RETURN BHARAT RATNA GIVEN TO A FULL TIME PILOT AND PART TIME ADJUSTMENT IN POLITICS TO SHOW DISSENT


नरेन्द्र सिंह चौहान :    लेखक हैं कि भेड़ें.? .... एक लेखक ने एवार्ड क्या लौटाया रेवड़ बन गया ! .... ये एवार्ड भी क्या चुन-चुन कर झोलों को ही बांटे जाते.?.....जयपुर लिटरेरी फेस्टीवल में एक लेखक ने सलमान रश्दी की पुस्तक का एक पैरा क्या पढा बिचारे को जान बचा कर भागना पड़ा ! .... तब ये लेखक किस दड़बे में थे.?.....84 में हजारों सिख मारे गये, 90 में लाखों पंडित बेघर हुए तब इन लेखकों की आत्मा नहीं जागी ! .... पाखंडी कहीं के !!

नरेन्द्र सिंह चौहान पत्रकारों को क्या काठ मार गया.? .... इनमें भी तो कई पद्म पुरस्कार बंटे हैं ! .... कोई लौटा नहीं रहा.? .... बरखा.? .. राजदीप.?


Ashok Jain @84 में हजारों सिख मारे गये, 90 में लाखों पंडित बेघर हुए तब इन लेखकों की आत्मा नहीं जागी ! .... पाखंडी कहीं के !!@..............But the Congress ++ alliance which donated all these medals to their loyal in last so many decades, never considered these Sikhs and pundits as equal citizens of the nation, as these groups were never politically important to win election.....

..the best answer to these chamchas , who are returning the medals will be if they are able to force "RETURN OF BHARAT RATNA GIVEN TO A FULL TIME PILOT AND PART TIME ADJUSTMENT IN POLITICS,the great RAJIV GANDHI AND THE TRUE NATIONAL CONGRESS LEADER INDIRA GANDHI....BY REGRETTING THEIR PATHETIC ROLE IN SIKH MASSACRE AND BUTCHERING OF TAMILS + responsible for the plight of pundits....that will be the real show of dissent to what these medalwala crying for.

  
Surinder Sharma  :    वो जिनका कलेजा दिल्ली में 3 दिन के अंदर छह हजार सिक्खों के मारे जाने पर नहीं फटा !!!  वो जिनका कलेजा लाखों कश्मीरी पण्डितों के कत्लेआम पर नहीं फटा !!  वो जिनका कलेजा अयोध्या में कारसेवकों के कत्लेआम पर भी नहीँ फटा !!!!!वो जिनका कलेजा गोधरा में 59 रामसेवकों के जिन्दा जलाए जाने पर नहीं फटा!!!!!वो जिनका कलेजा सैनिकों, पुलिसकर्मीयों,संतों की हत्या पर नहीं फटा!!!! क्या क्या लिखें...???? मेसेज लम्बा हो जाएगा।। वो एक अकलाख की मौत पर अपने पुरुस्कार वापस कर रहे है !!! अबे !!! देश, धर्म, समाज और मानवता के द्रोहियों !!! जयचन्द भी तुम्हारे इन कर्मों से शर्मिंदा होकर कहीं सर झुकाये आँसू बहा रहा होगा !!!!!