POLITICS ON DALIT IS GROWING IN MEDIA , BUT ELECTED MPs SLEEPING.

मोदी सरकार को बनाने में एकजुट हिंदू वोट ने मुख्य भूमिका निभाई थी पर , बड़ी ही होशियारी से उस एकता को धीरे धीरे तोड़ी जा रही है ।हर उस राज्य में जहाँ BJP की सरकार है दलित के साथ मामूली घटना को बड़े ज़ोर से उठाया जा रहा है और दूसरे राज्यों में दलितों (बाक़ी हिंदू सहित ) पर हो रहे ज़ुल्म को दबा दिया जा रहा है । BJP के नेता / कार्यकर्ता सो रहे हैं .... बाज़ी हाथ से निकलती जा रही है । कल तक मोदी जी को समर्थन करनेवाले हिंदू अचानक से दलित बन गए हैं । विरोधी की चाल सफल हो रही है .......






भारत में सिर्फ मायावती का अपमान ही दलितों का अपमान है,

बाकी पूरे देश में ये कहीं भी कोई दलित मार खाए या उसे पेशाब 

पिलाया जाए देवी जी को कोई फर्क नहीं पड़ता !

दलित और सवर्ण के झगड़े में बँटना छोड़िये, वे हमारे साझे दुःख थे। जिन दिनों आप कष्ट काटते थे, उन दिनों सवर्णों के लिए भी कोई सुख का भंडार नहीं था। सुख सदैव दो फीसदी लोगों के हिस्से में रहा है।
दलित सवर्ण तमाशे का सच देखना हो तो आइये मैं दिखाता हूँ। 
आइये, देखिये गोपालगंज के थांवे शक्तिपीठ में सैकड़ों किलोमीटर दूर से आती नवविवाहित दुल्हनें अपने पति के गमछे में बधे अपने आँचल के कोर से जिस रहसु देव की मूर्ति का पांव पोछती हैं, वो रहसु देव जाति के चमार थे।
देखिये झारखण्ड में, मात्र सौ-डेढ़ सौ साल पहले जन्मे जिस योद्धा को आज पूरा राज्य भगवान कह कर पूजता है, वे विरसा भगवान भी दलित थे।
आपके उत्तर प्रदेश में ही पूरा राज्य क्या रविदास को भगवान कह कर नही पुजता?
छोड़िये इन आपसी झगड़ों को। आपको आपस में तोड़ने के हजारों तरीके अपनाये जायेंगे, राजनैतिक दलाल हमारी आपकी बस्ती में आग लगाने के सैकड़ों मौके ढूंढेंगे। स्वयं एयर कंडीसन में बैठ कर आपको आग में झोंकने वाले कथित विचारक खूब जहर उगलेंगे। राजनैतिक गलियारों से हर महीने लाखों का उत्कोच ले कर जहर बोने वाले खूब प्रवचन देंगे। इन जहरीले लोगों से बचने का प्रयास कीजिये। यह समय स्वयं की रक्षा करने का है, और यह काम आप साथ रह कर ही कर सकते हैं।
उठिए, खड़े होइए, और बताइये राजनीत के इन गंदे चेहरों को, कि भारत की बेटियां किसी के आगे पेश होने के लिए नहीं जन्मीं। बताइये कि हम अभी इतने असहाय नही हुए कि कोई हमारी बेटियों की ओर गन्दी नजर डाले और हम देखते रहें। ..........

.....बताइये कि हमारी बेटियां हमारी पूज्य हैं, हमारी लक्ष्मी हैं।
असहिष्णु मुरली


नीतीश कुमार के सुशासन बाबू के नारे के बीच  में दलितों पर अत्याचार का आरोप लगा है बिहार के दरभंगा में घर में घुसकर मां बेटी की पिटाई और उनसे बदसलूकी का आरोप है तो मुजफ्फरपुर में दलित युवकों के साथ इंसानियत की हदें पार करने का आरोप लगा है।

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बिहार में मुजफ्फरपुर में दलित हिन्दुओं के साथ के साथ इंसानियत को  शर्मसार करने वाली घटना सामने आयी थी । जहां मोटरसाइकिल चुराने के आरोप में दबंगों पर दो युवको को जमकर पीटने और इससे भी जी नहीं भरा तो इनको पेशाब पिलाने का आरोप लगा हुआ है  है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगो को गिरफ्तार किया है साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है पर भारत की मीडिया को गैर बीजेपी राज्यों के दलित हिन्दू ना कभी दिखाई दिए हैं ना ही देंगे क्यूंकि ये लोग केवल बीजेपी राज्यों को ही बदनाम करना जानते हैं | 

आरोप है कि इस दलित महिला के साथ गांव के एक मुस्लिम और उसके गुर्गों ने जमकर मारपीट की। दरभंगा के गांव में ये महिला मनरेगा के तहत मिला अपनी मेहनत का 300 हजार रुपया निकालकर आई तो समीउर रहमान नाम  के बिचौलिए ने कमीशन मांगा और नहीं देने पर इनका ये हाल किया। आरोप है कि जब महिला की बेटी बीच बचाव के लिए आई तो उसके साथ भी मारपीट की गई और उनकी गाय और बछड़े को भी मुस्लिम गुंडे के मुस्लिम गुंडे के गुर्गे ले गये | 

सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या इन हिन्दू माँ बेटी को दलित माना जायेगा ? क्यूंकि मारने वाला मुस्लिम है और केजरिवालों , राहुल गांधियों और मायावतियों जैसे नेताओं के लिए मुस्लिम वोट बैंक ज्यादा बड़ी चीज़ है इसलिए इस बार इन माँ बेटी को दलित हिन्दू शायद ही माना जाये और शायद ही कोई मीडिया इस पर बहस करे और आपको 100 % गारंटी देते हैं कि रोहिल वेमुला के लिए हैदराबाद जाने वाले और अभी दलित हिन्दुओं की OBC  द्वारा पिटाई के मामले में गुजरात जाने वाले नेता बिहार बिलकुल नही जायेंगे क्यूंकि वहां बिहार में सरकार  ना होने की वजह  से  बीजेपी को बदनाम नही किया जा सकता |