दयाशंकर के बयान पर मायावती की घटिया सियासत का राज....राज्य की सत्ता हथियाने का नया पोल कार्ड !

भाजपा के तत्कालीन उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की अभद्र टिप्पणी के चलते देशभर में बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के लिए सहानुभूति की लहर दौड़ गई थी और हर तरफ से दयाशंकर के खिलाफ आवाजें उठ रही थीं.दयाशंकर द्वारा इस्तेमाल एक शब्द का विरोध करने के लिए लखनऊ के हज़रतगंज में बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिन अश्लील नारों का इस्तेमाल किया उसकी चारों ओर आलोचना हो रही है और अब बहुजन समाज पार्टी ही ख़ुद बैकफुट पर आ गई है.बीएसपी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को भाजपा से निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह की गिरफ़्तारी के अलावा ‘दयाशंकर सिंह की बहन को पेश करो’, ‘दयाशंकर सिंह की बेटी को पेश करो’ जैसे नारे लगाए थे !
MayawatiPublic Rally Of BSP Supremo Mayawati At Nawanshahar In Punjab
खुली मायावती की पोल? दयाशंकर सिंह के बयान पर की ये घटिया सियासत, सूबे की सत्ता हथियाने का नया कार्ड !
विभिन्न राजनीतिक दलों के अलावा दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह ने भी इन नारों पर आपत्ति जताई है और अपने परिवार पर ख़तरा बताया है. स्वाति ने कहा कि इस पूरे विवाद के बाद उन पर और उनकी बेटियों पर की गई अमर्यादित टिप्पणियों से वे बेहद दुखी हैं.स्वाति ने कहा कि इस तरह की भद्दी टिप्पणियों से उनकी बेटियां बहुत डर गई हैं. इस मामले को लेकर दयाशंकर सिंह की मां त्रेता सिंह बसपा प्रमुख मायावती और नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी के खिलाफ़ केस दर्ज करवाने जा रही हैं.स्वाति सिंह ने मायावती से पूछा है कि उनके पति ने गलती की है तो कानून उन्हें सजा देगा, लेकिन उनके परिवार और उनकी बेटियों को लेकर जो भद्दी टिप्पणियां की जा रही हैं, उनका जवाब कौन देगा? उन्होंने कहा, 12 साल की बेटी को लेकर अभद्र बातें कही जा रही हैं वो बेहद दुखद हैं !
बसपा नेताओं के खिलाफ दर्ज हुई FIR, स्वाती के समर्थन में एकजुट हुआ सोशल मीडिया
बसपा सुप्रीमो मायावती पर अमर्यादित टिप्पणी के मामले में एक नया मोड़ आ गया | पूर्व बीजेपी नेता दयाशंकर की पत्नी ने उनके परिवार पर भद्दी टिप्पणियों के खिलाफ बसपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है |स्वाति ने बसपा नेताओं पर उनकी बेटी को मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है. स्‍वाति ने कहा कि बसपा कार्यकर्ता उनके परिवार के खिलाफ अश्‍लील भाषा का इस्‍तेमाल कर रहे हैं. इससे सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली उनकी 12 साल की बेटी डरी हुई है.स्‍वाति ने कहा, मेरी बेटी ने क्‍या अपराध किया है तो बसपा कार्यकर्ता हमें गालियां दे रहे हैं? यदि ऐसे शब्‍द मायावतीजी को चोट पहुंचा सकते हैं तो फिर हमें और मेरी बेटी को उनसे दुख क्‍यों नहीं होगा? वह गंभीर मानसिक यंत्रणा से गुजरी है.स्वाति के अनुसार उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं. बसपा कार्यकर्ता अपशब्‍दों का प्रयोग कर रहे हैं. दयाशंकर की बेटी ने बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दिकी के बयान पर रोते हुए उनसे पूछा है, नसीम अंकल, मुझे बताइए कहां आना है आपके पास पेश होने के लिए !
स्वाति ने कहा, अगर हमारे साथ कुछ भी होता है तो उसके जिम्‍मेदार बसपा नेता होंगे. जो कुछ भी मेरे पति ने कहा है उस पर कानून अपना काम करेगा लेकिन उन्‍हें एक अपराध के लिए चार बार दंडित नहीं किया जाना चाहिए.स्‍वाति ने कहा, लोग कह रहे हैं कि मेरे पति की जीभ लाने वाले को 50 लाख रुपये दिए जाएंगे. वे निचले तबके से आते हैं तो वे क्‍या कुछ भी कह सकते हैं. जो बसपा के लोग कह रहे हैं वे निंदनीय नहीं है. क्‍या ऐसे लोगों को पार्टी से नहीं निकाला जाना चाहिए !
बसपा नेताओं की अश्लील नारेबाज़ी भाजपा ने नारेबाज़ी करने वाले नेताओं पर कार्रवाई की भी मांग की है. पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा का कहना है कि बसपा को इस मामले में राजनीति अब बंद कर देनी चाहिए.श्रीकांत शर्मा ने कहा कि जब लखनऊ में कथित गेस्ट हाउस कांड हुआ था, उस समय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ही उनके मान-सम्मान की रक्षा की थी.बसपा नेताओं के प्रदर्शन के दौरान नारेबाज़ी में जब इस भाषा का इस्तेमाल हो रहा था उस समय बसपा के तमाम बड़े नेता और विधायक वहां मौजूद थे. ये सब पहले से तय था या फिर अचानक कुछ लोगों ने जोश में ऐसा कहा, इस पर बात करने के लिए बसपा का कोई नेता तैयार नहीं है !
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि राजनीति में विरोध अपनी जगह है लेकिन भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए और जो इसका उल्लंघन करेगा उसके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई होगी.दयाशंकर सिंह को भारतीय जनता पार्टी ने निष्कासित कर दिया है, लेकिन बसपा उनकी गिरफ़्तारी की मांग कर रही है. बसपा ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 36 घंटे का समय दिया है और इस बीच अपना प्रदर्शन स्थगित रखा है.इस बीच दयाशंकर की गिरफ़्तारी को लेकर पुलिस ने उनके कई ठिकानों पर छापे मारे. फ़िलहाल उनकी गिरफ़्तारी नहीं हो सकी है. उनके ख़िलाफ़ बसपा नेताओं ने एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है !