परिवार कहां रहता है?
-क्या पान वाली गुम्टी पर बैठे दद्दा से पूछा है कि बिहार के एक छोटे से गांव में उनका पोता 10वीं की परीक्षा क्यों नहीं
दे पा रहा?
-क्या देर रात लौटते हुए किसी रिक्शे वाले को 20 की जगह 100 रुपए दिए हैं कि वो भी जल्दी घर जा सके?
- क्या जनपथ पर दुकान लगा रही औरतों से जाना है कि उनमें से एक इकनॉमिक्स में ग्रैजुएट भी है?
- क्या किसी वृद्धाश्रम में जाकर एक ऐसे पिता के पास बैठे हैं, जिसके बेटे ने ऋषिकेश यात्रा के नाम पर उन्हें चलती ट्रेन से फेंक
दिया था।
-क्या पागल बुलाई जाने वाली किसी औरत से बात की है? (वो इलेक्ट्रिक शॉक के निशान दिखाती हुई अपनी पूरी कहानी
सुनाएगी।)
- क्या कभी खुद को एक तरफ रख कर अपने मन और पर्स के आखिरी सिक्के तक को बांटा है किसी अनजान के साथ?
(पूछिए, बांटिए, साथ बैठिए... जिंदगी में इंसान होने के लिए कोई वाद, किसी थ्योरी जानने की जरूरत नहीं है। अच्छी बहसें
होना अच्छा है लेकिन जीना संवेदनशील हो तो थोड़ा और अच्छा हो। टटोलिए कि तमाम बहसों में पड़ने वाले हम दरअसल
जी क्या रहे हैं?).................मुकेश सिंघानिया



                                       

                                 बाजार में हर रिश्ता टंगा पाया,  पर माँ का नाम कहीं भी नजर नहीं आया !

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दो जिगरी दोस्त थे-उनमें से एक पास एक BMW कार होती है और दूसरे के पास TATA NANO.
एक बार रात को नैनो वाला दोस्त BMW वाले दोस्त को फ़ोन करता है और कहता है कि यार मेरी गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया है। तू आ जा और मेरी कार को अपनी कार से बांध करके पेट्रोल पंप तक मुझे पहुंचा दे. ........

BMW वाला दोस्त आता है और NANO कार को बांध कर कहता है "अगर तुझे लगे मैं तेज़ चल रहा हूं तो पीछे से डिपर दे देना, ताकि में धीमे हो जाऊं ....." चलते-चलते थोड़ी देर बाद BMW की साइड से तेज रफ़्तार में AUDI निकलती है, तो BMW वाला चिढ़ जाता है व भूल जाता है कि वो NANO को बांध कर चल रहा है .......

बस फिर क्या था, BMW और AUDI दोनों में जबर्दस्त रेस लग जाती है. स्पीड 200+ चली जाती है और दोनों पुलिस बेरिकेट्स तोड़ कर निकल जाते हैं........

तो पुलिस का सिपाही अपने ऑफ़िसर को फ़ोन करता है और घटना की जानकारी देता है.  
तो ऑफिसर पूछता है- गाड़ी कौन-कौन सी हैं? 

सिपाही कहता है- "सर, गाड़ियां तो दो रेस कर रही हैं, BMW और AUDI, पर वो छोड़ो सर, हैरान तो मैं इस बात से हूं कि रेस BMW और AUDI की हो रही है, पर एक नैनो वाला पीछे से दोनों को ओवर टेकिंग के लिए डिपर पे डिपर मारे जा रहा है कि मुझे आगे जाने की जगह दे दो...!!






       मुकेश सिंघानिया :   ए खुदा...खुद को इतना संगदिल भी न बना..!  किताबें थामने की उम्र मे......पत्थर तो न थमा..!!"