स्वाती सिंह एक साधारण गृहणी है , नेता की पत्नी होने का गरूर नहीं है , वो गाड़ी में नहीं , TVS स्कूटी से चलती है. रोज सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ती है. घर के लिए सब्जी लाने जाती है. आशियाना के मोहल्ले वालों की माने तो वह आम गृहणी बहुत ही सहज स्वभाव की है.
दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाती सिंह के स्वामिभान को चोट पंहुचा कर मायावती और उनके ही साथी निजामुद्दीन ने उसकी तथा उसके परिवार को चोट दी हे ! ये शायद अभिमानी मायावती को महंगा पड़ेगा क्योकि महज 24 घंटे के भीतर स्वाती ने मायावती पर जो पलटवार किया है उसने उत्तर प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है. स्वाती आज एक चोट खाया आम नागरिक का चेहरा बन चुकी है. अपनी सास, मां और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वाती जिस तरह से लड़ रही हैं, उससे स्वाती यूपी में हर औरत और हर घर का चेहरा बनती जा रही है.
पति के लिए शुरू की जंग....दरअसल मायावती पर भद्दा बयान देने के बाद जिस दयाशंकर को सभी राजनीतिक पार्टियों ने अछूत घोषित कर दिया था. जिसे बीजेपी ने खुद पार्टी से निकाल दिया. उसी दयाशंकर को लेकर जो लड़ाई स्वाती ने छेड़ी है, उसके समर्थन में बीजेपी शनिवार को सूबे की राजधानी लखनऊ में बेटी के सम्मान को लेकर मैदान में उतरने के लिए कमर कस ली है.
स्वाती के बयानों और आरोपों पर मायावती लाख सफाई दे रही हों लेकिन सच तो ये है कि मायावती ने खुद अपने सलाहकारों को जमकर फटकार लगाई है. हलांकि अपने कॉडर को बचाने के लिए मायावती ने उनपर कोई कार्रवाई तो नहीं कि है लेकिन नसीमुद्धीन सिद्धकी से लेकर रामअलच राजभर तक को खरी खोटी सुनाने में कोई कसर नहीं बख्शी है. यहां तक कि नीचे से लेकर ऊपर तक बैठे नेताओं को साफ चेतावनी दी है कि ऐसी हरकत दोबारा करने कर उन्हे बख्शा नहीं जाएगा.
सता रहा है मायावती द्वारा राजयसभा में दिया असम्मान और निजामुद्दीन जैसे भेडियो से सुरक्षा का डर.......स्वाती सिंह की 12 साल की बेटी लखनऊ के लेरॉन्टो कानवेंट स्कूल में पढ़ती है. जिसे स्वाती सिंह खुद स्कूटी से स्कूल छोड़ने जाती है. इसके अलावा घर की सब्जी से लेकर राशन तक का सामान स्वाती खुद ही लाती है. इसलिए उस पर खतरे का डर ज्यादा है. जिसके चलते स्वाती ने पुलिस सुरक्षा की मांग की है !..........Ashok Jain

स्वाति सिंह ने वो कर दिखाया जो पूरी BJP सोंच तक नहीं पायी और वो भी तब जब इनके पति दया शंकर सिंह को BJP से 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया गया और पति घर से भागा भागा फिर रहा है ।
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एक अकेली महिला, एक नाबालिग बेटी की माँ ने अपनी सास के साथ मिल कर मायावती जैसी अख्खड़ नेता को धूल चटा दिया,...... चूलें हिला दी बसपा के गुंडागर्दी की ।इतने से नहीं रुकेगी.. अब "स्वाति सिंह" मायावती और नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ POCSO Act के तहत मामला दर्ज करवायेगी.. !इतने से नहीं रुकेगी......................
रमेश चन्द्रा
Nitin Chauhan.....कुँवर रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया ने दयाशंकर सिंह के पक्ष में अभी इलाहाबाद में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहें की " राजपूत जाति " को कोई भी पार्टी सिर्फ वोट बैंक नहीं समझें , यदि कोई भी नेता राजपूत समाज के ऊपर अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तों उसका परिणाम बहुत ही बुरा होगा , दयाशंकर सिंह जी निर्दोष हैं , मिडीया उनकी बातों को तोङ मङोर कर पेश किया हैं । रहीं बात मायावती की तों प्रदेश की जनता जानती हैं कि ये किस तरह महिलाओं की सम्मान करतीं हैं ।
राजपूत नेता संगीत सिंह सोम ने शामली जिले में स्वाति सिंह के पक्ष में हजारों कार्यकर्ताओं के साथ रैली निकाल कर मायावती और BSP नेता नसीमुद्दीन खान को शक्स लहजे में चेतावनी दी और कहें कि हम राजपूत समाज भी कोई चूड़ियाँ नहीं पहन रखी हैं । हमारें समाज में महिलाओं के ऊपर जो हाथ उठेगा उस हाथ को उठने से पहले ही मैं काट लूँगा । बलिया में हजारों राजपूत समाज के लोगों ने मायावती और उसके गुण्डों को ललकारते हुए बोलें की हिम्मत हैं तों आमने सामने लङे । आरक्षण और SC/ST एक्ट के आर में तों चूहा भी पहलवान बनने की कोशिश करता हैं ।
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मायावती क्या है या नहीं मुझे नहीं पता पर यह जग जाहिर हे कि वो वोट और सत्ता पाने को देश और समाज को भी तोड़ सकती हे और उसके समर्थक तो बद्तमीज बददिमाग, मुर्ख भी जरूर हैं, दयाशंकर से भी कई गुना ज्यादा शर्म आती है और डर भी आता है ऐसे नेताओं से और ऐसी गंदी राजनीति पर।
......हम सब आज भी सिर्फ ब्राम्हण , राजपूत, बनिया लाला, दलित , जाट गूजर अहीर चमार जाटव बन के रह गए हैं , हिन्दू तो कभी बन ही नहीं पाये , और न भारतीय ही बन पाये । और जो हैं वो न भारतीय हैं , और न शेख सय्यद खान पठान जुलाहा कुरैशी शिया सुन्नी, वोट देते समय वो सिर्फ और सिर्फ मुसलमान हित के सोच में होते हैं, प्रायः देश हित के विरुद्ध भी !पर हम साठ वर्ष बाद भी नहीं सुधरे हम अभी भी पुरानी ऊंच नीच की सोच में फंसे हे ! पर हम जब तक अपनी जातीय अस्मिता को भूल हिंदुत्व, जो की भारतीयता का दूसरा रूप है, की अस्मिता को नहीं जागृत करेंगे , इसी तरह पददलित होंगे ...आपस में टूटते रहेंगे .... गुलाम बनेंगे , गुलाम रहेंगे । जाति छोड़ हिन्दू बनो, हिंदुत्व अपनाओ......और सबसे पूर्व देशभक्त भारतीय बनो। ........देश को जोड़ने की सोचो, तोड़ने की नहीं......................Ashok Jain