म्यांमार का अभियान दिल्ली के नए इरादे का एक संदेश है कि 'दुश्मन को बख़्शा नहीं जाएगा.'


म्यांमार में जा छुपे भारत के दुश्मन को जिस तरह भारत ने सैनिक कार्यवाही कर समूल नष्ट किया उस से देश की आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की रणनीति में जो बदलाव आया है वह बड़ा महत्वपूर्ण है; ...................Sunil M Gupta
BBC द्वारा गए विश्लेषण के अंश : म्यांमार में किया गया भारत का बदले का अभियान ख़ासा घातक है और सोच समझकर किया गया ऑपरेशन है. यह 'चरमपंथियों' और भारत के लोगों, दोनों को दिल्ली के नए इरादे का एक संदेश है कि 'दुश्मन को बख़्शा नहीं जाएगा.' अगर चरमपंथी यह संदेश समझ जाते हैं और भविष्य में किसी और हमले से परहेज करते हैं तो यह अध्याय यहीं ख़त्म हो जाता है.

अगर ऐसा नहीं होता और वो लड़ने का फ़ैसला करते हैं, तो नई दिल्ली को और कड़े फ़ैसले करने पड़ सकते हैं. जैसा कि इस अभियान में दिखा है, भारतीय सुरक्षा बल केवल सफलतापूर्वक बदला लेने में ही नहीं, बल्कि विरोधी पर दबदबा बनाने में भी पर्याप्त सक्षम दिखे हैं1

यदि ये विवाद खिंचता है, तो अन्य क्षेत्रों में - राजनीतिक और राजनयिक क़ीमत, विदेशी सरकारों से सहयोग, जनता की धारणा आदि के लिहाज़ से भारत को नुकसान होगा.! चरमपंथी ये जानते हैं और अगर वे मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने के लिए भारतीय सुरक्षाबलों को और बड़ी लड़ाई में खींचने की कोशिश करते हैं, तो हैरान नहीं होना चाहिए......................