उत्तरप्रदेश से फिर एक बार दंगे की खबर आ रही है.उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ के निज़ामाबाद कसबे के खुददपुर गाँव में दंगाई मुस्लिमो ने एक दलित का घर जला दिया.आये दिन उत्तरप्रदेश में दंगाई की घटनाएँ होती रहती है,पर मीडिया आगे से आगे कवर करती है लेकिन ये ऐसी घटना जिसकोलेकर मीडिया अब तक शांत है !
गाँव मुस्लिम बाहुल्य है, और निज़ामाबाद इलाका भी मुस्लिम बाहुल्य है.गाँव के रहने वाले मुसाफिर नाम के दलित ने 4 मुस्लिमो पर दलित विरोधी टिपण्णी की शिकायत पुलिस में की थी.मुस्लिमो नेमुसाफिर को धमकी दी केस वापस लेने को पर मुसाफिर नहीं माना, जिसके बाद शनिवार की रात को दंगाइयों ने हिन्दुओ के घरो पर हमला करते हुए मुसाफिर का घर जला दिया. संवेदनशील विषय के कारण पुलिस फ़ौरन मौके पर पहुची इस दंगा रविवार की सुबह तक चला इलाके में दंगाइयों के खौफ के कारण हिन्दू दहशत में हैं पुलिस राजनितिक कारणों से दंगाईयो के खिलाफ कोई भी एक्शन लेने से डर रही है !
दलित देवी मायावती कुछ तो शर्म करो , क्या ढोंगी देवी को सुध भी है कि नाक के नीचे मुस्लिम बाहुल्य निजामाबाद में दलितो के घरों को जला दे रहे है ?
सबसे शर्मनाक बात ये है की दलित के ऊपर अत्याचार पर 24*7 एक्टिव रहने वाली मीडिया, शनिवार से आज तक एक दम चुप है. सबसे बड़ा दुख इस बात का है की media ऐसी खबरों को कवर नहीं करती जो बेहद महत्वपूर्ण होती है !
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क्या माया मेमसाब दलित हित के लिये आजमगढ़ के दंगा प्रभावित अनुसूचित हिंदू घरों में गई? क्या किसी पप्पू, केजरू, #प्रेश्या ने आजमगढ़ में सेल्फी ली। चम्पारण - बिहार में बालिका का सामूहिक निर्भया कांड होता है - मुस्लिमों द्वारा।
आगरा में हत्या, साहिबाबाद में पलायन, सहारनपुर में हत्या, वाराणसी, मेरठ ऐसी दर्जनों जगह हत्या, बलात्कार हुए। किसी अम्बेडकरवादी पेरियार प्रेमी ने ठोस कार्य नहीं किया। ४ वर्ष पूर्व जब जेहादियों द्वारा लखनऊ में बुद्ध प्रतिमा तोड़ी जा रही थी, तो माया से प्रेरित प्रेत कहाँ दुबके बैठे थे?.............Shilpi Tiwari
बीजेपी एक दलित सांसदों और एक मुस्लिम सांसदों की टीम तैयार करे जो किसी भी गैर एनडीए शासित राज्य में दलितों और मुसलमानों पर होने वाले अत्याचारों की घटनाओं की समीक्षा करने के लिए भेजी जाएँ। इसी प्रकार की एक टीम अन्य हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों को भी देखने के लिए बनाई जाये।कांग्रेस, कम्युनिस्ट और आपियों की तरह बीजेपी को भी इस बारे में सचेत और सक्रीय होना पड़ेगा। ...........Suresh Vidyarthi