Religion doesn't Hurt Anything, it is How the Sick Minds Translate it, that Hurts.

                           

Malay Dwivedi मैं जानता हूँ कि धर्म क्या है परन्तु उसमें मेरी प्रवृत्ति नहीं है। मैं यह भी जानता हूँ कि अधर्म क्या है परंतु 
उससे मुझे निवृत्ति नहीं है। मेरे हृदय में स्थित देवता मुझे जिस ओर ले जाना चाहता है मै उधर ही चलता जाता हूँ।
जानामि धर्मं न च मे प्रवृत्ति: ,जानाम्यधर्मं न च मे निवृत्ति:


Anand Tiwary लेकिन यह अहंकार दूर कर पाना दुष्कर कार्य है ! अहंकार दूर होते ही व्यक्ति सच्चा संत महात्मा या कहा जाये 
तो देवत्व पा जाता है ! और बड़े बड़े संत कहलाने वाले मनुष्यों के पास यह और भी अधिक देखने में आता है ! समभाव रखने वाले 
संत तो इसी लिये अपनी प्रसिद्धि से दूर रहते है !

Pawan Kumar Gupta : इंसान को अपने किये हुए कर्मो पे पूर्ण भरोसा होना चाहिए की वो जो कर रहा ह उससे उसको या किसी समाज के वक्ती को नुकसान तो नहीं हो रहा ह,यदि नहीं तो आपके किये कर्म श्रेस्ट अनयथा गलत । 
यदि कर्म सही नहीं तो उसका भुगतान आपको सहना पड़ेगा।गीता भी यही उपदेश देती ह इंसान सुख व् दुःख पाता ह अपने कर्मो के हिसाब से।

    • Noelle Elisabetta Andersdatter   That's all fine, but quit pretending that a world    without    religion   will   be 
    • some fantasmical utopian paradise where nobody finds reasons to do all of those things.
  • Kristijonas Jankauskas As a reply to this, two words: fascism and communism. Both atheistic ideologies, both killed many millions of people. Religion, spirituality, are not intrinsically bad/evil/destructive. Look at daoism, buddhism, sikhism, confucianism, hinduism - all nearly immaculate religions. Problem is, some religions are misinterpreted. For example Jesus taught us that we are all sons of God. Yet, many misinterpreted his message by bringing him on pedestal - creating a hierarchy in a teaching that taught against it (Jesus fought against pharisees). So it is actually the down-to-earth, politicizing and pragmatic nature of man that made some religions as tools for atrocities - through misinterpretation. I'm not saying 100% of teachings and religions are constructive. In particular, many parts of Koran are destructive. That being said, Koran might itself be a misinterpretation, a failed remake of Christianity. That being said, Islam still has many great parts. Sufism in my opinion is a truly fascinating and touching part of Islam.

Storm Cat Religion doesn't hurt anything. It is the people that translate it in the sick minds that do. The Christians were pretty brutal when they came to killing anyone that did not convert. The genicide of that religion in the Americas and Europe mounted to millions of lives lost. Also the thousands of abortions carried out by priest and nuns against their own beliefs. The torture and burning people alive in the name of god. Just to mention a few things. grin emoticon People are just cruel and want to control those that disagree, religion has been used as a toll for this for years..


Elizabeth Splinter That's not religion.... That's crazy people. If we look at religious teachings....the 10 commandments given to Moses, Jesus' teachings on how to love one another....it's all good. People can misinterpret and radicalize anything. The world needs religion....any and all religions - that focus on loving God, loving your neighbour and loving yourself. The problem is not religion. It's people.


Vide Veritas I'm not the biggest fan of religion but people do all of those things, not religion, it can't as it is just an idea a grouping ideologies. People give religion power. It is people using any means they can to execute their agenda that creates these issues. It tends to happen in religions, governments and other large communities as they all fear monger as a means of controlling large bodies of people.













तसलीमा नसरीन: आत्‍मकथा मेरे बचपन के दिन : ईद, खुले मैदान में कुर्बानी की तैयारियां होने लगीं ।

Image result for taslima nasrin photos     तसलीमा नसरीन:......मेरे बचपन के दिन की  ईद
ईद की सुबह स्‍नानघर में घर के सभी लोगो ने बारी-बारी से कोस्‍को साबुन लगा‍कर ठण्डे पानी से गुस्‍ल किया। मुझे नए कपड़े -जूते पहनाए गए, लाल रिबन से बाल से बाल संवारे गए, मेरे बदन पर इत्र लगाकर कान में इत्र का फाहा ठूंस दिया गया। घर के लड़कों ने कुर्ता-पाजामा पहनकर सिर पर टोपी लगाई । उनके कानों में भी इत्र के फाहे थे । पूरा घर इत्र से महकने लगा।

