सुशासन का ढोंग करने वाले नितीश कुमार ने जंगलराज लाने की पूरी तैयारी कोनसी मजबूरीवश की !


                             

इशरत के "अब्बुजान" ने बिहार के CM की कुर्सी सिर्फ इस लिए छोड़ दी थी की PM जी के बिहार आने पर प्रोटोकॉल के तहत अगवानी नही करनी पड़े । पर वाह रे समय चक्र । बेचारा फूलों का गुलदस्ता लिए इन्तजार करना पड़ रहा है । शहंसाह का ओ डायलॉग याद आ गया " रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते है और नाम है मो....."। Nageshwar Singh Baghel


                        

  • Take a look at the development done by Nitish Kumar in Bihar. This photo is taken from nitish kumars own constituency Barh in Bihar.............


  • Ajoy Tiwari once upon time NK and LPY were friends , then the lust of power they became arch enemies. Then fast forward to 2014, Again NK who having the ambition to be PM came to know as Namo will be PM he left friends and after shame full defeat in LS polls again arch enemies became friends to get the power again. Now Bihar is have to decide , the person so power hungry can go to any length is suitable CM with support LPY whose reign was darkest period of Bihar. Get up People show them their rightful. 

                      
 Umesh Agarwal Please do not criticize Nitish. He has been fair... He has ensured equitable 
        undevelopment of Bihar.. The much famed law and order in Bihar was due to Sushil Modi....




आपका अपमान बिहार का अपमान कैसे श्री नितीश कुमार जी ???? बिहार आपकी जागीर नहीं है. आपके राजनीतिक जीवन में लोग आपको अपशब्द भी कहते होंगे तो क्या वो सारे अपशब्द बिहार के लिए होगा ?? RJD के दुराचारियों के साथ मिलकर आप अपवित्र तो हो ही गए तो क्या ये बिहार का अपमान नहीं है ?? ये कहाँ तक उचित है ? माफ़ी तो आपको मांगनी होगी इस तुच्छ राजनीति के लिए. ये साबित हो गया कि सच में आपका DNA ख़राब है.....Gyanendra Jha Gyan




बड़े बड़े नेता और पहुंचे हुए मीडिया के पत्रकार भी नहीं जानते कि इस्लाम वास्तव में क्या है ?

We are the only living beings on earth who has this belief and the contradictions are the cause of all unhappiness !! An earth with no relegion to follow will make it b a better place to live now. Buddha never created Buddhism, it is his followers who made an exclusive group, same Jesus never created Christianity , it is his followers who created this exclusive zone, All religion we found are creation of some people to have a pseudo-political purpose.

Samir Kumar Singh : एक बात मैं दावे से कह सकता हूँ कि बड़े बड़े नेता और पहुंचे हुए मीडिया के पत्रकार भी इस्लाम वास्तव में क्या है वो नहीं जानते .. खुद मुस्लिम को छोड़ कर जितने भी लोग हैं वो सब इस्लाम उतना ही जानते हैं जितना फ़िल्म जंजीर के प्राण से लेकर आज के फ़िल्म पीके का आमिर खान ने वताया है याने जिसके सर पर जालीदार टोपी लगा तो समझो वो सीधा 100% सच बोलने वाला और रहमदिल इंसान बन गया .. जैसे ही घुटने के बल बैठ कर हवा छोड़ते हुए धमाके के साथ अजान पढ़ा तो समझो अब वो पक्का विश्वासी आदमी है . ..ये भारत के लोगों को इस्लाम समझाया है तो फिल्मो ने ..मतलब ..हम पठान का बच्चा है जबान से नहीं हिलेगा, नाम अब्दुल है मेरा सबकी खबर रखता हूँ,पांच वक़्त का नमाजी हूँ धोखा नहीं देगा, "कसम है परवरदिगार की ".. ऐसा किसी ने बोला तो समझो वो आसमान से तारे भी ला देगा,अगर मुसीबत की घडी है और दूर से बल्लाह बल्लाह की आवाज आई तो समझो सब मुसीबत गयी तेल लेने..सबसे खतरनाक व्यक्ति गुंडा में या पुलिस में वही है जो कुरता पहन के आँखों में काजल लगा ले..


                                    


आज पुरे हिंदुस्तान के दिलो दिमाग में इस्लाम का मतलब यही है नतीजा इनकी असलियत से दूर सब याकूब जैसो के लिए भी छाती पीटने लगते हैं .. कि भेये बचाओ नमाजी को .. टोपी वाले को .. अबे देख तो लो कि कैसे कर कर के कितने मेहनत से 259 लोगों को मारने के लिए उसने कितनी मेहनत की थी.. बस उड़ने लगते हो दीपक रंगरसिया और मोहम्मद रविश की बातो पर....अब समझाए कौन कि ये सब फ़िल्मी बातें है वास्तव में वो ................. है...


