मुस्लिम सूर्य नमस्कार नहीं करेगा... योग नही करेगा.... 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और मुस्लिम विरोध बात अच्छी तो नहीं है.... और कहना और भी बुरा है पर कड़वा सच है कि भारत में मुसलमान एक अनपढो की ज़मात हो गयी है और उससे भी बड़े दुःख की बात ये है की उनके कुछ नेता पढ़े लिखे अनपढ़ हैं... कोई भी बात विकास की हो या स्वास्थ्य की उन्हें बस विरोध करना है .....
पहले पल्स पोलियो का विरोध किया उसके बाद सूर्य नमस्कार , वन्देमातरम बोलने का और अब योग का कर रहे हैं..मिया आप लोग तर्क देते हो कि ये इस्लाम के विरुद्ध है वो इस्लाम के विरुद्ध हैं...तो आज जरा बताओ आप कितना इस्लाम के अनुसार चल रहे हो ??
- इस्लाम में शराब मना है पीते हो कि नहीं ?
- इस्लाम में तम्बाखू खाना मना है गुटका, पान खाते हो कि नहीं ?
- इस्लाम में धूम्रपान मना है सिगरेट बीड़ी पीते हो कि नहीं ?
- इस्लाम में ब्याज लेना मना है लेते हो कि नहीं ?
- इस्लाम में चित्र/फोटो मना है खिचवाते हो कि नहीं और इस हिसाब से फिल्म टीवी सब मना है देखते हो की नहीं ?
- इस्लाम में संगीत मना है सुनते हो कि नहीं ?
आज आप आप अपनी जरुरत का हर वो काम कर रहे हो जो इस्लाम के विरुद्ध है....तो बात बात पे नौटंकी क्यों ??
आप कहते हो कि इस्लाम के अनुसार मुसलमान अल्लाह के अलावा किसी के सामने सजदा ( सर नही झुका सकता ) नहीं कर सकता इसलियें सूर्य नमस्कार नहीं हो सकता...भाई फिर आप लोग पीर और मजारों पर जाकर क्या करते हो ?? वो भी इस्लाम के अनुसार मना है..
आपका इस्लाम सिखाता है कि आप सिर्फ अल्लाह के आगे झुकने की मुद्रा बना सकते है किसी और के आगे नहीं... तो मेरी समझ यह नही आता कि जब मुसलमान सड़क पर खड़े हो कर नमाज अता करते हुए झुकते हैं, या झुकने की मुद्रा बनाते हैं तो सामने तो बहुत सी चीज़ें होती हैं...... रोड, डिवाइडर, बिजली का खंभा, स्कूटर, दुकान, मकान, सूअर, कुत्ता, गाय, भैंस या कोई काफ़िर.....

तो जब इस्लाम कहता है कि मोमिन किसी के सामने झुकने की मुद्रा नहीं बनाएगा, सिर्फ अल्लाह के आगे ही झुकने की मुद्रा बनाएगा तो नमाज के वक्त सामने पड़ने वाले रोड, डिवाइडर, बिजली का खंभा, स्कूटर, दूकान, मकान, सूअर, कुत्ता, गाय, भैंस में से किसे अल्लाह मानू ??
बरहाल, अगर मुसलमानों को लगता है कि इस्लाम इसकी इज़ाज़त नहीं देता तो आप हर्गिज ना करें, उस दिन अपने बच्चों को भी स्कूल ना भेजें, कोई दिक्कत नहीं क्योंकि ये भारत है, चीन नहीं जहां मार मार के आपसे सड़कों डांस करवाया जाएगा.... आप नहीं करना चाहे तो ना करे ,लेकिन योग दिवस मनाने को अपने ऊपर जुल्म या अल्पसंख्यक अत्याचार का रोना तो मत रोइये........
और बात बात पर अपने पिछड़ने का रोना मत रोइए क्युकी आप लोग अपने पिछड़ेपन के खुद जिम्मेदार हैं.... आप खुद देश की मुख्य धारा और इसके सविधान के साथ नही चलना चाहते.. और आपसे ज्यादा आपके पढ़े लिखे नेता जो आपकी कौम के हैं वो जिम्मेदार हैं वो खुद नही चाहते की आप देश की मुख्य धारा के साथ जुड़े और देश के विकास में सहभागी बने...
