



जेएनयू में महिषासुर शहीदी दिवस मनाया जाता है. जिस पर स्मृति ईरानी ने सवाल खड़े करते हुए कहा,’2 अक्टूबर 2014 को JNU में ये पोस्टर लगाए गए. एससी, एसटी और माइनॉरिटी स्टूडेंट का ये स्टेटमेंट था. जेएनयू में लगे पेम्फलेट को पढ़ने से पहले स्मृति ने कहा, भगवान मुझे ये पढ़ने के लिए माफ करे.l स्मृति ने पोस्टर में लिखे टेक्सट को कोट किया :
‘Durga pooja is the most controversial and racial festival, where a fair skinned beautiful goddess Durga is depicted brutally killing a native called Mahishasur. Mahishasur a brave self respecting leader tricked into marrying by Aryans. They hired a sex worker called Durga who enticed Mahishasur into marriage and killed him after 9 nights of honeymooning during sleep. Freedom of speech, ladies and gentlemen! ‘
यानी, ‘दुर्गा पूजा एक विवादित फेस्टिवल है. जिसमें एक खूबसूरत गोरी स्किन वाली देवी ने महिषासुर को मार दिया था. महिषासुर एक बहादुर और रिस्पेक्टिंग लीडर था. जो आर्यंस की साजिश का शिकार हो गया था. उन्होंने महिषासुर को फंसाने के लिए सेक्स वर्कर दुर्गा का इस्तेमाल किया. दुर्गा ने महिषासुर के साथ 9 दिन तक हनीमून मनाया. और उसके बाद दुर्गा ने महिषासुर का कत्ल कर दिया.’ स्मृति ने कहा, ‘आप इसे फ्रीडम ऑफ स्पीच कहते हैं ?




’कांग्रेस पर निशाना साधते हुए स्मृति ने कहा, ‘सत्ता तो इंदिरा गांधी ने भी खोई थी. लेकिन उनके बेटे ने कभी भारत की बर्बादी करने वालों का साथ नहीं दिया था. मेरी अपील है कि स्टूडेंट्स को गलत रास्तों पर भटकने मत दीजिए.’