DrCnsp Rao : If one is honest and responsible in his religion whichever it be one is indeed a good human. Problems are arising when one picks and chooses loopholes misinterpretations issues out of context and dictates that are now outdated to justify ones fanaticsm and impose ones crooked lifestyle on others. True followers are under threat from fanatics and exploiters. All these guys who spread hatred against one anothers religion will never harm each other. They will only exploit the confused and the pseudo-seculars or sickulars.


  Emmi, a resident of Thatta, narrates her ordeal to journalists at a press conference held at the Madadgar office on Friday. — White Star

Indrajit Datta : PAKISTAN :; grammatical meaning of this word is PUREST PLACE ON EARTH :: and most moslems in Indian subcontinent believe in it .But like every word this one also has double meaning ::: Purest place of CRIME AGAINST HUMANITY or PUREST PLACE FOR HUMANITY ? This news delivered by none other than Pakistan's own media :: If this is real then we must note the real volume of CRIME AGAINST non-MOSLEMS in Islamic countries which have very little chance to see justice under ISLAMIC LAW :: WISH THIS FEMALE SHOULD BE DAUGHTER OF SONIA GANDHI / DIGVIJAY SINGH / SITARAM YACHURI and other flag bearer of JUSTICE FOR ISLAM.

            


टमाटर को काटने से उसके अंदर ''क्रास'' का चिन्ह दिखाई देता है इस लिए ये टमाटर ''ईसाईयों'' की सब्जी है ! मुसलमान इसे खाना छोड़ दे ,ये फतवा एक मौलवी जी ने जारी किया है ! मैं तो मौलवी जी लोगो को विद्वान समझता था पर वाकई में ये तो निरे जाहिल है ! खैर पढ़ा लिखा मुसलमान इन बकवास फतवों को महत्व नहीं देता !
दो दिन पहले ये खबर आई कि ISIS भारत आ रहा है ... और इसकी १००% पुष्टि तब हो गयी जब केंद्र की सरकारं ने कल इस पर आपात बैठकें भी शुरू कर दी... हाँ आपलोग जरुर सोये पड़े होंगे... ..इसमें कोई शक नहीं ....
कल तक आपलोगों ने टीवी पर ISIS के विडियो के सहारे उनकी दरिंदगी देख देख कर खूब लानत मलामत की है या सेक्युलर भटके भाइयों ने समर्थन भी कर दिया है .. लेकिन अब ये भटके लोग भटक के भारत में आने वाले हैं ...
आपने यजिदिओं को रोते बिलखते तो देखा होगा/... पिंजरे में बंद हो कर उनकी बोली लगती देखी होगी... पिता का अपने बच्चों को गोद में उठा कर सिंजर पहाड़ी की तरफ भागते भी देखे होंगे ... बच्चों की लाशों से लेकर एक बूढ़े के लाशों का ढेर देखा होगा.. बलात्कार होती हर यजिदियों को देखा होगा और छोटी छोटी./.. बच्चियों को भी निकाह करके आतंकियों के साथ खड़े देखा होगा .... कहने का मतलब है अब इस पर लिखना बेकार है.. क्यूंकि जिसे अब तक समझ नहीं आया है उसे आगे भी समझ नहीं आएगा...
यजिदियों के लिए ईराक सरकार ने भी मीटिंग की थी.. और पूरी सेना को भी लगाया था.. लेकिन आखिर में वहाँ के यजिदियों को और कुर्द समाज को खुद ही लड़ना पड़ा... और मरना भी पड़ा .. .वहाँ के हर महिला के हाथों में हथियार आ गए .. लेकिन तब तक देर हो चुकी थी .. आपकी तैयारी क्या है ?

                       

यजिदियों के तरह पूरी दुनिया से मदद की भीख मांगोगे .. या लड़ाई लड़ लोगे ? ऐसा मत समझना की ISIS कोई लाखों आतंकियों की सेना ले कर बॉर्डर के रस्ते घुसने वाली है .. .बल्कि उसने यहीं के मुस्लिम समाज के लोगों को इसके लिए तैयार कर लिया है ... याकूब के जनाजे की भीड़ में वही लोग थे.... ज्यादा तो मैं लिख चूका हूँ एक पोस्ट में .....
ISIS को टीवी में देख कर ही खूब मस्त रहे थे आपलोग ... अब सामना करोगे तो क्या होगा ? ? यहाँ बकलोली करने से पहले सीने में गोली उतर जाएगी ... बस ऐसे ही पूछ रहा हूँ... मुझे तो लगता है कि मुकाबला अच्छा होगा .. लेकिन ये भी शुरू होगा जब बहुत बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गँवा चुके होंगे ............आर्यावर्त with डॉ.नागनाथ वानोळे_

यूपी के कानपुर शहर में गुरुवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने आईएसआई,आतंकवाद और पाकिस्तान का विरोध किया। मुसलमानों ने आईएसआई और नवाज शरीफ के पोस्टर जलाए।राज दिवेदी भारद्वाज

हैदराबाद की गलियों में और वहाँ किसी college की दीवारों पे ये पोस्टर लगाए गए है की कितने याकूब मेमन मारोगे ? हर घर से एक याकूब मेमन निकलेगा । इसके अलावा मेरे दोस्त मोहम्मद अनस भी ये कह चुके है की एक मारोगे तो एक लाख याकूब मेमन पैदा होंगे ।मैं बिलकुल सहमत हूँ इस बात से । वाकई इनके घर से ..... हर घर से एक मेमन निकल सकता है । 

लाख टके का सवाल ...... mohammed anas भाई आपसे ?हर घर से एक मेमन बना तो दोगे ये इतने मेमन करेंगे क्या ?
भजन कीर्तन तो करेंगे नहीं .......मार काट ही तो मचाएंगे ......किसको मारेंगे ? कैसे ?

