मृत संजीवनी मुद्रा : तर्जनी ( पहली ऊँगली ) को अंगुथे की मूल में लगाये मध्यमा ( दूसरी ऊँगली ) और अनामिका ( 4थी ऊँगली ) को अंगूठे के अग्र भाग में जोड़ दे। कनिष्टिका ( 5वि ऊँगली ) को सीधी और खुल्ली रखे।
फायदे ; ह्रदय रोग के हमले में दो मिनिट में राहत मिलेगी रक्त चाप नियमिट बनता हे सर दर्द माइग्रेन से मुक्ति मिलती हे।छाती का दर्द अवं हिचकी से रहत मिलती हे ! #योगसप्ताह।। #योगदिवस। #शाखापरिवार ! Rajendra Rathi

