Sonal Rajput (Face Book)
पति, पत्नी और एक सोलह साल की बेटी,एक दस साल का बच्चा....
अधिक समय नहीं लगा, तोड़ दिया दरवाजा हैवानो ने....
घुस आए कमरे में...
होने लगे चारो ओर से तलवारों के वार...
बाप, बेटे और माँ को अधमरा करके एक तरफ
फेका,और लड़की के कपड़े फाड़कर कई दरिंदे
एक साथ टूट पड़े उस पर...
अपनी ही आंखो के सामने ये देखकर बापने
खुद तलवार घोंप ली अपने पेट मे.....
माँ के सामने बेटी के साथ एक एक करके
बीस से ज्यादा नर पिशाचो ने दुष्कर्म किया......
वो बेचारी धरती पर पड़ी चीखती रही...बिलखती रही,
चिल्लाती रही,तड़पती रही...
दुष्कर्म के पश्चात काटकर मोहर भी दाग दी.....
उसी अल्लाह की जिसमे यही नीच सेकुलर हमारे
राम और कृष्ण के रूप देखता है..........
काट डाली बेटे की गर्दन ....
इसके बाद वो घर से बाहर निकले और जला दिया घर........
पूरा परिवार ऐसी दुर्गति के बाद जिंदा जलकर खाक हो गया .......
कैसा लगा?
ये कोई मार्मिक कपोल काल्पनिक कहानी नहीं है.....
कश्मीर के एक पीड़ित और जिंदा बचे
हिन्दू की, जो कि उसी मोहल्ले मे रहता था ........
उसकी पुस्तक"कश्मीर का सच"सेलेकर अपने
शब्दो मे लिखी गयी एक सच्ची घटना है...
जब एक धर्मनिरपेक्षी राष्ट्र होकर भी भारत की सरकार,
भारत के ही एक अंग कश्मीर मे हिन्दुओ
को बचाने को आगे नहीं आई.....
तो फिर इस राष्ट्र के इस्लामिकरण के
पश्चात, कौन बचाने आएगा तुम्हें????
पूरा परिवार की ऐसी दुर्गति के बाद
जिंदा जलकर खाक होने में लगा समय........
केवल कुछ मिनट .........इस काम में
मुल्लो की तैयारी में लगा समय....१४०० साल ......
और हिन्दू को जागने में लगा समय.....
आज तक नहीं जागा......
अगर तुम आज धर्म की ओर से, राष्ट्र
की ओर से,गोमाता के ओर से मुंह छिपाए बैठे हो...
तो गोमाता के आँसूओ और उनकी चीखो से
बने कोप को तुम्हारी दुर्गति,
तुम्हारा विनाश करने से कोई नहीं रोक सकता...
अब तुम खुद सोच लो....
अधिक समय नहीं लगा, तोड़ दिया दरवाजा हैवानो ने....
घुस आए कमरे में...
होने लगे चारो ओर से तलवारों के वार...
बाप, बेटे और माँ को अधमरा करके एक तरफ
फेका,और लड़की के कपड़े फाड़कर कई दरिंदे
एक साथ टूट पड़े उस पर...
अपनी ही आंखो के सामने ये देखकर बापने
खुद तलवार घोंप ली अपने पेट मे.....
माँ के सामने बेटी के साथ एक एक करके
बीस से ज्यादा नर पिशाचो ने दुष्कर्म किया......
वो बेचारी धरती पर पड़ी चीखती रही...बिलखती रही,
चिल्लाती रही,तड़पती रही...
दुष्कर्म के पश्चात काटकर मोहर भी दाग दी.....
उसी अल्लाह की जिसमे यही नीच सेकुलर हमारे
राम और कृष्ण के रूप देखता है..........
काट डाली बेटे की गर्दन ....
इसके बाद वो घर से बाहर निकले और जला दिया घर........
पूरा परिवार ऐसी दुर्गति के बाद जिंदा जलकर खाक हो गया .......
कैसा लगा?
ये कोई मार्मिक कपोल काल्पनिक कहानी नहीं है.....
कश्मीर के एक पीड़ित और जिंदा बचे
हिन्दू की, जो कि उसी मोहल्ले मे रहता था ........
उसकी पुस्तक"कश्मीर का सच"सेलेकर अपने
शब्दो मे लिखी गयी एक सच्ची घटना है...