काश किसी मुसलमाँ ने ये कहा होता ......कि हर घर में कलाम पैदा होंगे । Dr इंजिनियर पैदा होंगे हर मुसलमाँ के घर ....... हर मुसलमाँ के घर अज़ीम प्रेमजी होंगे ........ या यूँ कि हर मुसलमाँ की बेटी सानिया मिर्ज़ा बनेगी .......... या यूँ कि हर मुसलमाँ के घर पैदा होंगे मुहम्मद शाहिद , ज़फर इकबाल ।

मुहम्मद अनस भाई ....... सारी दुनिया का नक्शा उठा के देख लो ....... इस्लामिक दुनिया में वाकई घर घर पैदा हो रहे हैं मेमन और कसाब .........सिर्फ हिन्दुस्तान ही बचा है ........क्यों आतंक की फसल उगाना चाहते हो ?

माना कि छोटी मोटी समस्याएं हैं हमारे बीच ......पर इसका मतलब ये तो नहीं भाई कि तुम मेरे भतीजे को कसाब या मेमन बना दो ?..लौंडा अपना कलाम बनेगा यार ...... अज़ीम प्रेमजी बनेगा........ अल्लाह के करम से ।आमीन ........Ajit Singh

ये बड़े बड़े इस्लामिक संगठन चीन के खिलाफ चूं करने की भी औकात नहीं रखते !


अनिल ठाकुर विद्रोही : · चमत्कार देखिये , चीन ने इस्लाम की कमर तोड़ रखी है , बेन पर बेन , दाढ़ी नहीं रख सकते , बुरखा नहीं पहन सकते , खुले में नमाज़ नहीं पढ़ सकते , जीना हराम कर रखा है , पर ये बड़े बड़े इस्लामिक संगठन चीन के खिलाफ चूं करने की भी औकात नहीं रखते !!
चमत्कार देखिये, की अपने ये देसी वामपंथी जो सांस तक अपने पप्पा बोले तो चीन से पूछकर लेते हैं , पर भारत में जेहादियों , आतंकियों के पक्ष में केंडल मार्च निकाल रहे हैं !!चमत्कार देखिये , पश्चिम में चर्च और इस्लाम का छत्तीस का आंकड़ा है , दोनों एक दूसरे को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानते हैं , पर भारत में उनका नेता जॉन दयाल याकूब से लेकर अफज़ल गुरु का पैरोकार बनकर उभरता है !!चमत्कार देखिये , वामपंथियों की अमेरिका से जनम जनम की दुश्मनी है , पर 99 फीसदी अमेरिकन चंदे पर पलने वाले एनजीओ पर वामपंथियों का कब्ज़ा है और जिनका एकमात्र मकसद भरतीय समाज को छिन्न भिन्न करना है !!

चमत्कार देखिये , लालू , मुलायम , नितीश , केजरीवाल और कांग्रेस सब एक दूसरे के धुर विरोधी थे पर आज सब एक साथ चुनाव लड़ने को तैयार बैठे हैं !!चमत्कार देखिये की आज भी सामान्य शांतिप्रिय हिन्दू को ये नेक्सस समझ नहीं आ रहा की आखिर ये मचान , ये बकरी , ये बन्दूक , ये शिकारी सब किसके इंतज़ार में हैं !!

      

मैं यहाँ हिन्दुओं को मारने आया हूँ ! मुझे ऐसा करने में मजा आता है ---: कासिम खान (पाकिस्तान आतंकी) !दोष इनका नहीं है बल्कि इनकी ''आसमानी किताब'' का दोष है ! इनके दिमाग में बचपन से ही आसमानी किताब द्वारा काफिरों के प्रति जहर भरा जाता है उनसे यही आशा की जा सकती है !.........Nageshwar Singh Baghel

छी छी मौसी, 'मुसलमान' और आतंकवादी???...........ना मौसी ना....एकदम 'पाक' है अपना मुसलमान..अब कभी कभी 72 हूरों के लालच में भटक जाता है तो इसमें क्या गलत है...कभी कभार जिहादी बन के कुछ मासूमों को मार देता है बस और कुछ नही...मौसी, अब हाफिज सईद जैसे लोग हाथ में AK47 पकड़ा दें तो कोई उससे गुल्ली डंडा तो खेलेगा नही ना??
कभी-कभी बस आसमानी किताब पढ़कर निकल जाता है काफिरों को मारने...बाकि वैसे बहुत शांतिप्रिय है अपना मुसलमान..!!!!!....................Shankar Deshpremi





अनंतपुर, आंध्र प्रदेश के हवा में झूलते पिलर (स्तम्भ) वाला लेपाक्षी मंदिर !