तो हे मुसलमानो अपने पढे लिखे अनपढ़ नेताओ का चक्कर छोडो देश की मुख्य धारा में चलो नहीं तो बाद में मत कहना हम पिछड़ गए अब आरक्षण दे दो जी...Budhi Prakash Jain
पहले पल्स पोलियो का विरोध किया उसके बाद सूर्य नमस्कार , वन्देमातरम बोलने का और अब योग का कर रहे हैं..मिया आप लोग तर्क देते हो कि ये इस्लाम के विरुद्ध है वो इस्लाम के विरुद्ध हैं...तो आज जरा बताओ आप कितना इस्लाम के अनुसार चल रहे हो ??
- इस्लाम में शराब मना है पीते हो कि नहीं ?
- इस्लाम में तम्बाखू खाना मना है गुटका, पान खाते हो कि नहीं ?
- इस्लाम में धूम्रपान मना है सिगरेट बीड़ी पीते हो कि नहीं ?
- इस्लाम में ब्याज लेना मना है लेते हो कि नहीं ?
- इस्लाम में चित्र/फोटो मना है खिचवाते हो कि नहीं और इस हिसाब से फिल्म टीवी सब मना है देखते हो की नहीं ?
- इस्लाम में संगीत मना है सुनते हो कि नहीं ?
आज आप आप अपनी जरुरत का हर वो काम कर रहे हो जो इस्लाम के विरुद्ध है....तो बात बात पे नौटंकी क्यों ??
आप कहते हो कि इस्लाम के अनुसार मुसलमान अल्लाह के अलावा किसी के सामने सजदा ( सर नही झुका सकता ) नहीं कर सकता इसलियें सूर्य नमस्कार नहीं हो सकता...भाई फिर आप लोग पीर और मजारों पर जाकर क्या करते हो ?? वो भी इस्लाम के अनुसार मना है..
आपका इस्लाम सिखाता है कि आप सिर्फ अल्लाह के आगे झुकने की मुद्रा बना सकते है किसी और के आगे नहीं... तो मेरी समझ यह नही आता कि जब मुसलमान सड़क पर खड़े हो कर नमाज अता करते हुए झुकते हैं, या झुकने की मुद्रा बनाते हैं तो सामने तो बहुत सी चीज़ें होती हैं...... रोड, डिवाइडर, बिजली का खंभा, स्कूटर, दुकान, मकान, सूअर, कुत्ता, गाय, भैंस या कोई काफ़िर.....
तो जब इस्लाम कहता है कि मोमिन किसी के सामने झुकने की मुद्रा नहीं बनाएगा, सिर्फ अल्लाह के आगे ही झुकने की मुद्रा बनाएगा तो नमाज के वक्त सामने पड़ने वाले रोड, डिवाइडर, बिजली का खंभा, स्कूटर, दूकान, मकान, सूअर, कुत्ता, गाय, भैंस में से किसे अल्लाह मानू ??
बरहाल, अगर मुसलमानों को लगता है कि इस्लाम इसकी इज़ाज़त नहीं देता तो आप हर्गिज ना करें, उस दिन अपने बच्चों को भी स्कूल ना भेजें, कोई दिक्कत नहीं क्योंकि ये भारत है, चीन नहीं जहां मार मार के आपसे सड़कों डांस करवाया जाएगा.... आप नहीं करना चाहे तो ना करे ,लेकिन योग दिवस मनाने को अपने ऊपर जुल्म या अल्पसंख्यक अत्याचार का रोना तो मत रोइये........
और बात बात पर अपने पिछड़ने का रोना मत रोइए क्युकी आप लोग अपने पिछड़ेपन के खुद जिम्मेदार हैं.... आप खुद देश की मुख्य धारा और इसके सविधान के साथ नही चलना चाहते.. और आपसे ज्यादा आपके पढ़े लिखे नेता जो आपकी कौम के हैं वो जिम्मेदार हैं वो खुद नही चाहते की आप देश की मुख्य धारा के साथ जुड़े और देश के विकास में सहभागी बने...
तो हे मुसलमानो अपने पढे लिखे अनपढ़ नेताओ का चक्कर छोडो देश की मुख्य धारा में चलो नहीं तो बाद में मत कहना हम पिछड़ गए अब आरक्षण दे दो जी...Budhi Prakash Jain