दौलत की देवी मायायती ने दलितों को आजतक क्या दिया ? तिलक, तराजू और तलवार को मारो जूते चार..!!






Nilesh Upadhyay..... ‪#‎अकबर‬ के बाद हमे मायावती जी दूसरी प्राणी लगीं जिन्होंने स्वयं को देवी देवता की श्रेणी में ले जा के खड़ा कर लिया है... अकबर ने अपने नाम के आगे अकबर स्वयं लगाया था जिसका अर्थ होता है श्रेष्ठ.. उसी तरह मायावती ने भी अपने आप को देवी घोषित कर दिया है.... सो आज उनकी तारीफ में कुछ लिखने का बहुत मन हो रहा है....

वंदनीय महादेवी आदिकुमारी जगत बहन सुश्री ‪#‎मायावती‬ जी का मैं वंदन करता हूँ.. वो हमारी प्रार्थना स्वीकार कर के हमे अनुग्रहित करें... ‪#‎दयाशंकर‬ नीच प्राणी था, अज्ञानी था देवी, आपकी महिमा को कम आंक बैठा और पद से तो क्या पार्टी से भी गया.... उसे क्या पता था कि आपके भक्त गण उसकी माँ बहन इतनी शिद्दत से तौलेंगे और आपको वो शब्द शुद्ध शहद के सामान प्रतीत होंगे... 

नही जानता था बेचारा... नही तो सात जन्मों में भी आपकी और निगाह न करता..... आपकी वाक्शैली तो इतनी महान है कि उसके सामने गांव की फूहड़ से फूहड़ औरत भी पानी मांग जाये... आप इतनी बड़ी दलित हैं कि दो दशकों में ही डीटीसी की बस में सफर करते करते आज आलिशान महलनुमा किले की मालकिन हो गई हैं और खातों में तो अरबों खरबो पड़े हैं वो सब अलग.... ये इलज़ाम नहीं देवी.. ये तो आपका गुणगान है.. 

आपके भक्तों ने आपको चंदा दे दे के इतना अमीर जो बना दिया... उन्ही भक्तों ने जिनके लिए आप ये कह कह ले लड़ती रही हैं कि उनको अब तक सारे अधिकारों से वंचित रक्खा गया है और वो एक एक रोटी के लिए तरस रहे हैं... उनके पास बच्चों को पढ़ाने लिखाने के लिए भी कुछ नहीं है... फिर आपका आशीर्वाद उन्हें प्राप्त हुआ और हर फटेहाल भक्त के पास इतना पैसा निकल आया कि उसने सप्रेम आपको दान में दे दिया.. आप महान हैं... 

आपकी वाणी महान है.... आप बोले तो आशीर्वाद और दूसरा बोले तो गाली... भाई सही है.. देवी की बराबरी कोई कैसे कर सकता है.... आपने कहा कि तिलक तराजू और तलवार इनको मारो जूते चार...
हमे तो तब से ही अपने सर पे जूते चलते से महसूस कर रहे हैं.... दया शंकर ने तो मात्र आपको ऐसा कहा पर आपने तो पूरे समाज के सर पे जूते चलवा दिए थे... पर वही बात... 

आप देवी हैं.. आपका कहा हर शब्द आशीर्वाद है... दया शंकर जैसे आपकी बराबरी कैसे कर सकते हैं... आप वो समय भी भूल गईं जब एक गैर पार्टी वाले ने आपको लखनऊ में गेस्ट हाउस में बंद कर के आपके चीर हरण का प्रयास किया था तब ऐसे ही दया शंकर जैसे लोग आपको बचा के लाए थे..... आज उन्ही की आप माँ बहन तौलवा रही हैं...... देवी देवी कल्याण करो सबका.... हम भी अब ऐसे शब्द सीखने लगे हैं जिनसे आप प्रसन्न हो.... बताइये और किनकी शान में ऐसे शब्दों का हम सब प्रयोग करें कि आप हमपर प्रसन्न हों और अपने तलवे चाटने का मौका प्रदान करें....