मित्रों, यह पोस्ट पश्चिम के रंग मेँ डूबे हुए मानसिक गुलामोँ के लिए एक दिव्य दृष्टि है जो भारत के स्वर्णिम अतीत का ज्ञान करती हे भारत की टेक्नालजी क्या थी और आज इस पश्चिम की शिक्षा व्यवस्था ने किस तरह पंगु और गुलाम बना रखा है
मैं आज आप को अनंतपुर, आंध्र प्रदेश के झूलते पिलर (स्तम्भ) वाले लेपाक्षी मंदिर के बारे में बताता हूँ|आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले का लेपाक्षी मंदिर हैंगिंग पिलर्स (हवा में झूलते पिलर्स) के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। इस मंदिर के 70 से ज्यादा पिलर बिना किसी सहारे के खड़े हैं और मंदिर को संभाले हुए हैं। मंदिर के ये अनोखे पिलर हर साल यहां आने वाले लाखों टूरिस्टों के लिए बड़ी मिस्ट्री हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों का मानना है कि इन पिलर्स के नीचे से अपना कपड़ा निकालने से सुख-समृद्धि मिलती है। अंग्रेजों ने इस रहस्य को जानने के लिए काफी कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके।

कैसे पड़ा 'लेपाक्षी' नाम : लेपाक्षी इलाके के नाम के पीछे एक कहानी है कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता यहां आए थे। सीता का अपहरण कर रावण अपने साथ लंका लेकर जा रहा था, तभी पक्षीराज जटायु ने रावण से युद्ध किया और घायल हो कर इसी स्थान पर गिरे थे। बाद में जब श्रीराम सीता की तलाश में यहां पहुंचे तो उन्होंने 'ले पाक्षी' कहते हुए जटायु को अपने गले लगा लिया। ले पाक्षी एक तेलुगु शब्द है जिसका मतलब है 'उठो पक्षी'।

अंग्रेजों ने की थी मिस्ट्री जानने की कोशिश : 16वीं सदी में बने इस मंदिर के रहस्य को जानने के लिए अंग्रेजों में इसे शिफ्ट करने की कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे थे। एक इंजीनियर ने इसके रहस्य को जानने के लिए मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया तो पाया कि मंदिर के सभी पिलर हवा में झूलते हैं। मंदिर को सन् 1583 में विजयनगर के राजा के लिए काम करने वाले दो भाईयों (विरुपन्ना और वीरन्ना) ने बनाया था। वहीं, पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इसे ऋषि अगस्त ने बनाया था।

लेपाक्षी मंदिर में हैं कई खास बातें : इस मंदिर का निर्माण 16वीं शताब्दी में किया गया। यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु और वीरभद्र के लिए बनाया गया है। यहां तीनों भगवानों के अलग-अलग मंदिर भी मौजूद हैं। यहां बड़ी नागलिंग प्रतिमा मंदिर परिसर में लगी है, जो कि एक ही पत्थर से बनी है। यह भारत की सबसे बड़ी नागलिंग प्रतिमा मानी जाती है। काले ग्रेनाइट पत्थर से बनी इस मूर्ति में एक शिवलिंग के ऊपर सात फन वाला नाग बैठा है। दूसरी ओर, मंदिर में रामपदम (मान्यता के मुताबिक श्रीराम के पांव के निशान) स्थित हैं, जबकि कई लोगों का मानना है की यह माता सीता के पैरों के निशान हैं।

                   
                      Nalin Tayal

जश्न मनाओ,ताली पीटो,और वतन पर नाज़ करो, संसद चाहे ठप्प पड़ी हो,पर ऊंची आवाज़ करो !

जश्न मनाओ,ताली पीटो,और वतन पर नाज़ करो, संसद चाहे ठप्प पड़ी हो,पर ऊंची आवाज़ करो,
दो जवान के बलिदानों पर एक दरिंदा पकड़ा है, कोई तीर नही मारा जो कासिम ज़िंदा पकड़ा है,
सीने आज तुम्हारे बेशक फक्र समझ कर फूले हैं, लेकिन शायद सब मेमन की खातिरदारी भूले हैं,
भूल गए अफज़ल की फाँसी पर तुम रोने वालों को, भूल गए बटला हाउस पर कांटे बोने वालों को,
भूलगए क्या भटकल का मज़हब दिखलाने वालो को और वही अज़मल कसाब,मासूम बताने वालों को,
हमदर्दों का देश यहाँ पर चाहत बाँटी जाती है, यहाँ करें इफ्तार वहां पर गर्दन काटी जाती है,
जो पहले से जेलों में हैं बन्द,रहे खुशहाली में, दहशतगर्दी मौज मनाती बिरियानी की थाली में,
कासिम जाए जेल,वहां पर हांड़ी बड़ी चढ़ा देंगे, बकरे मुर्गे की थोड़ी सप्लाई और बढ़ा देंगे,
कृपा रहेगी इस कासिम पर भूषण और शक़ीलों की, आधी रात लगी देखोगे लाइन कई वकीलों की,
और मिडिया वाले कुछ ऐसी कवरेज दिखाएंगे, केवल कासिम के ही अब्बू अम्मी को दिखलायेंगे,
इधर शहीदों के आँगन के सपने टूटे लगते है, दहशत से लड़ने के ये अंदाज़ अनूठे लगते हैं,
ये गौरव चौहान कहे,सारे रस्ते मुड़ जाएंगे कासिम क्या,लखवी हाफिज के परखच्चे उड़ जाएंगे,
पाकिस्तान तभी रगड़ेगा नाक रहम की आशा में, जिस दिन भारत बोल उठेगा इज़राइल की भाषा में !

