‘मेक इन इंडिया’ अभियान को एक बड़ी सफलता, मेट्रो कोचेज़ का निर्माण और निर्यात में इतिहास बनाया !

‘मेक इन इंडिया’ अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है, जब भारतीय सरकार ने सूचित किया कि मेट्रो कोचेज़ का पहला कन्साइनमेंट, जो बॉम्बार्डियर फैसिलिटी सावली, वड़ोदरा में बना है, ऑस्ट्रेलियाई सरकार को मुंबई बंदरगाह से भेजे गए हैं.
मेट्रो कोचेज़ का निर्माण और निर्यात ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बढ़ावा देगा, जिसका उद्देश्य ही भारत को वैश्विक निर्माण का केंद्र बनाना है. लगातार स्वदेशी रेल कोचेज़ के निर्माण ने भारत सरकार के इस अभियान को इतनी कामयाबी दिलाई है.
भारत ने निर्माण क्षेत्र में इतिहास बनाया है, क्यूंकि अपनी तरह का यह पहला निर्यात है. करार के मुताबिक़, अगले ढाई वर्षों में, भारत ऐसे 450 कोचेज़ ऑस्ट्रेलिया को निर्यात करेगा. सावली साइट को निर्यात आधारित निर्माण के लिए ही विकसित किया गया है.l
Metro Coach Send to Australia under Make In IndiaMetro coaches Make In India

भारत सरकार ने ऑस्ट्रेलिया भेजे ‘मेड इन इंडिया’ मेट्रो कोच
‘मेट्रो कोचेज़ का पहला कन्साइनमेंट, जो वड़ोदरा में बना है, ऑस्ट्रेलियाई सरकार को मुंबई बंदरगाह से भेजे गए हैं, क्यूंकि मुंबई बंदरगाह को बड़े और अधिक साइज़ वाले कार्गो को अच्छे से हैंडल करने में महारत हासिल है’, जहाजरानी मंत्रालय ने एक वाक्य में कहा
कोचेज़, 75 फ़ीट लम्बे और 46 टन वजनी हैं, जिसको लोड करने के लिए बहुत ही उच्च दर्जे का लोडिंग संचालन चाहिए, मंत्रालय ने जोड़ा l