बंगाल कांग्रेसी बिधायकों का वफादारी शपथ पत्र साबित करता है कांग्रेस टूटने की कगार पर खडी है

West Bengal Pradesh Congress president Adhir Chowdhuri has asked the recently elected 44 MLAs from his party to sign an undertaking that will stop them from defecting to the ruling Trinamool Congress.


The Congress has emerged as the Opposition in the Bengal Assembly as the CPM got relegated to the third position. In the "Mamata tsunami" rerun, the Congress has not only managed to add three more seats, but has also increased its vote share from 9.6 per cent to 12 per cent. This way, the Congress, which is dwindling in other states, becomes the main Opposition in the Bengal Assembly after 15 years.

Rahul and Sonia Gandhi



But the biggest challenge for the party now is to retain all his MLAs. And in a brainstorming at the party headquarters on Tuesday, the party chief seems to have found a novel way to retain all 44 MLAs.


Apprehending that they might cross over to the ruling Trinamool Congress, he has asked them each to sign on affidavits (stamp paper worth Rs 100), promising not to indulge in any kind of anti-party activity and desist from defecting to the ruling Trinamool Congress.


Chowdhury fears that the Congress MLAs, if offered olive branches, might be keen to join the Trinamool Congress, like they had done before, after the split between Trinamool and Congress in 2012.

प. बंगाल में कांग्रेस विधायकों से भरवाया गया वफादारी बांड !!

भाजपा ने कांग्रेस के पश्चिम बंगाल में नवनिर्वाचित विधायकों से स्टांप पेपर पर एक घोषणा पत्र पर कथित तौर पर हस्ताक्षर कराने के लिए देश की सबसे पुरानी पार्टी पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि बंधुआ मजदूरी की इस तरह की प्रथा सिर्फ उसी पार्टी में हो सकती है।
कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर घोषणा पत्र पर विधायकों से कराए गए हस्ताक्षर में कहा गया है कि वो पार्टी नहीं छोड़ेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अनिल जैन ने संवाददाताओं से कहा कि जो भी (परिवार के) वफादार हैं– इस तरह की बंधुआ मजदूरी की प्रथा सिर्फ वहीं (कांग्रेस में) हो सकती है। सिर्फ कांग्रेस में कोई व्यक्ति सत्ता और परिवार से बंधा हो सकता है।
खबरों के अनुसार पश्चिम बंगाल में सभी नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों ने स्टांप पेपर पर एक लिखित घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किया है कि वो पार्टी नहीं छोड़ेंगे। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-वाम गठबंधन की पराजय के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने अपनी पार्टी के विधायकों को सुझाव दिया कि वो एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करें जिसमें पार्टी के प्रति बिना शर्त आस्था रखने की बात कहें।
शपथ पत्र 100 रुपये के स्टांप पेपर पर बनाया गया है। उसमें यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि पार्टी का कोई भी विधायक पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं होगा। पार्टी कार्यालय में मंगलवार को कांग्रेस के 44 नए विधायकों के साथ बैठक में चौधरी ने एक प्रस्ताव दिया था जिस पर सबने सहमति जताई।
पार्टी के वरिष्ठ नेता मानस भुइयां ने कहा था, बैठक में यह फैसला किया गया कि सभी विधायकों को एक ज्ञापन (स्टांप पेपर पर लिखित0 पर हस्ताक्षर करना होगा जिसमें कहना होगा कि वो पार्टी नहीं छोड़ेंगे। भुइयां ने कहा था, अगर वो चाहते हैं तो उन्हें विधायक के पद से इस्तीफा देना होगा और वो पार्टी के खिलाफ नहीं बोलेंगे।

                              

"मैं सपथ कर्ता कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति वफादारी की सपथ लेता हूँ" ---: पश्चिम बंगाल में सपथ लेने वाले एक बिधायक । ......तो ये है कांग्रेसी बिधायकों के गुलामी का सपथ पत्र । कांग्रेस ने अपने सभी बिधायकों से इसी तरह "गुलामी पत्र" लिखवाया है । इस पत्र की सपथ के अनुसार कभी भी कांग्रेस के खिलाफ या कांग्रेस के पदाधिकारियों के खिलाफ बयान बाजी नही करूँगा न ही कभी कांग्रेस के खिलाफ कोई बगावत करूँगा । ऐसी कई सर्ते है ।
मैं बहुत परेशान होता हूँ जब ऐसी बातें सुनने को मिलता है। पर हैरानी कई बार इसलिए होती है जब ये लोग संविधान का मजाक उड़ाते हैं। और इस बात ना तो सरकार कुछ करती है ना ही न्याय व्यवस्था कुछ कर पाती है।

यह शपथ पत्र नहीं गुलामी का प्रतीक है। जैसे जनता ने नहीं कांग्रेस ने इन्हें जिताया हो।

गुलामी की चरम सीमा ।बंगाल का नाम मिट्टी मे मिला दिया । अब राहुल, सोनिया और कांग्रेस का भी एक एफिडेविट बनता है कि देश से गद्दारी नहीं करेंगे। स्टाम्प पेपर पर ।    .Bablu Sharma