---कवि गौरव चौहान ( Hemendra Gupta )

                                    

  
  

हरिद्वार मार्ग पर स्थित मुस्लिम-बहुल गांवों में शिवभक्त कांवरियों को पानी, शरबत और चाय पिलाते हमारे मुस्लिम बंधु। ख़ुद रोजे में भूखे-प्यासे रहकर दूसरे धर्मावलंबियों का यह सम्मान हमारी गंगा-जमुनी तहज़ीब की बेहद खूबसूरत मिसाल है। यह चित्र देखकर यह भरोसा होता है कि सियासत की लाख कोशिशों के बावजूद हमारा एक दूसरे पर भरोसा ख़त्म नहीं हुआ है। आपके जज़्बे को सलाम, दोस्तों


सनातन धर्म रक्षक भाई मतिदास, सतीदास और दयाला की पुण्यतिथि पर उनकी बलिदानी कथा. !

आज सनातन धर्म रक्षक भाई मतिदास, सतीदास और दयाला की पुण्यतिथि पर उनकी बलिदानी कथा. . .

औरंगजेब ने पूछा “मतिदास कौन है" ? तो भाई मतिदास ने आगे बढ़कर कहा “मैं हूँ मतिदास, यदि गुरु जी आज्ञा दें तो मैं यहाँ बैठे-बैठे दिल्ली और लाहौर का सभी हाल बता सकता हूँ तेरे किले की ईंट-से-ईंट बजा सकता हूँ |” औरंगजेब गुर्राया और उसने भाई मतिदास को धर्म-परिवर्तन करने के लिए विवश करने के उद्देश्य से अनेक प्रकार की यातनाएँ देने की धमकी दी | खौलते हुए गरम तेल के कड़ाहे दिखाकर उनके मन में भय उत्पन्न करने का प्रयत्न किया, परंतु धर्मवीर पुरुष अपने प्राणों की चिन्ता नहीं किया करते। धर्म के लिए  अपना जीवन उत्सर्ग कर देना श्रेष्ठ समझते हैं |

जब औरंगजेब की सभी धमकियाँ बेकार गयीं, सभी प्रयत्न असफल रहे, तो वह चिढ़ गया | उसने काजी को बुलाकर पूछाः “बताओ इसे क्या सजा दी जाये" ?काजी ने कुरान का हवाला देकर हुक्म सुनाया कि "इस काफिर को इस्लाम ग्रहण न करने के आरोप में आरे से लकड़ी की तरह चीर दिया जाये |"औरंगजेब ने सिपाहियों को काजी के आदेश का पालन करने का हुक्म जारी कर दिया |

दिल्ली के चाँदनी चौक में भाई मतिदास को दो खंभों के बीच रस्सों से कसकर बाँध दिया गया और सिपाहियों ने ऊपर से आरे के द्वारा उन्हें चीरना प्रारंभ किया। किंतु उन्होंने ‘सी’ तक नहीं की |औरंगजेब ने पाँच मिनट बाद फिर कहाः “अभी भी समय है | यदि तुम इस्लाम कबूल कर लो, तो तुम्हें छोड़ दिया जायेगा और धन-दौलत से मालामाल कर दिया जायेगा |”

वीर मतिदास ने निर्भय होकर कहा “मैं जीते जी अपना सनातन धर्म नहीं छोड़ूँगा |” ऐसे थे 'धर्मवीर मतिदास' जिन्हे अपना बलिदान देकर सनातन धर्म की रक्षा की |यह देखकर दयाला बोला "औरंगजेब तूने बाबर वंश को और अपनी बादशाहियत को चिरवाया है |" यह सुनकर औरंगजेब ने दयाला को उबलते पानी के कढाहे में डलवाकर जिंदा ही जला दिया | भाई दयाला जी को गुरु तेगबहादुर जी की मौजूदगी में एक बड़ी देग, जो पानी से भरी थी, देग में बैठाया गया | देग को आग लगाई गई उबलते पानी में दयाला जी की शहादत हुई |

