Deep Bhand's post : मृत्युमुख से नवजीवन की और......दिनांक 24.8.15 यानि परसो....
मैं और मेरे परम मित्र प्रतीक जी व्यास कुछ निजी कार्य से MY अस्पताल इंदौर स्थित दवा बाजार गए वह हमने फूटपाथ पर नग्न अवस्था में पड़े एक बुजुर्ग को देखा...करीब जाने पर जब हमने ध्यान से देखा तो उस वृद्ध के पुरे शरीर पर गहरे घाव थे.....जिसको की मख्खिया चिटी और कीड़े खा रहे थे...उनके लिए उस वृद्ध का शरीर भोजन बन गया था...वो वृद्ध इतना असहाय था की मख्खिया भी नही उड़ा पा रहा था... हम दोनों ने उस बाबा को पानी पिलाया और केले खाने को दिए जो उस बाबा ने बहुत जल्दी जल्दी खा लिए वो बहुत भूखे और प्यासे थे फिर हमने सोचा अब क्या किया जाये अगर इन्हें ऐसे छोड़ दिया तो कीड़े मकोड़े इनको नोच नोच के खा जाएंगे...फिर हम प्रयासों में लग गए की किसी तरह बाबा को इलाज और रहने की जगह मिल जाए शाम होते होते हमे कोई सहायता नहीं मिली अंततः रात हो गई और हम घर आ गए...भोजन करते समय फिर सोते समय उस व्रद्ध ख्याल आ रहा था की सुबह तक वो जीवित बचेंगे या नहीं...अगली सुबह हुई हम फिर वहा पहुचे वो बाबा जीवित था...हमने बाबा को पानी पिलाया को फिर पुनः प्रयास शुरू किये...इसी कड़ी में हमने MY अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी श्री भटनागर जी से संपर्क किया और जैसी उम्मीद थी उन्होंने कोई मदद नहीं की फिर हमने संयोगितागंज CSP श्री राजपूत जी से संपर्क किया उन्होंने मानवीय आधार पर तुरंत पुलिस के जवानो को भेजा फिर हमने बड़नगर उज्जैन स्थित सेवाधाम आश्रम में श्री सुधिर भाई गोयल को सारी समस्या बताई उन्होंने तुरंत उस वृद्ध को ले आने की सलाह दी....फिर हमने एक प्राइवेट एम्बुलेंस करी और CSP साहब के द्वारा भेजे गए एक आरक्षक की मदद के साथ उस वृद्ध को एम्बुलेंस में बिठा कर उज्जैन स्थित सेवाधाम आश्रम ले गए....वहा पर उस वृद्ध को वैदिक मंत्रोचार के साथ गरम पानी से नहलाया गया बाल कटे गए और पुरे शारीर के घावो पर मरहमपट्टी की और तिलक माला और मिठाई खिलाकर उस वृद्ध का सेवाधाम में स्वागत किया...जो वृद्ध बोल नहीं पा रहा था अब वो मुस्कुराने लगा था उसके चेहरे की मुस्कान देख कर लगा मानो ईश्वर के दर्शन हो गये हो...अब वो वृद्ध सेवाधाम आश्रम में ही रहेंगे...
मैं और प्रतीक इस परोपकार के लिए सबसे पहले सेवाधाम आश्रम के संचालक श्री सुधीर भाई गोयल, संयोगितागंज CSP श्री राजपूत ,MY अस्पताल के समाजसेवी श्री साबू जी,पुलिस आरक्षक रवि वासुरे जी को ह्रदय से धन्यवाद कहते है नमन करते हैLआप सभी से निवेदन है की आपके आसपास यदि किसी को मदद की जरूरत हो तो पीछे न हटे....हमें आशा है की वो वृद्ध सेवाधाम में रहकर बहुत जल्दी ठीक हो जाएंगे और अपने पेरो पर चलने लगेंगे...
नोट :- यह पोस्ट किसी भी तरह की प्रशंसा या श्रेय पाने के लिए नहीं कर रहे है बल्कि ये इसलिए है की हम सभी इस वाक्ये से प्रेरणा ले और मानव समाज की सेवा के लिए अपने कदम बढ़ाये....इस पोस्ट के साथ में कुछ क्रमबद्ध तस्वीरें भी शेयर कर रहा हूँ जिससे की आपको इस घटना को समझने में सहायता होगी...सभी पीडितो और उस वृद्ध की मंगलकामनाओं के साथ ....जय हिन्द जय भारत !!

