कांग्रेस पार्टी अगस्ता वेस्टलैंड मामले में पूरी तरह से घिर गयी है। इसका सबूत कर राज्य सभा में देखने को मिला जब कई बड़े नेताओं ने इस मामले पर गंभीर मुद्रा में आकर सफाई दी। प्रेस से दूर रहने वाले अहमद पटेल को भी राज्य सभा में सफाई देनी पड़ी। इससे पहले सुब्रमनियम स्वामी ने अपने भाषण में कई बार अहमद पटेल ‘AP’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कौन है ये आप जिसके बारे में कहा जा रहा है कि ये कांग्रेस की टॉप लीडर का सचिव है और अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में इसका बड़ा हाथ है।
सुब्रमनियम स्वामी ने अहमद पटेल और सोनिया गाँधी का नाम तो नहीं लिया था लेकिन समझने वालों के लिए इशारा ही काफी होता है और अहमद पटेल भी समझ गए कि सुब्रमनियम स्वामी का इशारा किसकी तरफ था।
जब अहमद पटेल ने सफाई देनी शुरू की तो वे बहुत सीरियस हो गए या यूँ कहें कि लगभग रुवांसे हो गए। उन्होंने कहा कि मै आज से 20 वर्ष पहले गुजरात में अपनी माँ को छोड़कर इसलिए दिल्ली नहीं आया था कि यहाँ आकर घोटाले करूँगा, उन्होंने कहा कि ‘क्या आपको लगता है सोनिया गाँधी, मै और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह घोटाले करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर मेरे खिलाफ एक रुपये की भी हेराफेरी का आरोप साबित कर दो तो मै अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा और सामान्य जीवन से संन्याश ने लूँगा।
बात कुछ भी हो लेकिन जिस तरह से कांग्रेस पार्टी बौखलाई हुई है और उसके बड़े बड़े नेता मीडिया में आकर सफाई दे रहे हैं उससे लग रहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले की बात निकली है तो दूर तक जाएगी और कई लोग सलाखों के अन्दर भी जाएंगे।कल शिवसेना सांसद संजय राऊत ने भी सुब्रमनियम स्वामी पर भरोसा करते हुए कहा कि जिस प्रकार से स्वामी जी ने मामले को पकड़ा है और सबूत इकठ्ठे किये हैं, उससे उन्हें पूरी उम्मीद है कि कई लोग जेल के अन्दर जाएंगे।