भाई सतीदास के शरीर पर रुई लपेटकर आग लगा दी गयी, पर उसने भी सनातन धर्म त्याग कर इस्लाम कबूल करने से इनकार कर दिया |.......Sunil M Gupta साभार गगनजी;

        


मुकेश जैन दारा सेना मेरे जबरदस्ती मुसलमान बनाये गये हिन्दुओं के घर में कोई याकूब मेमन पैदा न हो] उसके लिये मैं स्वामी ओम जी आपसे अनुरोध करता हूं कि मेरे इस सन्देश को पढने वाले सभी हिन्दू ही नहीं बल्कि जबरदस्ती मुसलमान बनाये हिन्दू भी इसे सांझा जरूर करें- स्वामी ओमजी

हिन्दुस्तानी और पाकिस्तानी मुसलमान उन दूध मुंहे बच्चों की संतान हैं जिनके मां बाप ने मरना पसन्द किया पर इस्लाम कबूल नहीं किया। इनके मां बाप को फक्र था कि इस्लाम की दरिंदगी का बदला उनकी सन्तान जरूर लेगी। किन्तु सन्तान तो मुसलमान बनकर इस्लाम की दरिंदगी में खुद भी शामिल हो गयी। किन्तु मुझे पक्का यकीन है कि मेरे जबरदस्ती मुसलमान बनाये गये हिन्दू भाई आने वाले 100 सालों में इस्लाम का नामों निशान भारत भूमि से मिटा देगे। मेरे जबरदस्ती मुसलमान बनाये गये हिन्दू भाईयों का संकल्प कि वो केवल एक ही सन्तान पैदा करेंगे और आने वाले 100 सालों में इस्लाम का नामों निशान भारत भूमि से मिटा देगा -स्वामी ओम जी. संभाजी को मिली मौत पर एक नजर, संभाजी बहुत ताकतवर और जोशीले राजा थे जो कभी किसी के सामने नहीं झुकते थे । औरंगजेब को हमेशा गालियाँ देकर बात करते थे पकडे जाने के बाद भी इसलिए औरंगजेब ने सबसे पहले उसकी जुबान कटवाई अगले दिन जब औरंगजेब जब संभाजी को देखने पहुँचा तो संभाजी की आँखे देखकर ही डर गया और आदेश दिया  इसकी आँखे निकाल दो और गर्म लोहे की सलाखें संभाजी की आँखों में डाल दी गयी ।
इस पर भी औरंगजेब को संतोष नहीं हुआ तो संभाजी के शरीर से चमड़ी उधेड़वा दी । जिस तरह जानवरो का चमड़ा मारने के बाद खींच कर अलग करते हैं बिलकुल उसी तरह संभाजी के शरीर से चमड़ी खींच कर निकाली गयी फिर भी संभाजी अपने धर्म से अलग मुस्लिम धर्म अपनाने को तैयार नहीं हुए ।

जब 2 दिन बाद मांस का बाहरी हिस्सा सूखने लगा तो औरंगजेब ने उन्हें नमकीन पानी से नहलाने का आदेश दिया जिस से उनके शरीर पर जो नया चमड़ा बनने लगा था वो पूरी तरह से फट जाता था इस तरह करीब 11 दिन तक संभाजी को यातनाये देने के बाद, फिर भी संभाजी अपने धर्म से अलग मुस्लिम अधर्म अपनाने को तैयार नहीं हुए ,आखिर में औरंगजेब ने उनके शरीर के टुकड़े टुकड़े करवाकर कुत्तों को खिला दिया ।संभा जी ने मरना पसन्द किया पर इस्लाम नहीं कबूला, किन्तु उनके दूध मुहे बच्चो को जबरदस्ती मुसलमान बनाया गया । यही जबरदस्ती मुसलमान बनाये गये हर हिन्दू का इतिहास है ।

मेरी जबरदस्ती मुसलमान बनाये गये हिन्दुओं से अपील है कि वो अपने संभा जी जैसे पूर्वजों पर किये अत्याचार का बदला अहिन्सात्मक रूप से केवल एक ही बच्चा पैदा करके लें, आने वाले सौ सालों में इस्लाम भारत में सिसकाया लेकर दम तोडता नजर आयेगा।मेरी हर हिन्दू और जबरदस्ती मुसलमान बनाये गये हिन्दुओं से अपील है कि वें मेरे इस सन्देश को सांझा जरूर करें।-स्वामी ओम जी


मुकेश जैन दारा सेना यहूदी,मुस्लिम और ईसाई पुनर्जन्म के सिद्धांत को नही मानते, यह कहना गलत है।जैन और हिन्दू धर्म के अनुसार जीव की चार गति हैं। मनुष्य गति, देव गति ,तिर्यच गति और नरक गति। तिर्यच यानी जलचर नभचर पशु पक्षी । यहूदी,मुस्लिम और ईसाई पुनर्जन्म के सिद्धांत को नही मानते, यह कहना गलत है। ये मजहब जीव की चार गतियों में से दो को मानते है।देव गति और नरक गति। जहां बाहिश्त देव लोक में जन्म लेने के बाद ही 72 अक्षत यौवना हुर्रे मिलती है। वहीं पापी जीव दोजख यानी नरक में जन्म लेने के बाद ही दोजख की आग में झोका जाता है।

