तिरंगे की आन बान शान के लिए बाटला हाउस में जाकर शहीद हो जाता हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।

बागी बेगम Baghi Begam :  मैं कैसा इनसान हूँ दीवाली पर लक्ष्मी पूजन तक नहीं करता, क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
रक्षा बंधन पर मेरी बहन बाट जोहती रहती है और मेरी कलाई सुनी रहती है क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।


होली पर भी मुझे खाकी रंग ही नज़र आता है क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।

मैं अपने बच्चों के जन्म के वक्त हस्पताल में भी नहीं जाता क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।

मैं ट्रैफिक को चलता हूँ और पिटता भी हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।

मैं लाखों बुजर्गो की सेवा करता हूँ उनके साथ फ़ोटो खिंचवाता हूँ लेकिन अपने 70 साल के बूढ़े माँ बाप की 
सेवा नहीं कर पाता क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।

मैं रोज़ाना इलाके में स्कूल जाता हूँ लेकिन अपने बच्चों की PTM में नहीं जाता क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।

मैं देश की राजधानी का प्रहरी हूँ गालियाँ भी खाता हूँ और 24 घंटे काम भी करता हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।

मैं जनता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति भी दे देता हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।

मैं नागरिकों की सुरक्षा के लिए उल्लू की तरह जगता हूँ और अपने परिवार की नींद हराम करता हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।

मैं अपने बीमार बच्चे को हस्पताल में छोड़कर तिरंगे की आन बान शान के लिए बाटला हाउस में जाकर शहीद हो जाता हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।

लेकिन वो क्या हैं............जो गणतंत्र दिवस पर माँ भारती को सरेआम गाली देते है।
संविधान का 

मज़ाक उड़ाते है.......भोली जनता को उल्लू बनाता है.......


जनता की खून पसीने की कमाई से अपने लोंगो में रेवडिया बांटता है। जो अराजक होकर भी माननीय है।
जो जनता को बिजली चोरी की सलाह देता है जो न्यायलय का अपमान करता है। जो दूसरे के कंधे पर
बन्दुक रखकर अपनी चोरी और बेईमानी छुपाना चाहता है 

और सारे मोमबत्ती वाले कहाँ है भाई ।
मांगने लगे हैं छाँव चिड़ियों से ।बरगद इस कदर नंगे हो गए है।

।वन्देमातरम! 
हाँ में पुलिस वाला हूँ। क्या कहा मैं ठुल्ला हूँ। ठीक कहा ।

        

IPS Kiran Bedi :  जिस सड़क छाप भाषा में केजरी बात करते हैं लगता ही नहीं की ये मुख्यमंत्री है या किसी गली का गुंडा या टपोरी !!!!मुख्यमंत्री का दिल्ली पुलिस को "ठुल्ला" कहना अमर्यादित है।एक समय लालू यादव अपने गंदे बयानो से राजनीति को सबसे निम्नस्तर तक ले गए थे लेकिन केजरी ने अपने फूहड़ गालियों से राजनीति को घिनौने स्तर तक पहुंचा दिया है और लालू को भी गंदगी में मात दे दी है ।


इसने पहले अपनी ही पार्टी के संस्थापक सदश्यों प्रशान्त भूषण और योगेंद्र यादव को वीडियों मैं (साले ,कमीने ,G*** पीछे लात मारकर) पार्टी से बहार करने बात कही थी ।केजरीवाल चाहता है कि पुलिस या तो AAP Party की गुलाम बन जाय या पुलिस को घर मै बैठा दिया जाय ताकि देशद्रोही आतंकवादी दिल्ली में अराजकता फैला सकें।अब दिल्ली वालों को याद आ रही है मोदी की बात की जिसे जो काम आता है उसे वही काम देना चाहिए । केजरी और लालू सिर्फ नौटंकिबाजी के लिए ठीक हैं ।यह सब रोज की केजरी-नौटंकी देखकर सवाल उठता है की क्या केजरीवाल काम के बजाय सिर्फ टकराव और आरोपों की राजनीति कर रहे हैं?