घर पुरूषों के साथ मैं भी ईद के मैदान की ओर चल पड़ी । ओह कितना विशाल मैदान था। घास पर बिस्‍तर के बड़े-बड़े चादर बिछाकर पिताजी ,बड़े भैया , छोटे भैया और बड़े मामा के अलावा मेरे सभी मामा वहां नमाज पढ़ने के लिए खड़े हो गए। पूरा मैदान लोगों से भरा हुआ था । नमाज शुरू होने के बाद जब सभी झुक गए, तब मै मुग्‍ध हो‍कर खड़ी-खड़ी वहां का दृश्‍य देखने लगी। बहुत कुछ हमारे स्‍कूल की असेम्‍बली के पीटी करने जैसा था , जब हम झुककर अपने पैरो की अगुलियां छूते थे , तब वहां भी कुछ ऐसा ही लगता होगा । नमाज खत्‍म होने के बाद पिताजी अपने परिचितों से गले मिलने लगे। गले मिलने का नियम सिर्फ लड़को में ही था । घर लौटकर मैंने अपनी मां से कहा, ''आओ मां ,हम भी गले मिलकर ईद मुबारक कहें।''मां ने सिर हिलाकर कहा ,"लड़कियां गले नहीं मिलतीं ।" "क्‍यों नहीं मिलतीं" पूछने पर वे बोलीं, "रिवाज नहीं है ।"मेरे मन में सवाल उठा, "रिवाज क्‍यों नहीं है ?"


खुले मैदान में कुर्बानी की तैयारियां होने लगीं । तीन दिन पहले खरीदा गया काला सांड़ कड़ई पेड़ से बंधा था । उसकी काली आखों से पानी बह रहा था । यह देखकर मेरे दिल में हूक उठी कि एक जीवित प्राणी अभी पागुर कर रहा है , पूंछ हिला रहा है जो थोड़ी देर बाद गोश्‍त के रूप में बदलकर बाल्टियों में भर जाएगा । मस्जिद के इमाम मैदान में बैठकर छुरे की धार तेज कर रहे थे । हाशिम मामा कहीं से बांस ले आए । पिताजी ने आंगन में चटाई बिछा दी ,जहां बैठकर गोश्‍त काटा जानेवाला था । छुरे पर धार चढ़ाकर इमाम ने आवाज दी ।


हाशिम मामा , पिताजी और मुहल्‍ले के कुछ लोगों ने सांड़ को रस्‍सी से बांधकर बांस से लंगी लगाकर उसे जमीन पर गिरा दिया । सांड़ 'हम्‍बा' कहकर रो रहा था । मां और खाला वगैरह कुर्बानी देखने के लिए खिड़की पर खड़ी हो गई । सभी की आंखों में बेपनाह खुशी थी।लुंगी पहने हुए बड़े मामा ने, जिन्‍होंने इत्र वगैरह नहीं लगाया था, मैदान के एक कोने पर खड़े होकर कहा, " ये लोग इस तरह निर्दयतापूर्वक एक बेजुबान जीव की हत्‍या कर रहे हैं। जिसे लोग कितनी खुशी से देख रहे हैं। वो सोचते हैं कि अल्‍लाह भी इससे खुश होते होंगे। दरअसल किसी में करुणा नाम की कोई चीज नहीं है।" बड़े मामा से कुर्बानी का वह वीभत्‍स दृश्‍य देखते नहीं बना। वे चले गए। मगर मैं खड़ी रही।

सांड़ हाथ-पैर पटक कर आर्तनाद कर रहा था। वह सात-सात तगड़े लोगों को झटक कर खड़ा हो गया। उसे फिर से लंगी मारकर गिराया गया। इस बार उसे गिराने के साथ ही इमाम ने धारदार छूरे से अल्‍लाह हो अकबर कहते हुए उसके गले को रेत दिया। खून की पिचकारी फूट पड़ी। गला आधा कट जाने के बाद भी सांड़ हाथ-पैर पटककर चीखता रहा।


