#शर्म है कि आती नही , चार बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी दलितों की
स्थिति दयनीय है...और वो कहती है कि मैं दलितों की "देवी" हूँ..
#जागाे_दलिताे_जागाे
"दयाशंकर कुत्ते को फांसी दो".........सुश्री मायावती जी,
ये किस प्रकार की महिला के सम्मान की
लड़ाई है.......... क्या विडंबना है....... !


स्थिति दयनीय है...और वो कहती है कि मैं दलितों की "देवी" हूँ..
#जागाे_दलिताे_जागाे
मायावती समर्थको का विरोध् प्रदर्शन.."दयाशंकर अपनी बहन को पेश करो.
"दयाशंकर कुत्ते को फांसी दो".........सुश्री मायावती जी,
ये किस प्रकार की महिला के सम्मान की
लड़ाई है.......... क्या विडंबना है....... !


दयाशंकर और मायावती वाले प्रकरण का गहन अध्ययन कर ऐसा महसूस हो रहा है कि मैं क्यों इस गंदगी में अपनी अच्छी सरल जिंदगी छोड़कर कूद गया।वड़ोदरा जैसा शांत अच्छा शहर, बढ़िया जॉब, ठीकठाक बिजनेस, माता पिता बहन, तमाम लंगोटिया यारों को छोड़ यूपी की कीचड़ वाली राजनीति में आ गया।
एक घटिया नेता दूसरी महिला नेता को वैश्या कह रहा है तो वो महिला नेता और उसके समर्थक उससे भी नीच निकले।
उस नेता की माँ बहन के बारे में संसद से सड़क तक घिनौनी बातें बोल गए।बसपाई जो कल नारे लगा रहे थे कि "दयाशंकर की माँ बहन को पेश करो"
उस नेता की माँ बहन के बारे में संसद से सड़क तक घिनौनी बातें बोल गए।बसपाई जो कल नारे लगा रहे थे कि "दयाशंकर की माँ बहन को पेश करो"
क्या उन नीचों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होनी चाहिए? दयाशंकर को तो तुरंत पदमुक्त कर दिया गया, पार्टी से निकाल भी दिया गया और उसको गिरफ्तार भी कर लिया गया है, हालांकि स्थिति को ध्यान में रखते हुए अभी सामने नहीं ला रहे।
पर मायावती और उसके समर्थकों ने जो घोर महिला अपमान किया उसकी सजा कब मिलेगी?
क्या दयाशंकर की बहन और माँ महिलाएं नहीं हैं? क्या महिला आयोग उनके लिये एक्शन नहीं लेगा?
मायावती चरित्रहीन है या नहीं मुझे नहीं पता पर वो और उसके समर्थक बद्तमीज बददिमाग जरूर हैं, दयाशंकर से भी कई गुना ज्यादा।थू है ऐसे नेताओं और ऐसी गंदी राजनीति पर।...........Abhishek Gupta
आज हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या यही है । हम सब सिर्फ बाभन ठाकुर बनिया लाला जाट गूजर अहीर चमार जाटव बन के रह गए हैं ,
हिन्दू तो कभी बन ही नहीं पाये , और न भारतीय ही बन पाये ।
और जो मुक़ाबिल हैं , वो न भारतीय हैं , और न शेख सय्यद खान पठान जुलाहा कुरैशी शिया सुन्नी .......... वोट देते समय वो सिर्फ और सिर्फ मुसलमान होते हैं ..........
नहीं जागृत करेंगे , इसी तरह पददलित होंगे .......
गुलाम बनेंगे , गुलाम रहेंगे । जाति छोड़ हिन्दू बनो ........


आज लखनउ के परिवर्तन चौक पर भारतीय राजनीति की आत्मा चीत्कार कर रही थी...एक भ्रष्ट महिला नेता को रंडी बोलने के विरोध मेँ महिला सम्मान के पैरोकार नारे लगा रहे थे...दया शंकर अपनी बेटी पेश करो......दयाशंकर अपनी बहन पेश करो.........दया शंकर अपनी माँ पेश करो.....दयाशंकर नाजायज औलाद है....दया शंकर हरामी कुता है..................
कौशल गौड़ जी हाँ ये वो नारे हैँ जो चीख चीख कर लगाए जा रहे थे और तमाम राजनीतिक गलियारोँ के धुरंधरो को इसमेँ कोई गलत बात नजर ना आई..कैसे आती आखिर वोटो की राजनीति मेँ नैतिकता तो ताक पर रखी जाएगी ही...अब हाँ एक बात और दयाशंकर को उनको रंडी नही बोलना चाहिए था, रंडी जिस्म बेचती है पेट के लिए...रंडी देश नहीँ बेचती..#कड़वी_बात




#beinghindu एक महिला को अभद्र बोलना अनुचित है लेकिन पुरुष को कितना भी अभद्र बोलो.. जायज ?अब BSP MLA ने दयाशंकर सिंह को दी सरेआम 'गाली' कहा- दया शंकर के डीएनए में गड़बड़ी वह खुद है अवैध औलाद.. क्या अब मायावती इस महिला BSP MLA को पार्टी से निष्कासित करेंगी???? यदि नही तो दयाशंकर सिंह जी का निष्कासन भी एकदम गलत है........

किसी भी महिला को गाली दी जाती है तो यह अभद्रता और अश्लीलता तो है ही . परन्तु यह अभद्र और अश्लील उस समय अधिक माना जाता है जब किसी दलित महिला को गाली दी जाती है और वो भी मायावती जैसी दलित हों .पर कोई यह बताएगा कि स्मिति ईरानी आखिर क्या थी जिन्हें jdu के एक सम्मानित सदस्य ने अभी हाल में ही उनपर अभद्र टिपण्णी की थी . हाँ वो दलित नहीं थीं .और विरोधियों के निशाने पर सदा रहीं इसीलिए उनके सम्मान को सम्मान नहीं समझा गया .
Surinder Sharma shared नीरज कुमार's post.