नीलेश धनाणी :  इतिहास पर रोना बन्द करो और सीख लेकर नया इतिहास बनाने का सोचो । नया कुछ करने की हिम्मत दिखानी होगी हम सबको मिलकर । हम सब नया इतिहास रचने जा रहे है । संस्कृत को नयी ऊँचाई पर लाकर ही दम लेंगे ।जिनको साथ चलना हो साथ चले, आलोचना करनी हो वह आलोचना करे । हम तो आगे बढकर ही रहेंगे ।

अरे भाई जाग जाओ अब तो जाग जाओ...सोच समझ कर वोट दे...

अरे भाई जाग जाओ अब तो जाग जाओ...सोच समझ कर वोट दे.........लैपटॉप के चक्कर में यूपी वाले लफंगे बन गए..पानी और बिजली के चक्कर में दिल्ली वाले बेवकुफ बन गए...........पैसो के चक्कर में मिडिया वाले दलाल बन गए..एक खानदान विशेष के चक्कर में कांग्रेस वाले कातिल बन गए........आज शाहरुख खान जैसे पक्के गद्दार ने खुलकर अपनी कट्टरता और देशद्रोह का परिचय दिया। कहा कि अगर मोदी प्रधानमंत्री बने तो देश छोड़ दूंगा।अबे आतंकवादी, ये देश भूला नही है कि वो तू ही है जिसने पाकिस्तान बाढ़ पीड़ितो के लिए दुबई मे फ्री शो करके सारे पैसे दे दिये थे, लेकिन उत्तराखंड के बाढ़ पीड़ितो के लिए एक शब्द भी नहीं था तेरे स।..........Bhim Goel

आतंक का कोई धर्म नहीं होता परंतु आतंक को धर्म से जोड़ने वाले पापियों के अच्छे दिन तो कभी नहीं आने वाले...
Abhishek Gupta


                              

Nityanand Sharma All this anti-national activities.. Ko..local matter kah k..ignore na kiya jaaye..
Chaahe ye kashmir me ho..Kolkata..or in Kerala...(KKK)..Iss sab.ko state government par na chhoda jaaye...
Its...like "cancer"...Iss Jo..priority basis par handle karne ki jarurat hai...!!!!

 घनश्याम अग्रवाल :  कश्मीर से पाकिस्तानी झंडे कलकत्ता तक पहुँच गए और लोगो के विकास की पडी है, सरकार विकास मे लगी है यहा किसका विकास हो रहा है, आतंकवादियो का, जिन्दा रहे तो विकास तो हम अपनी मेहनत से भी कर लेंगे अगर जिन्दा ही ना रहे तो विकास का क्या खाक करेंगेl
Santosh Khatri ऐसा लगता है कि सारे सेकुलर नेता मुसलमानो के दलाल हैं ।सेकुलर नेता जनता का धयान भटकाने के लिए तरह तरह का नौटंकी कर रहे हैं तो आप इधर मुसलमान कभी मोहम्मद के जंयती के बहाने बवाल कर अपनी ताकत दिखाता है तो कभी आई एस आई आई एस और पाकिस्तान का झंडा लहराता है ।फीर भी हिन्दुओं के समझ मे नही आ रहा ।अगर अब भी नही सुधरे तो यकीन मानिए 15 वर्षो के बाद सुधरने का मौका नही मिलेगा ।फिर कहना अब पछताए होए का जब चिड़िया चुग गई खेत ।
Harish Keshwani मोदी जी अब विकास नही इन आतंकियो का विनाश होना चाहिये घर में अगर दीमक लग जाए तो पहले उसका नाश करना चाहिये फिर घर कोसुन्दर बनाना चाहियेl
Dharmendra Singh This is only happening because of cm of West Bengal n the hindu voters of West Bengal.
If Hindu voters of West Bengal will not change their views about their self respect their cm will sell their self respect to thease people.

Gajraj Singh सरकार को देशद्रोहियों के खिलाफ जल्द से जल्द कठोर कदम उठाने चाहिए!

हैदराबाद की गलियों में और वहाँ किसी college की दीवारों पे ये पोस्टर लगाए गए है की कितने याकूब मेमन मारोगे ? हर घर से एक याकूब मेमन निकलेगा । इसके अलावा मेरे दोस्त मोहम्मद अनस भी ये कह चुके है की एक मारोगे तो एक लाख याकूब मेमन पैदा होंगे ।मैं बिलकुल सहमत हूँ इस बात से । वाकई इनके घर से ..... हर घर से एक मेमन निकल सकता है । 

लाख टके का सवाल ...... mohammed anas भाई आपसे ?हर घर से एक मेमन बना तो दोगे ये इतने मेमन करेंगे क्या ?
भजन कीर्तन तो करेंगे नहीं .......मार काट ही तो मचाएंगे ......किसको मारेंगे ? कैसे ?