जब एक धर्मनिरपेक्षी राष्ट्र होकर भी भारत की सरकार,
भारत के ही एक अंग कश्मीर मे हिन्दुओ
को बचाने को आगे नहीं आई.....
तो फिर इस राष्ट्र के इस्लामिकरण के
पश्चात, कौन बचाने आएगा तुम्हें????
पूरा परिवार की ऐसी दुर्गति के बाद
जिंदा जलकर खाक होने में लगा समय........
केवल कुछ मिनट .........इस काम में
मुल्लो की तैयारी में लगा समय....१४०० साल ......
और हिन्दू को जागने में लगा समय.....
आज तक नहीं जागा......
अगर तुम आज धर्म की ओर से, राष्ट्र
की ओर से,गोमाता के ओर से मुंह छिपाए बैठे हो...
तो गोमाता के आँसूओ और उनकी चीखो से
बने कोप को तुम्हारी दुर्गति,
तुम्हारा विनाश करने से कोई नहीं रोक सकता...
अब तुम खुद सोच लो....
तुम्हें खुद को अपने घरवालो को एक
सुरक्षित राष्ट्र, अच्छा जीवन,
और स्वर्णिम भविष्य देना है या ऐसा दर्दनाक अंत.....
तो उठो जागो हम मिलकर देखेंगे
कौन सी नबी की औलादे इतनी ताकत,
हिमाकत करेंगी...जो हमारे होते हुये इस राष्ट्र के
मुस्लिमिकरण का विचार भी मन मे लाये...
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Kamlesh Chavda (Face Book)
सुरक्षित राष्ट्र, अच्छा जीवन,
और स्वर्णिम भविष्य देना है या ऐसा दर्दनाक अंत.....
तो उठो जागो हम मिलकर देखेंगे
कौन सी नबी की औलादे इतनी ताकत,
हिमाकत करेंगी...जो हमारे होते हुये इस राष्ट्र के
मुस्लिमिकरण का विचार भी मन मे लाये...
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Kamlesh Chavda (Face Book)
यह संदेश विश्व के हर एक हिंदू परिवार के लिए
अफगानिस्तान में एक दरवाजा है।जहाँ इन लोगो ने लिखा है।
" दुखतर ऐ हिन्द नीलम ऐ दो दीनार "
मतलब हिन्द की बेटिया हमने दो दो दीनार में नीलम की है।
मतलब जब विदेशी आक्रमणकारी अखंड भारत मे आये
तो वो सिर्फ इस देश का खजाना ही लूट कर नहीं ले गए
अपने साथ यहाँ की बहुत सी जवान औरते और नाबालिक
" दुखतर ऐ हिन्द नीलम ऐ दो दीनार "
मतलब हिन्द की बेटिया हमने दो दो दीनार में नीलम की है।
मतलब जब विदेशी आक्रमणकारी अखंड भारत मे आये
तो वो सिर्फ इस देश का खजाना ही लूट कर नहीं ले गए
अपने साथ यहाँ की बहुत सी जवान औरते और नाबालिक
लड़कियो को भी लूट जार ले गए थे और इन्होंने अफगान
जा कर इन्हें दो दो दीनार में नीलम किया था।
इसका प्रमाण है आज भी इराक और सीरिया में ( ISIS )
इसका प्रमाण है आज भी इराक और सीरिया में ( ISIS )
गैर मुस्लिमो की औरते और लडकिया इन्होंने ऐसे ही नीलम कर रहे है।
और बहुत जल्द ये नजारे आप सब के सामने भारत में भी होंगे
और बहुत जल्द ये नजारे आप सब के सामने भारत में भी होंगे
पर तुम सोते रहो हिंदू धर्म के संरक्षण करने वाले संगठन को कोसो
दलित- ब्राम्हण जाट की लड़ाई लड़ते रहो।
उच नीचता की लडाई लडते रहो भाषा प्रांत की लढाई लडते रहो
धन संपत्ति के लिए लढाई लढते रहो
उच नीचता की लडाई लडते रहो भाषा प्रांत की लढाई लडते रहो
धन संपत्ति के लिए लढाई लढते रहो
तुमने ये सब ओरंगजेब के समय भी सह लिया था
अंग्रेजो के समय भी सह लिया था और अब भी सह लेना ।