सिद्धू वाणी ...आ गया बाज़ार में हूँ मैं भी बिकने के लिए मुझको पाने के लिए तू दाम तो बढ़कर लगा

एक बात है सर जी के जैसा ईमानदार और उम्दा कीमत देने वाला 
देश की राजनीती में कोई है भी नहीं ...ठोको ताली......
मेरे जैसे वो भी अपने साथ ही रखता उसूल इसलिए दुश्मन मुझे तो भाई से बेहतर लगा

आ गया बाज़ार में हूँ मैं भी बिकने के लिए, 

मुझको पाने के लिए तू दाम तो बढ़कर लगा !.....Narendra Dubey

  


नवजोत सिंह सिद्धू के भाजपा छोड़ने के दावों की हकीकत.....
1# दावा : सिद्धू ने कहा- इस्तीफा मैंने इसलिए दिया, क्योंकि मुझे कहा गया कि पंजाब की तरफ मुंह नहीं करोगे।

हकीकत : पार्टी ने राज्यसभा मेंबर बनाने के बाद उन्हें पंजाब की कोर कमेटी का मेंबर बनाया। कोर कमेटी में वे अकेले ऐसे मेंबर हैं जो राज्य के पूर्व बीजेपी चीफ नहीं हैं।


2# दावा : एक बड़े नेता के कहने पर बीजेपी में आया। जब मुझ पर केस हो गया तो उसी बड़े नेता के कहने पर सरेंडर किया। अपनी सीट से इस्तीफा देने में 5 मिनट भी नहीं लगाए।
हकीकत : जिस बड़े नेता का नाम लेने से सिद्धू कतराते रहे, कभी उन्होंने उसे अपने राजनीतिक गुरु कहा था। अरुण जेटली ही उन्हें क्रिकेट से पॉलिटिक्स की दुनिया में लाए थे। उनके कहने पर उन्होंने पटियाला में सरेंडर किया था और सुप्रीम कोर्ट में उनके केस की पैरवी भी जेटली ने ही करवाई थी।

3# दावा : सिद्धू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- मैं जानता हूं कि कुछ लोगों के दबाव में मुझे पंजाब से दूर किया जा रहा है, लेकिन मैं पंजाब के लोगों को नहीं छोड़ सकता।
हकीकत : उनका इशारा अकाली दल की आेर था। 2009 में जब वह अमृतसर से तीसरी बार जीते और ताज होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो इन्हीं अकालियों के गुण गाते वे थकते नहीं थे, क्योंकि सिद्धू अकाली दल की मदद से जीते थे, जबकि बीजेपी चार सीटों पर बुरी तरह हारी थी।

4# दावा: सिद्धू ने कहा- ये नफा-नुकसान की बात नहीं है दोस्त। ये पहली बार हुआ हो तो भी बर्दाश्त है। लेकिन ये तीसरी-चौथी बार हो रहा है।
हकीकत : सिद्धू पहली बार 1 लाख से ज्यादा वोट से जीते, लेकिन तीसरी बार मार्जिन 6700 वोट ही रह गया। अमृतसर में उनकी गुमशुदगी के पोस्टर लगे। इस बार अमृतसर में उनकी हार तय मानी जा रही थी।

5# दावा : कैसे छोड़ दे सिद्धू उनको, जिन्होंने हमें 4 बार जिताया। कोई पार्टी पंजाब से ऊपर नहीं।
हकीकत : श्रीगुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के कारण पंजाब जल रहा था, सिद्धू कॉमेडी शो में व्यस्त थे। दो बड़े आतंकी हमले हुए, सिद्धू चुप रहे। पंजाब का पानी छीनने की कोशिश हुई, सिद्धू चुप रहे।......पुजा राय