काश किसी मुसलमाँ ने ये कहा होता ......कि हर घर में कलाम पैदा होंगे । Dr इंजिनियर पैदा होंगे हर मुसलमाँ के घर ....... हर मुसलमाँ के घर अज़ीम प्रेमजी होंगे ........ या यूँ कि हर मुसलमाँ की बेटी सानिया मिर्ज़ा बनेगी .......... या यूँ कि हर मुसलमाँ के घर पैदा होंगे मुहम्मद शाहिद , ज़फर इकबाल ।

मुहम्मद अनस भाई ....... सारी दुनिया का नक्शा उठा के देख लो ....... इस्लामिक दुनिया में वाकई घर घर पैदा हो रहे हैं मेमन और कसाब .........सिर्फ हिन्दुस्तान ही बचा है ........क्यों आतंक की फसल उगाना चाहते हो ?

माना कि छोटी मोटी समस्याएं हैं हमारे बीच ......पर इसका मतलब ये तो नहीं भाई कि तुम मेरे भतीजे को कसाब या मेमन बना दो ?..लौंडा अपना कलाम बनेगा यार ...... अज़ीम प्रेमजी बनेगा........ अल्लाह के करम से ।आमीन ........Ajit Singh


बी एस फ जवान राकी ने कहा था, "कभी आमना सामना हो गया तो आन्तकियो को छोडूंगl नहीं "...जो कहा वो वादा पूरा किया !

कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवी रहा रॉकी के घर में एक बिन ब्याही बहन और एक भाई है जो बेरोजगार है ।रॉकी अपने परिवार का एक मात्र कमाने वाला सदस्य था । जम्मू संभाग में सुरक्षाबलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने की साजिश कश्मीर में आतंकियों के स्लीपर सेल में रची गई थी।अगर कश्मीर के अंवतीपोरा में तैनात 59 बटालियन का रॉकी त्वरित कार्रवाई करते हुए आतंकी को ढेर नहीं कर देता तो बीएसएफ को अधिक जानी नुकसान होना तय था।जिले के रामगढ़ माजरा गांव के शीशपाल जी का पुत्र रॉकी ऊधमपुर में हुए आतंकी हमले में बुधवार 05 अगस्त को शहीद हो गया. जांबाज रॉकी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी शहादत देकर 40 जानें बचाईं. उन्होंने संघ की शाखा पर सीखे देशभक्ति के जज्बे का प्रदर्शन किया.l रॉकी संघ का स्वयंसेवक था, तथा प्राथमिक वर्ग (सात दिवसीय प्रशिक्षण) का प्रशिक्षण प्राप्त किया था. परिजनों को रॉकी की शहादत पर गर्व है. रामगढ़ माजरा में हर आंख नम है।....Sanjay Dwivedy





     


Congress Declassified Hindus Terror by Raising Question : 26/11 - RSS Conspiracy or Jihadi Operation ?


26/11 - RSS conspiracy or Jihadi operation?
Very recently some jihadi fanatics of India with their lackeys in tow released a book blaming the RSS for 26/11. Now no less than a former DG of Pakistan, Tariq Khosla, testifies to the evidence of its having originated from Pakistan. Here is what he has to say: "Pakistan has to deal with the Mumbai mayhem, planned and launched from its soil. This requires facing the truth and admitting mistakes. ...
The following facts are pertinent. First, Ajmal Kasab was a Pakistani national, whose place of residence and initial schooling as well as his joining a banned militant organisation was established by the investigators.
Second, the Lashkar-e-Taiba (LeT) terrorists were imparted training near Thatta, Sindh and launched by sea from there. The training camp was identified and secured by the investigators. The casings of the explosive devices used in Mumbai were recovered from this training camp and duly matched.
Third, the fishing trawler used by the terrorists for hijacking an Indian trawler in which they sailed to Mumbai, was brought back to harbour, then painted and concealed. It was recovered by the investigators and connected to the accused.
Fourth, the engine of the dinghy abandoned by the terrorists near Mumbai harbour contained a patent number through which the investigators traced its import from Japan to Lahore and then to a Karachi sports shop from where an LeT-linked militant purchased it along with the dinghy. The money trail was followed and linked to the accused who was arrested.
Fifth, the ops room in Karachi, from where the operation was directed, was also identified and secured by the investigators. The communications through Voice over Internet Protocol were unearthed.
Sixth, the alleged commander and his deputies were identified and arrested. Seventh, a couple of foreign-based financiers and facilitators were arrested and brought to face trial....."
All this goes to show that a certain section of people who reside on Indian soil will do anything, and say anything to please their jihadi masters and attack Indian nationalism. Let all beware of the traitors in our midst...................."http://www.dawn.com/news/1198061"...............Rahul Shastri


                      
                                 


                                     
                             

                                    



Vivek Shetty : Ha ha Now from Twitter to Quitter.. And wait for few more months .....Point to be noted: here also he blames Modi supporters.