
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि आखिर दादरी और अकलाख का सच क्या है ? मीडिया और प्रदेश की सपा सरकार हमें गुमराह कर रही है,ताकि हिन्दू भड़क न जाये और मुस्लिम वोट बैंक भी हाथ से फिसल न जाये !!
जो मीडिया बता रहा है वो कहानी प्रदेश सरकार ने पुजारी पर दवाब डालकर बनायीं है। ।।सच यह था कि ये मात्र एक क्रिया की प्रतिक्रिया थी।
सच हम आपको बताते है, एक प्रत्यक्षदर्शी अनुसार अकलाख ने मात्र 3-4 महीने की नयी जन्मी गाय की बछिया को राहुल यादव नाम के शख़्स के यहाँ से चुराकर गोश्त बनाया था। घर में बछिया न पा राहुल यादव ने जब खोज की तो पड़ोस में ही रहने वाले अकलाख के घर के पीछे से नन्ही बछिया के पैर मिले,जिसे देखकर एक हिन्दू शेर का खून खौलना लाज़मी था,उसने अकलाख को ढूँढकर उससे बहस के बाद उसको पीटना शुरू कर दिया जिसके बाद अक्लाख से झीना झपटी के दौरान ही अकलाख के लड़के दानिश ने राहुल पर गोली चला दी, जिससे वो आज भी हॉस्पिटल में जीवन मृत्यु से संघर्ष कर रहा है,इसे किसी मीडिया या सरकार के नुमाइंदे ने आपको नहीं बताया। इसके बाद जैसे जैसे ही राहुल के मित्रों और गाँव वालो को हक़ीक़त पता चली उन्होंने अकलाख को पीट दिया जिसकी फिर मौत हो गयी। यह है पूरा सच दादरी में हुयी घटना का....
और आप जानते है,या आपने अब तक सुन रखा था कि अफ़वाह उड़ी और लोगों ने उसकी जान ले ली। अब आपको मैंने सच्चाई बता दी है,आगे का रस्ता आप तय करें। बीजेपी विधायक संगीत सोम जी गंभीर रूप से घायल राहुल यादव की सुरक्षा और खर्च वहन् कर रहे है।। ।। शेयर कर के सच सभी तक पहुचाएं।। Amanpreet Singh
भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस ने फायरिंग भी की। आज मैनपुरी के कस्बा करहल के मोहल्ला कुरैशियान के दो युवक थाना क्षेत्र में देवी रोड के पास एक हैंडपंप के पास गाय को काट रहे थे। इसकी जानकारी क्षेत्र के हिन्दू समुदाय के लोगों को मिली। खबर से आक्रोशित लोगों ने दोनों गोकशों को पकड़ कर बुरी तरह पीटा। मौके पर भीड़ जमा होने लगी। इसके बाद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पिट रहे गोकशों को मुक्त कराकर अस्पताल भिजवाया। इसके बाद भीड़ का आक्रोश और बढ़ गया। भीड़ ने पुलिस को खदेड़ दिया। सूचना मिलने पर एएसपी एसएन सिंह, एसडीएम करहल विजय प्रताप, सीओ करहल सुनील कुमार कई थानों की पुलिस व पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। हंगामा कर रही भीड़ को समझाने की कोशिश की। भीड़ शांत नहीं हुई। गुस्साए लोग गोकशों को अपने हवाले करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने बल प्रयोग करने की कोशिश की तो भीड़ ने एएसपी की गाड़ी पलट दी। पुलिस की एक बाइक को आग लगा दी। इंस्पेक्टर की जीप सड़क पर पलट कर क्षतिग्रस्त कर दी। पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जिसमें इंस्पेक्टर कुर्रा जयनरायन सिंह, एएसपी के गनर गोर्वधन सिंह, पीएसी के जवान सर्वेश सिंह सहित आधा दर्जन पुलिस कर्मी घायल हो गए। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस ने करीब 50-60 गोलियां चलाई। जवाब में गुस्साई भीड़ की ओर से भी फायरिंग की गई।
भीड़ का गुस्सा देख पुलिस कर्मी शांत हो गए तो भीड़ ने मृत गाय को एक ठेले पर रखकर किशनी चौराहे पर जाम लगा दिया। हंगामा देख बाजार की दुकानें बंद होने लगी। भीड़ में शामिल अराजकतत्वों ने दुकानदारों के साथ बदसलूकी कर उनकी दुकानें बंद करा दी। यह हंगामा सुबह नौ बजे से दिन के करीब डेढ़ बजे तक चला। पुलिस, गुस्साई भीड़ को नियंत्रण करने में सफल होती नजर नहीं आ रही थी। पकड़े गए दोनों गोकश कस्बा करहल के मोहल्ला कुरैशियान के रहने वाले हैं। पुलिस दोनों का नाम बताने को तैयार नहीं है।
When media is leaving no stone unturned in blaming the whole “Hindu community” for the Dadri Incident, a revelation from the Victim’s mother is a slap on Media and those politicians who were trying to defame a religion for this particular incident.
Dadri is a village with population of over 150000 people but only 50 muslim families living in it. The mother of the deceased says “On the day when the mob attacked us, it was Hindus who came forward to save” . Three Hindu families led seventy members of Muslim joint family to safety minutes before a mob approached their homes.
The Muslim neighbours say that they owe their lives to the Hindu families. “We would not have survived if we were not helped by them,” 65-year-old Abdul Muhammad said.Once again media showed us only one side of the coin and made us believe that it is the complete truth and such an important part of the story was not covered. What do you think about this?Give your Valuable Views and Opinions.

