बिहार में ज्यादातर लोग नीतीश कुमार को एक बार फिर मौका देने के मूड में नहीं है।




            


फर्स्ट पोस्ट में छपी सर्वे रिपोर्ट के  सवाल - जवाब : 

1- क्या बिहार में पिछले 10 साल विकास और बदलाव हुआ ?
2-क्या विकास और बदलाव से आपको और आपके आस-पास रहने वालों को फायदा हुआ ?
3-क्या आप सोचते हैं कि नीतीश कुमार की वजह से ये बदलाव हो पाया ?
4-क्या आप एक बार फिर मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार का चुनाव करना चाहेंगे?
फर्स्ट पोस्ट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पहले सवाल के जवाब में सरकार पास रही। सर्वे में शामिल करीब 80 फीसदी लोगों ने कहा कि हां विकास हुआ और बदलाव हुआ है। दूसरे और तीसरे सवाल के जवाब भी सकारात्मक ही रहे और सर्वे में शामिल करीब 60 फीसदी लोग इससे सहमत थे, लेकिन चौथे सवाल का जवाब नीतीश की परेशानी बढ़ाने वाला है।
ज्यादातर लोग उन्हें एक बार फिर मौका देने के मूड में नहीं है। लालू के साथ उनके गठबंधन को लेकर लोगों में नाराजगी है। उनका मानना है कि नीतीश को चुनने का मतलब लालू को ही चुनना है। जो जाति के बंटवारे और खराब कानून व्यवस्था के प्रतीक रहे हैं। नीतीश की दिक्कत ये भी है कि जो उन्हें तीसरी बार मौका नहीं देना चाहते उनमें ज्यादातर युवा और महिलाएं हैं।
जेडीयू के हर घर दस्तक सर्वे के नतीजे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए बेहद चौंकाने वाले हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने हर जिले में जाकर पार्टी और सरकार के प्रदर्शन पर सर्वे किया। हालांकि जेडीयू कार्यकर्ता हर घर तक तो नहीं पहुंच सके लेकिन सर्वे के नतीजे से नीतीश के माथे पर बल पड़ सकता है।