Suresh Vidyarthi
कांग्रेस की डूबती हुई नैया का अब एक मात्र सहारा बचा है, उसके
शासन के दौरान नियुक्त विभिन्न न्यायालयों के न्यायाधीश।
केंद्र मे कांग्रेस की सरकार थी...यूपी मे कांग्रेसी राज्यपाल रोमेश भंडारी था.. और तब कांग्रेस ने लोकतन्त्र का बलात्कार करके एक दिन के लिए जगदम्बिका पाल को CM बना दिया था...!!!
हर मोङ पर कांग्रेस का सिपाही खङा मिलेगा। कांग्रेस ने ये नेटवर्क बहुत लम्बी सोच को मद्देनजर रखते हुए आङे वक्त पर काम आने के लिए तैयार किया था। कोई विभाग ऐसा नही है जहाँ कांग्रेस के अहसानों के बोझ तले दबे हुए भष्ट अधिकारियों की भीड मौजूद ना हो। देश पुरस्कार वापसी गेंग और कांग्रेसी टट्टू मीडिया का करिश्मा देख ही चुका है जिनके सतत प्रयासो से बिहार में भाजपा की दुर्गति कैसे हुई थी।
भाजपा के नेताओ को अभी भी अपने उन सलाहकारो पर कांग्रेसी ऐजेंट होने का शक नहीं हुआ है जिन्होंने अपनी बेशकीमती सलाहों के दमपर दिल्ली का चुनाव छह महीने से ज्यादा के लिए लटकवा दिया था। जिन्होंने अपनी सलाहो के दमपर आज तक मींट एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध नही लगने दिया। जो अपनी दलीलो से मोदी जी और अमित शाह को यह विश्वास दिलाने मे पूर्णतः सफल रहे कि भाजपा की आम चुनावो में बम्पर जीत का कारण हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण न होकर मुसलमानो द्वारा विकास के मुद्दे पर भाजपा को एकमुश्त वोट देना था।
जो यह समझाने में सफल रहे कि 60% पङने वाले कुल वोटों में 20% तो खाली मुसलमानों के वोट होते हैं। और बाकी 40% वोट सभी पार्टियों में बंट जाते हैं। और 70% मुस्लिम आबादी वाली संभल लोकसभा सीट पर खडे सभी पार्टियों के मुस्लिम प्रत्याशियों के बीच भाजपा के अकेले हिंदू प्रत्याशी के जीतने का उदाहरण भी दे दिया।
घनश्याम अग्रवाल
Kumar Gyanendra :
(1 )आज कुछ पत्रकार चहक रहे हैं (उत्तराखंड उच्च न्यायलय का निर्णय के बाद )
(1 )आज कुछ पत्रकार चहक रहे हैं (उत्तराखंड उच्च न्यायलय का निर्णय के बाद )
(2)क्यों नहीं कुछ जजों को किसी खास पार्टी का स्लीपर सेल घोषित किया जाय.
(3)हमारे पूर्वाज कह गए थे कि गधा (घोडा ) भी बाप हो सकता है।
(4)(पहली बार किसी(मुख्य्मंत्री ) ने अपने जिंदगी में घोड़ो को श्रद्धांजलि दिया होगा ।
(5)विधान सभा अध्यक्ष के द्वारा पार्टी बाज़ी कर लेना ,मुख्य्मंत्री के द्वारा खुलमखुला खरीदारीकी बात करना ,तथा विभाग को लूट लेने की छूट देने की घोषणा करना (स्टिंग ऑपरेशन ) जजों के नज़र में बाल सुलभ कार्य था।
Naresh Jha : कौन कहता है की देश में भाजपा की सरकार है...अब तो पक्का है की न्यायपालिका की सरकार है ... आज से पहले 60 सालों के कांग्रेस शाशन काल में कितनी बार हाई कोर्ट ने राष्ट्रपति शासन के फैसले को चुनौती दी है ? और राष्ट्रपति के ऊपर टिपण्णी की है। अगर गलती के नमूनों पे चर्चा की जाए तो शायद न्यायालय के द्वारा लिए गए कई फैसलें अनगिनत है और जजों के ऊपर कितना विश्वास है जनता का वह किसी से छुपा नहीं है l न्यायपालिका भी संक्रमित हो चुकी है ... रावत के स्टिंग पर एक शब्द तक नहीँ, कोंग्रेस्सपरस्त अपने दूध के कर्ज अदा कर रहें है.... जड़ें गहरी है मोदी सरकार के सामने इन्ही जड़ों को उखाड़ फेंकने की चुनौती है। देश के लिए नासूर बन चुके है सब के सब क्या न्यायपालिका और क्या मीडिया।