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मेरे सीने में चुनचुनाहट होने लगी, मैं एक प्रकार का दर्द महसूस करने लगी। बस मेरा इतना ही कर्तव्‍य था कि मैं खड़ी होकर कुर्बानी देख लूं। मां ने यही कहा था, इसे वे हर ईद की सुबह कुर्बानी के वक्‍त कहती थीं। इमाम सांड़ की खाल उतार रहे थे तब भी उसकी आंखों में आंसू भरे हुए थे। शराफ मामा और फेलू मामा उस सांड के पास से हटना ही नहीं चाहते थे। मैं मन्‍नू मियां की दुकान पर बांसुरी व गुब्‍बारे खरीदने चली गई। उस सांड के गोश्‍त के सात हिस्‍से हुए। तीन हिस्‍सा नानी के घरवालों का, तीन हिस्‍सा हमलोगों का और एक हिस्‍सा भिखाडि़यों व पड़ोसियों में बांट दिया गया।

बड़े मामा लुंगी और एक पुरानी शर्ट पहनकर पूरे मुहल्‍ले का चक्‍कर लगाने के बाद कहते, ''पूरा मुहल्‍ला खून से भर गया है। कितनी गौएं कटी, इसका हिसाब नहीं। ये पशुधन किसानों को ही दे दिए जाते तो उनके काम आ सकते थे। कितने ही किसानों के पास गाय नहीं है। पता नहीं, आदमी इतना राक्षस क्‍यों है? समूची गाए काटकर एक परिवार गोश्‍त खाएगा, उधर कितने लोगों को भात तक नहीं मिलता।''

बड़े मामा को गुस्‍ल करके ईद के कपड़े पहनने के लिए तकादा देने का कोई लाभ नहीं था। आखिरकार हारकर नानी बोली, ''तूने ईद तो किया नहीं तो क्‍या इस वक्‍त खाएगा भी नहीं? चल खाना खा ले।'' '' खाऊंगा क्‍यों नहीं, मुझे आप खाना दीजिए। गोश्‍त के अलावा अगर कुछ और हो तो दीजिए।'' बड़े मामा गहरी सांस लेकर बोले।

नानी की आंखों में आंसू थे। बड़े मामा ईद की कुर्बानी का गोश्‍त नहीं खाएंगे, इसे वे कैसे सह सकती थीं। नानी ने आंचल से आंखें पोंछते हुए प्रण किया कि वे भी गोश्‍त नहीं छुएंगी। अपने बेटे को बिना खिलाए माताएं भला खुद कैसे खा सकती हैं। बड़े मामा के गोश्‍त न खाने की बात पूरे घर को मालूम हो गई। इसे लेकर बड़ों में एक प्रकार की उलझन खड़ी हो गई।
साभार: तसलीमा नसरीन: आत्‍मकथा भाग-एक, मेरे बचपन के दिन, वाणी प्रकाशन।


Let Lord Jagannath bring peace and tranquillity to the whole world ,
let the Lord take away the pain and sufferings of innocent animals 
those are killed on the Kurbani on Eid


माँ की गोदी का, .....देश में मोदी का -----और फेसबुक पर आपका---- बड़ा महत्व है

💕 बड़ा महत्व है एक बार पढ़ के तो देखो
ससुराल में साली का, बाग़ में माली का, होंठो में लाली का, पुलिस में गाली का,मकान में नाली का
कान में बाली का, पूजा में थाली का, खुशी में ताली का------बड़ा महत्व है

फलों में आम का, भगवान में राम का, मयखाने में जाम काफैक्ट्री में काम का
सुर्ख़ियों में नाम का, बाज़ार में दाम का, मोहब्ब्त में शाम का-------बड़ा महत्व है

व्यापार में घाटा का, लड़ाई में चांटा का, रईसों में टाटा का
जूतों में बाटा का, रसोई में आटा का-----बड़ा महत्व है

फ़िल्म में गाने का, झगड़े में थाने का, प्यार में पाने का
अंधों में काने का, परिंदों में दाने का-----बड़ा महत्व है

ज़िंदगी में मोहब्ब्त का, परिवार में इज्ज़त का,तरक्की में किसमत का
दीवानो में हसरत का------बड़ा महत्व है

पंछियों में बसेरे का, दुनिया में सवेरे काडगर में उजेरे का
शादी में फेरे का------बड़ा महत्व है

खेलों में क्रिकेट का, विमानों में जेट का, शारीर में पेट का
दूरसंचार में नेट का-----बड़ा महत्व है

मौजों में किनारों का, गुर्वतों में सहारों का, दुनिया में नज़ारों का, 
प्यार में इशारों का------बड़ा महत्व है

खेत में फसल का, तालाब में कमल काउधार में असल का
परीक्षा में नकल का-----बड़ा महत्व है

ससुराल में जमाई का, परदेश में कमाई का
जाड़े में रजाई का, दूध में मलाई का -----बड़ा महत्व है

