

दाल की कालाबाज़ारी रोकने के लिए बीजेपी अपने राज्यों में जबरदस्त छपे मरवा रही है लेकिन हमारे बिहार में दाल 200/kg ही रहेगा कारन?
लालू से हाथ मिलते वक्त ही नितीश ने कसम खा लिया था अब कालाबाज़ारीओ,चोरो,अपराधियो पे आंच नहीं आने देंगे...............Kshitiz Singh

Satinder Yadav : मौसम पर किसी का जोर नहीँ हैं फिर भी मोदी सरकार ने सभी राज्ये सरकारो को सस्ती आयातित दाल लेने को कहा पर केवल मोदी को बदनाम करने के लिए कुछ सरकारो ने दाल नहीँ ली और जनता को महंगी दाल खाने को मजबूर किया ये सच्चाई हैं और हमारी जिम्मेदारी हैं के हम सच सबको बताये ।


लोग अरहर की दाल को लेकर इतने चिंतित दिखाई दे रहे है , क्या एक दिन में 10 किलो दाल खाते है , जवाब होगा नहीं जो लोग दाल की वजह से इतने परेशान दिख रहे है वही लोग जब होटल जाते है तब वहां बिल देते समय ये नहीं देखते की कितने की रोटी है और कितने की दाल , मोबाइल बदलते समय नहीं देखते की किस दाम में ख़रीदा था और इतने कम में क्यों बेच रहे है क्युकी वहां बात फैशन की है । दाल महगी है तो हरी सब्जी खाओ पौष्टिक भी है ।

मजदूर शाम को देसी शराब पिएगा वो सस्ता है । वह क्या बात है । यदि पैदावार कम हुआ है तो असर सबको प्रभावित करेगा इसमें नया क्या है । घर घर में AC लग रहा है बिजली का बिल आधिक दे रहे है , बच्चे पढ़े या न पढ़े उनके शौक पुरे किये जा रहे है पर दाल जरा महंगी हो गई तो सड़क पर आ जायेंगे या भूखो मर जायेंगे ऐसे रो रहे है ।....................Sanjeev Mishra