India Honest asks one simple question, why this story below cannot be true ? Why people "dare to imagine" such facts on AAP and the leader Arvind Kejriwal ? In last one year people have understood Arvind's fraudulent habit of creating cooked up drama for cheap publicity. It is possible for Arvind to do any thing to gain in politics. Shame to such killer Kejriwal politics.
महेन्द्र सिंह राजपुरोहित : केजरीवाल – यार इस बार कुछ भी करो लेकिन किसान रैली के जरिये मोदी के लैंड बिल को रोको। मोदी हमें वादे पूरे करने के लिए पैसे नहीं देगा तो हम भी मोदी का लैंड बिल पास नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए हमें कुछ भी करना पड़े।
मनीष सिसोदिया – यार मै एक आदमी को जनता हूँ। राजस्थान का दौसा जिले का किसान है और दो बार विधानसभा चुनाव हार चुका है। अगर अच्छा पैकेज देंगे तो हमारी रैली में आएगा और कुछ अलग करेगा। जिससे हमारी किसान रैली सफल हो जाएगी और मोदी का लैंड बिल रूक जाएगा।
केजरीवाल – ठीक है उसे बुलाओ।
मनीष सिसोदिया – उसे (गजेन्द्र को) मैसेज करता है और अच्छा पैकेज देने का वादा करता है।
गजेन्द्र अपने दोस्त से – यार केजरीवाल की तरफ से किसान रैली के लिए अच्छा पैकेज दिया जा रहा है मै केजरीवाल की रैली में जा रहा हूँ।
गजेन्द्र दिल्ली जाता है और मनीष सिसोदिया के घर पर खुनी प्लानिंग होती है। कुमार विश्वास भी है, अलका लम्बा भी है, केजरीवाल भी है और चांडाल चौकड़ी भी है।
गजेन्द्र केजरीवाल से – रैली में क्या करना है सर।
केजरीवाल – इस बार हमने कुछ अलग करने का सोचा है। थोड़ा खतरनाक है लेकिन सफल होने के चान्सेस अधिक हैं। अगर तुम कामयाब हो गए तो पूरे भारत में तुम्हारा नाम हो जाएगा और तुम बड़े किसान नेता बन जाओगे। हमारी पार्टी तुम्हे टिकट भी देगी।
गजेन्द्र – अच्छा जी, तो बताइये मुझे इसके लिए क्या करना होगा।
केजरीवाल – कल हमारी रैली है। तुम्हे बड़ी सी झाड़ू लेकर पेड़ पर बैठना है। लैंड बिल का विरोध करना है। किसानो के लिए नारे लगाने हैं। झाड़ू घुमाते रहना है। लोगों को ऐसा लगना चाहिए की तुम मोदी के लैंड बिल से बहुत नाराज हो और अपनी जान दे देना चाहते हो।
गजेन्द्र – और आगे सर।

केजरीवाल – लोगों की नज़र तुम पर ही रहनी चाहिए, मीडिया के सामने स्टंट करते रहना। लम्बे गमछे से फंदा बना लेना और अपने गले में डाल कर बैठे रहना।
गजेन्द्र – आगे सर।
केजरीवाल – फिर हमारा कुमार विश्वास तुम्हे लटकने का इशारा करेगा। और तुम लटक जाना। एक सुसाइट नोट तैयार कर लो और फांसी पर लटकने से पहले भीड़ के बीच में फेंक देना। जैसे ही तुम लटकोगे हमारे आदमी तुम्हे जाकर बचा लेंगे। तुम घायल होने का नाटक करना और होश में आने पर मोदी के लैंड बिल का विरोध करना। कुमार विश्वास तुम्हारे लटकने के बाद बीजेपी पर इल्जाम लगाना शुरू कर देगा। अलका लम्बा तुम्हारी फांसी पर ट्वीट करेंगी। मै तुम्हारी फांसी के लिए ग्लानि प्रकट करूँगा और मोदी के लैंड बिल को इसके लिए जिम्मेदार बताऊंगा। इस घटना के बाद तुम हीरो बन जाओगे।