बंदूक में गोली का, पूजा में रोली का, समाज में बोली का
त्योहारों में होली का, श्रृंगार में चोली का-----बड़ा महत्व है

बारात में दूल्हे का, रसोई में चूल्हे का-------बड़ा महत्व है

सब्जियों में आलू का, बिहार में लालू कामशाले में बालू का
जंगल में भालू का, बोलने में तालू का-------बड़ा महत्व है

मौसम में सावन का,घर में आँगन का,दुआ में दामन का
लंका में रावन का-------बड़ा महत्व है

चमन में बहार का,डोली में कहार का,खाने में अचार का
मकान में दीवार का-----बड़ा महत्व है

सलाद में मूली का,फूलों में जूली का,सज़ा में सूली का
स्टेशन में कूली का------बड़ा महत्व है

पकवानों में पूरी का,रिश्तों में दूरी का,आँखों में भूरी का
रसोई में छूरी का ----बड़ा महत्व है

माँ की गोदी का,देश में मोदी का ----- बड़ा महत्व ह

खेत में साप का,सिलाई में नाप का,खानदान में बाप का
और फेसबुक पर आप का----बड़ा महत्व है





जानिये जन्मदिन मूलांक के बारे में ..

जानिये मूलांक के बारे में ..

(1.) जिसका जन्म 1,10,19,28 को हुआ हो, उसका मूलांक एक होता है। गुस्सा जल्दी आता है।
(2.) जिसका जन्म 2,11,20, 29 को होता है, उसका मूलांक दो होता है। ये चंचल स्वभाव के होते हैं, स्थिर नहीं रहते । इनका मन एक स्थान पर स्थिर नहीं रहता।
(3.) जिसका जन्म 3,12,21,30 को होता है, उसका मूलांक तीन होता है। ज्ञानी और स्पष्टवादी होते हैं। कला के प्रति रुझान होता है।
(4.) जिसका जन्म 4,13,22,31 को होता है, उसका मूलांक चार होता है। ये लोग मेहनती होते हैं। अनुशासनप्रिय होते हैं ,एक जगह शान्त नहीं बैठते।
(5.) जिसका जन्म 5,14,23 को होता है, उसका मूलांक पाँच होता है। मिल-जुलकर रहना पसन्द करते हैं।
(6.) जिसका जन्म 6,15,24 को होता है, उसका मूलांक छः होता है। इनकी सौन्दर्य के प्रति रुचि होती हैं।
(7.) जिसका जन्म 7,16,25 को होता है, उसका मूलांक सात होता है। धोखों का सामना करना पडता है। ये स्वभाव से मिलनसार ,अच्छे होते हैं।
(8.) जिसका जन्म 8,17,26 को होता है, उसका मूलांक आठ होता है। लोग रहस्मयवादी प्रवृत्ति।
(9.) जिसका जन्म 9,18,27 को होता है, उसका मूलांक नौ होता है। बहुत जल्दी उत्तेजित भी हो जाते हैं।
मूलांक से चुनिए करियर —-
मूलांक यानी आपकी डेट ऑफ बर्थ या जन्मदिन। यदि होरोस्कोप न हो तो केवल इसके द्वारा भी आप अपनी वर्किंग फील्ड के बारे में जान सकते है और मनचाही सफलता हासिल कर सकते हैं।
* यदि आप मूलांक 1 को रिप्रेजेंट करते है तो आपको डिजाइनर, टीम लीडर, फिल्म मेकिंग या नवीन इन्वेंशन के क्षेत्र में जाना चाहिए।
* यदि आपका मूलांक 2 है तो आपको किसी भी रचनात्मक काम को करना चाहिए जैसे डाँसिंग, राइटिंग, पोएट्री या रिसर्च के कार्य कर सकते हैं।
मूलांक 3 है तो आपके लिए एक्टिंग, टीचिंग, जर्नलिज्म, काउंसलिंग आदि बेहतर ऑप्शन है।
मूलांक 4 है तो आपको इंजीनियर, बिल्डर, प्रोग्रामर, मशीनों से रिलेटेड काम करना चाहिए।
मूलांक 5 है तो आपको प्रकाशन, विज्ञापन,लेखन आदि क्षेत्र में काम करना चाहिए।
मूलांक 6 को रिप्रेजेंट करते है तो आप सोशल वर्क, मेडिकल, आयुर्वेद,कुकिंगआदि फील्ड में काम कर सकते हैं।
मूलांक 7 है तो आपको वैज्ञानिक, दार्शनिक, जासूस, मिस्ट्री नॉवेल राइटर होना चाहिए।
