जिस राज्य में पुलिसअधिकारी ही असुरक्षित हो वहां की जनता कैसे सुरक्षित हो सकती है ?
यही तो है'जंगलराज ! देख लो हो गयी उसकी शुरुवात !!
Giri Vivek : मुझे शोले फ़िल्म का वो सीन याद आ रहा ...जिसमे असरानी को जेल में सुरंग की बात पता चलती है ....और हरिराम नाइ के चुतियापे से गर्म सलाख से हाथ जला बैठता है.....कुछ ऐसा ही हाल ....बिहार के चुनाव का हो गया है ...चालक कौवा ललुआ ....असरानी बन गया है जो हरिराम नाइ उर्फ़ अकलेश के तुस्टिकरण के चुतियापे में फंस के.... जलती लकड़ी मने बीफ ईटिंग मुद्दे पे अपने तशरीफ़ में ले लिया है ... और दांव उल्टा पड़ता देख ...
अब चीख रहा है ...हा हा हा हम कांग्रेस के ज़माने के चारा चोर है ....हमारे रहते इस राज में विकास ...कभी नहीं कभीं नहीं ...रे बुडबको आधे मेरे साथ ...आधे इशरत के अब्बू के साथ .....और बाकि बचे पाड़ा के साथ जाओ ...फेर देखते है कैसे हमारे राज में विकास आता है।





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