अम्बेडकर का सच।जिसे आप सभी को जानना जरूरी है।दलित नेता जब बाबा साहब डाॅ अम्बेडकर पर भाषण देते हैं तब बड़ी धूर्तता से उस व्यक्ति का नाम ही नही लेते जिसने उन्हें "बाबा साहब भीमराव रामजी अम्बेडकर" बनाया ।बड़ोदरा रियासत के महाराजा सयाजी गायकवाडको एक चिठ्ठी मिली । जिसमे एक युवक ने लिखा था की वो दलित है पढाई करने के लिए ब्रिटेन और अमेरिका जाना चाहता है लेकिन उसके पास पैसे नही हैं और कोई भी उसकी मदद नही कर रहा है ।
चिठ्ठी के साथ अंक तालिकाएं (Mark Sheets) भी संलग्न (Attach) थी । चिठ्ठी पढ़ते ही महाराजा सयाजी गायकवाड़ ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया और उन्हें ब्रिटेन और अमेरिका पढने के लिए पूरा खर्चा दिया । यहाँ तक भी रहने का इंतजाम भी महाराजा ने किया था और तो और जब बाबा साहब डाॅ अम्बेडकर PHD करके वापस आये तो कोई भी उन्हें नौकरी नही दे रहा था, तब एक बार फिर महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ ने उनका साथ दिया और उन्हें अपनी रियासत का महामंत्री नियुक्त किया और उस जमाने में उन्हें दस हजार रुपये महीने वेतन दिया जो आज दस करोड़ के बराबर है ।लेकिन गाँव गाँव जो तथाकथित अम्बेडकरवादी घूमते हैं वो दलितों को ये बात नही बताते । वो तो छोड़िए उनका पूरा नाम तक नहीं बताते ।
Rashmiram Deo Say "No" to Sold Media.
Congress trying to spread its casteist wings in UP as well. Now congress is trying to appease the brahmin vote bank which it had kicked in the rear for all these years.When the Sangh talks about the annihilation of caste system and inclusive politics, the Congress is trying to rake up caste feelings before the elections by feeding the ego of caste leaders and promising them freebies.

Brahmins of UP should not fall for this cheap tricks which the Congress used to keep huge divide in the society for past 50 years by increase caste feelings and caste enemity. Think and act !
1950 से हिन्दू दलितों को सब्जबाग दिखाते रहे । शायद शुरुवाती दिनों में निभा पाये हों । अब इनके आत्माओं की फसल काटने के (soul harvesting) टार्गेट्स होते है । अब ये दलितों को कुछ दे नहीं पाते, लेकिन उन्हें के बीच इन्हें काम भी करना होता है । वही दलितों का भेड़ जैसा उपयोग कर के अन्य दलितों को खड्डे में गिराना है । इसलिए इनहोने एक नया राग छेड़ा है ।
सेक्युलर भारत में ईसाई मुस्लिम दलितों पर अन्याय का राग आलाप रहे हैं । कह रहे है कि यह काला कानून है, उसे खारिज कर दीजिये । लाखों दलितों को हिन्दू दलितों के समकक्ष आरक्षण देने की मांग है । अगर एक हिन्दू SC जाती को जो लाभ मिल रहे हैं उसमें ईसाई या मुस्लिम हिस्सा हड़पने की मांग कर रहे हैं, कि हम भी उस जाती के हैं ।
क्या भूल गए कि उस जाती छोड़ने के लिए ही आप ने या आप के पूर्वजों ने धर्मांतरण किया था ? हिन्दू और धर्म के नाम गालियां भी दी थी और आज भी दे रहे हैं ? आज आप के साथ धोखा हुआ है इसलिए आप को जिस आका ने धोखा दिया वो आप को नया झूठ सिखा रहा है । ........Sanjay Dwivedy
1950 से हिन्दू दलितों को सब्जबाग दिखाते रहे । शायद शुरुवाती दिनों में निभा पाये हों । अब इनके आत्माओं की फसल काटने के (soul harvesting) टार्गेट्स होते है । अब ये दलितों को कुछ दे नहीं पाते, लेकिन उन्हें के बीच इन्हें काम भी करना होता है । वही दलितों का भेड़ जैसा उपयोग कर के अन्य दलितों को खड्डे में गिराना है । इसलिए इनहोने एक नया राग छेड़ा है ।
सेक्युलर भारत में ईसाई मुस्लिम दलितों पर अन्याय का राग आलाप रहे हैं । कह रहे है कि यह काला कानून है, उसे खारिज कर दीजिये । लाखों दलितों को हिन्दू दलितों के समकक्ष आरक्षण देने की मांग है । अगर एक हिन्दू SC जाती को जो लाभ मिल रहे हैं उसमें ईसाई या मुस्लिम हिस्सा हड़पने की मांग कर रहे हैं, कि हम भी उस जाती के हैं ।
क्या भूल गए कि उस जाती छोड़ने के लिए ही आप ने या आप के पूर्वजों ने धर्मांतरण किया था ? हिन्दू और धर्म के नाम गालियां भी दी थी और आज भी दे रहे हैं ? आज आप के साथ धोखा हुआ है इसलिए आप को जिस आका ने धोखा दिया वो आप को नया झूठ सिखा रहा है । ........Sanjay Dwivedy