A Delhi-based boy going by the name Ajay Sehrawat has uploaded a video on YouTube speaking his heart out to Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal.
Visibly frustrated, Sehrawat slams the CM for making tall promises and doing nothing on the ground. He criticizes the lack of management of initiatives taken by Kejriwal like moholla clinic, subsidies on bills and odd-even policy.
Visibly frustrated, Sehrawat slams the CM for making tall promises and doing nothing on the ground. He criticizes the lack of management of initiatives taken by Kejriwal like moholla clinic, subsidies on bills and odd-even policy.
“I am highly disappointed in you, as a youngster, #mrkejriwal. We had a lot of expectations from you and we can’t see anything happening around Us. Instead, what we see are your photos on Hoardings, posters, banners, radio jingles, automated incoming phone calls, TV channels, newspapers. The list is endless!” he writes.

भ्रष्टाचार के सवाल पर केजरीवाल ने जनता से झूठ बोला, RTI के जवाब से खुलासा
बडे बडे वादे करने वाली आप सरकार ने इतने बडे बडे होर्डिग्स लगवाये कि उन्होंने इतने अफसर सस्पेंड किये। पर एक आरटीआई से पता चला कि उनके ये विज्ञापन झुठे हैं। इतने विज्ञापन करवाने के लिए हि दिल्लीवालों ने एक नौंटकीबाज को दिल्ली का मुख्यमंत्री चुना था। जो जनता के पैसे सिर्फ और सिर्फ विज्ञापनों में खर्च करता है।
मैं दिल्लीवालों से पुछना चाहुँगा कि क्या आपने इसिलिये ये सरकार चुनी थी कि आपका मुख्यमंत्री विज्ञापन कर सके। दिल्ली वाले खुद को ठगा ठगा सा महसूस कर रहे है। केजरीवाल को टिवटर से फुसरत नहीं।
अब तक सिर्फ अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन ये बात अब पूरी तरह से साफ हो गई है कि भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई के मामले में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल ने झूठ बोला। RTI के तहत मिली जानकारी के मुताबिक इस साल 10 फरवरी से 22 जुलाई तक सिर्फ 12 गैजेटेड अफसर करप्शन के मामले में गिरफ्तार किए गए। जबकि दिल्ली सरकार के विज्ञापनों में दावा किया जा रहा था कि सरकार बनने से मई तक 35 अफसर गिरफ्तार किए गए।
इस बात के प्रचार के लिए पूरी दिल्ली में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए थे। इस पर करोड़ों रुपये खर्च की जानकारी पहले ही सामने आ चुकी है। अब तक ये जानकारी आती रही है कि जिन लोगों को गिरफ्तार और सस्पेंड करने का दावा किया जा रहा है, उनमें सिक्योरिटी गार्ड, वेल्डर और माली जैसे निचले दर्जे के कर्मचारी ज्यादा हैं। इतना ही नहीं जिन भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई का जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा था, उनमें तीन ऐसे लोग भी थे, जिन पर 10 रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। दिल्ली एंटी-करप्शन ब्यूरो से RTI के तहत मिली जानकारी की कॉपी :
