PMO. Responds to Citizen's Complain on Frequent Transfers of Nagpals and Khemkas.

मैंने प्रधानमंत्री जी से 3 अप्रैल 2015 को आईएएस अधिकारियों के रूटीन ट्रांसफर जैसे कानून पर पुनर्विचार करने को कहा था और 'अशोक खेमका' सर के ट्रान्सफर का उदाहरण दिया था।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने वाकयदा इस पर विचार किया और उपयुक्त एक्शन लेने का निर्णय लिया।
इतना ही नहीं उन्होने मुझ जैसे साधारण नागरिक को कार्यवाही होने के बाद कन्फ़र्म भी किया।
अब आप ही बताइये मैं क्यूँ न कहूँ कि मोदी सरकार सर्वोत्तम है।
एक साधारण नागरिक की बात प्रधानमंत्री सीधे सीधे सुनते हैं और पीएमओ के उच्चाधिकारी विचार विमर्श कर समस्या का निदान भी करते हैं तो क्या ये अच्छे दिन नहीं है? I Love my PM Narendra Modi