
राष्ट्रवादी युवा वाहिनी's photo
Captain Vikram Batra जब शहीद हुए तो उनके कॉलेज के दोस्तों ने Punjab Universisity Chandigarh के एक सभागार में उनकी याद में एक श्रद्धांजलि सभा रखी । उसमे एक लड़का जो उनके साथ स्कूल में पढ़ा था वो एक संस्मरण सुना रहा था । Vikram Batra बचपन से ही बौड़म किस्म का था । बहुत loud था । जिस किसी से भिड़ जाता । लकड़ी लेने की आदत थी । बहुत तेज़ आवाज़ में बोलता था । तुरंत उत्तेजित हो जाता था । कॉलेज में उसे फुकरा तक कहा जाने लगा । जिस किसी से भिड़ जाना । उलझ जाना । फ़ौज में गया तो वहाँ भी वहाँ तो सभी फौजी थे आधे पागल बौड़म कहीं के ये उन पागलों में भी अव्वल दर्जे का बौड़म था । कारगिल में भी सबसे आगे ही रहा । सही है पागल न होता तो आज वो भी कहीं किसी corporate job में मोटा पैकेज ले रहा होता पागल ही तो था जो उस रात सूबेदार रघुनाथ को रोक खुद आगे गया !
ठीक कहती है शोभा डे एक पागल फौजी जनरल बनने से बेहतर है #Presstitute बनना पागल ही तो हैं ये फौजी सारे चल देते हैं जब तब जान हथेली पे ले के ।