दिग्विजय सिंह जी बुढ़ापे में हड्डी जुड़ने में बहुत समय लगता है ।
और हां "राय के साथ रात की नाकामी" का गुस्सा एक सुरक्षा गार्ड पर क्यों उतार रहे हैं ?.
.आज दिग्विजय सिंह ने एक STF के जवान को चाटा सिर्फ इस लिए मार दिया क्योकि ओ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया ओ भी अपने अधिकारी के आदेश पर । कल्पना करें यही कुकृत्य बीजेपी का कोई नेता करता तो अभी तक देश की बिकाऊ मीडिया में भूचाल आ जाता । पर दिग्गी के मुद्दे में मीडिया चुप्पी साधे हुए है क्यों ?...
देखने वात ये है की मीडिया डिबेट करती है क्या इस मुद्दे पर । ये बहुत गंभीर घटना है । STF के जबान की कोई इज्जत नही होती क्या ? दिग्गी जैसा घटिया नेता एक देश भक्त जबान को पीट देता है । ये बहुत ही सर्मनाक मामला है । दिग्गी को माफ़ी मांगनी चाहिए ।.............Nageshwar Singh Baghel

गौरव कुमार : कहाँ गया हिंदुस्तान का मीडिया ??अगर ये काम भाजपा के कार्यकर्ता ने किया होता तो अब तक वो आतंकवादी घोषित हौ गया होता! लेकिन अंतर ये है की ये साहब कॉंग्रेस के बड़े दिगज नेता है ये देश के सेवा मॆ तैनात सैनिक को मार सकते है!
Pushp Kumar Chanchal हमारे यहां एक कहावत है ।कम काबू और पित घनेरा ।लात खाए के इहे बेड़ा ।अर्थात शरीर कमजोर हो और बेवजह ज्यादा गुस्सा आए यह पिटने की निशानी है ।वह सुरक्षाकर्मी अगर बुढऊ को एक थप्पड लगा दे तो गाल लाल और धोती गीली हो जाएगी ।पता नही क्यो इस डौग विजय को देखते ही इसे लतियाने का मन करता है देखते है ईश्वर कब मौका देता है l