India Honest appreciates the courage (heinous manners) of the AAPtards, who still dares to post PRAISE for Arvind & gang........Why not, when God is with them ( 67 / 70 ) ? Why they will be ashamed of ? What for ? Lot of people die everyday in India !! Even God won't ever raise a question, neither here on earth , nor when they goes up !!.
1. गजेन्द्र सिंह किसान नहीं एक वेल-सेटल्ड बिजनेस मैन था, 'आप' के कहने पर किसान बनने का नाटक किया था।
2. उसका अपना खुद का वेबसाइट है।
3. गजेन्द्र सिंह का परिवार एक सम्पन्न परिवार है। गजेन्द्र सिंह के चाचा गोपाल सिंह सरपंच हैं और इससे पहले लगातार तीन बार गजेन्द्र सिंह की चाची सरपंच रही थी।
4. गजेन्द्र सिंह सपा की राजनीति करता रहा था। गजेन्द्र सिंह वर्ष 2007-08 में सपा से जिला अध्यक्ष रहा है। फिर उसने 'आम आदमी पार्टी' ज्वाइन कर लिया।
5. उसको 'आप' के मनीष सिसोदिया और अरविन्द केजरीवाल ने फाँसी लगाकर मरने की नाटक करने के लिए तैयार किया था।
6. फिर उसको पेड़ से उतरकर स्टेज पर अपना एक मार्मिक खत पढ़ना था जिसमें सर्वथा मोदी सरकार के खिलाफ लिखा था।
7. मगर नाटक का रिहर्सल नहीं कराया गया था और गलती से वह सचमुच मर गया।
8. वह जब पेड़ पर चढ़ रहा था तब कुमार बिस्वास उसकी एक एक हरकत का कमेंट्री कर रहा था।
9. उसके फाँसी लगाने के पहले ही कुमार बिस्वास कहने लगा था - "वो लटक गया - वो लटक गया।"
10. उसके मौत का जिम्मेवार अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कुमार बिस्वास है।
11. इन तीनों के ऊपर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए।
12. इस सारे मामले की जांच सी.बी.आई. से करानी चाहिए।