(जैसे तय हुआ था – गजेन्द्र झाड़ू लेकर पेड़ पर बैठा था। लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए स्टंट कर रहा था और गले में गमछे का फंदा डाल रखा था। कुमार विश्वास ने मीडिया फुटेज में गजेन्द्र को लटकने का इशारा किया, गजेन्द्र फांसी पर लटक गया, आप के कार्यकर्ता उसे बचाने दौड़े लेकिन कुछ सेकंड लेट हो गए। गजेन्द्र के गले की हड्डी टूट गयी और वो सब लोगों के सामने मर गया। अरविन्द केजरीवाल की रणनीति फेल हो गयी)
मनीष सिसोदिया – यार मै एक आदमी को जनता हूँ। राजस्थान का दौसा जिले का किसान है और दो बार विधानसभा चुनाव हार चुका है। अगर अच्छा पैकेज देंगे तो हमारी रैली में आएगा और कुछ अलग करेगा। जिससे हमारी किसान रैली सफल हो जाएगी और मोदी का लैंड बिल रूक जाएगा।
केजरीवाल – ठीक है उसे बुलाओ।
मनीष सिसोदिया – उसे (गजेन्द्र को) मैसेज करता है और अच्छा पैकेज देने का वादा करता है।
गजेन्द्र अपने दोस्त से – यार केजरीवाल की तरफ से किसान रैली के लिए अच्छा पैकेज दिया जा रहा है मै केजरीवाल की रैली में जा रहा हूँ।
गजेन्द्र दिल्ली जाता है और मनीष सिसोदिया के घर पर खुनी प्लानिंग होती है। कुमार विश्वास भी है, अलका लम्बा भी है, केजरीवाल भी है और चांडाल चौकड़ी भी है।
गजेन्द्र केजरीवाल से – रैली में क्या करना है सर।
केजरीवाल – इस बार हमने कुछ अलग करने का सोचा है। थोड़ा खतरनाक है लेकिन सफल होने के चान्सेस अधिक हैं। अगर तुम कामयाब हो गए तो पूरे भारत में तुम्हारा नाम हो जाएगा और तुम बड़े किसान नेता बन जाओगे। हमारी पार्टी तुम्हे टिकट भी देगी।
गजेन्द्र – अच्छा जी, तो बताइये मुझे इसके लिए क्या करना होगा।
केजरीवाल – कल हमारी रैली है। तुम्हे बड़ी सी झाड़ू लेकर पेड़ पर बैठना है। लैंड बिल का विरोध करना है। किसानो के लिए नारे लगाने हैं। झाड़ू घुमाते रहना है। लोगों को ऐसा लगना चाहिए की तुम मोदी के लैंड बिल से बहुत नाराज हो और अपनी जान दे देना चाहते हो।
गजेन्द्र – और आगे सर।

केजरीवाल – लोगों की नज़र तुम पर ही रहनी चाहिए, मीडिया के सामने स्टंट करते रहना। लम्बे गमछे से फंदा बना लेना और अपने गले में डाल कर बैठे रहना।
गजेन्द्र – आगे सर।
केजरीवाल – फिर हमारा कुमार विश्वास तुम्हे लटकने का इशारा करेगा। और तुम लटक जाना। एक सुसाइट नोट तैयार कर लो और फांसी पर लटकने से पहले भीड़ के बीच में फेंक देना। जैसे ही तुम लटकोगे हमारे आदमी तुम्हे जाकर बचा लेंगे। तुम घायल होने का नाटक करना और होश में आने पर मोदी के लैंड बिल का विरोध करना। कुमार विश्वास तुम्हारे लटकने के बाद बीजेपी पर इल्जाम लगाना शुरू कर देगा। अलका लम्बा तुम्हारी फांसी पर ट्वीट करेंगी। मै तुम्हारी फांसी के लिए ग्लानि प्रकट करूँगा और मोदी के लैंड बिल को इसके लिए जिम्मेदार बताऊंगा। इस घटना के बाद तुम हीरो बन जाओगे।
(जैसे तय हुआ था – गजेन्द्र झाड़ू लेकर पेड़ पर बैठा था। लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए स्टंट कर रहा था और गले में गमछे का फंदा डाल रखा था। कुमार विश्वास ने मीडिया फुटेज में गजेन्द्र को लटकने का इशारा किया, गजेन्द्र फांसी पर लटक गया, आप के कार्यकर्ता उसे बचाने दौड़े लेकिन कुछ सेकंड लेट हो गए। गजेन्द्र के गले की हड्डी टूट गयी और वो सब लोगों के सामने मर गया। अरविन्द केजरीवाल की रणनीति फेल हो गयी)