मूलांक 8 है तो आपको बैंकिंग, मैनेजर, किसी संस्था का डायरेक्टर या मशीनों का काम करना चाहिए।
मूलांक 9 है तो आप खिलाड़ी, फिजिशियन, वकील,सैनिक आदि हो सकते हैं।
मूलांक और आपका भविष्य
मूलांक 1
महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख को होता है, उसका मूलांक 1 होगा। अधिपति सूर्य है। दृढ़निश्चयी, स्वतंत्रता प्रिय, तथा नेतृत्व की जन्मजात प्रतिभा वाले होते हैं। ये बड़े परिश्रमी, लग्नशील, स्वाभिमानी तथा शक्तिशाली होते हैं।
मूलांक 2
महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख को पैदा होने वाले जातक का मूलांक 2 होगा। मूलांक 2 वाले व्यक्ति अपनत्व और प्यार के साथ अपनाते है और उन्हें प्रगति के पथ की ओर अग्रसर करने में प्रेरणादायी भूमिका का निर्वाहन करते हैं। रोग और मूलांक 2 : कमजोरी, क्षीणता, उद्वेग, मस्तक पीड़ा, छोटी-छोटी दुर्घटना, हृदय रोग, संवेदनशीलता, भावुकता, स्नायु निर्बलता, कब्जियत, आंत रोग, मूत्र रोग, गैस रोग हो सकते हैं। हृदय रोग, मधुमेह, जोड़ों के दर्द आदि . महत्वपूर्ण वर्ष : 2, 11, 19, 20, 29, 37, 47, 57, 61 एवं 71 वां वर्ष शुभ हो ,मूलांक के जातकों के लिए 1, 4 और 7 की संख्या भी शुभ है।
मूलांक 3
मूलांक 3 वाले व्यक्ति महत्वाकांक्ष, नेतृत्व प्रिय, अधीनस्थ लोगों से भी अनुशासन में कठोर होते हैं। मूलांक भी 3 हो तो उन जातकों पर वृहस्पति शुभ प्रभाव होगा। देव गुरू वृहस्पति -धन, विद्या, मन्त्रणा और सन्तान के कारक माने गये हैं। 3, 12, 21, 30 इन सब अंकों का मूलांक 3 ही हैं। जिनकी जन्म तारीख का मूलांक 3 हो, उनमें परस्पर विशेष आकर्षण होता है। मूलांक 3 अंक वालों को चमकीला गुलाबी रंग या हल्का गुलाबी रंग विशेष शुभ होता है। रोग और मूलांक : चर्मरोग , दाद, खाज, खुजली, प्रमेह, पित्त प्रकोप, रक्त दोष शुभ वार - रविवार, मंगलवार, गुरूवार एवं शुक्रवार। शुभ तारीखें - 3, 12, 21, 30, 6, 15, 24, 9, 18, 27, 1, 10, 19, 28 , महत्वपूर्ण वर्ष - 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24, 27, 30, 33, 39, 42, 45, 48, 51, 54, 57, 60, 63, 66 इत्यादि।
मूलांक 4 वाला व्यक्ति अपने विवेक द्वारा अपनी कल्पना को सही दिशा देता है मूलांक 4 वाले व्यक्ति नई व्यवस्थाओं के संस्थापक एवं पुरानी सामाजिक व्यवस्थाओं के विरोधी होते हैं। जिन लोगों की जन्म तारीख का मूलांक 1, 2, 7 या 8 होता है, उसके प्रति इनका झुकाव हो सकता है। मूलांक 4 अर्थात जन्म तारीख, 4, 13, 22, 31 हो उन्हें धन का अपव्यय नहीं करना चाहिए, मूलांक 4 वाले व्यक्ति अपने अन्दर सहनशीलता की भावना पैदा करें और दूसरों से व्यर्थ विवाद न करें तथा शुत्रता को दावतनामा न दें, शुभ वार - रविवार, सोमवार, शनिवार भी शुभ है। शुभ तारीखें - 4, 13, 22, 31 साथ ही 1, 10, 19, 28 शुभ रंग - क्रीम कलर, भूरा मिश्रित खाकी, नीला चटकीला रंग। जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष - 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67, 76 आदि।
मूलांक 5
स्वस्थ्य शरीर, सदृढ़ कद काठी, तर्क बुद्धि, विलक्षण सूझबूझ के धनी, बुद्धि ज्ञान से सम्पन्न, पाण्डित्य दर्शाता स्वभाव, तेज तर्रार आभापूर्ण व्यक्तित्व इनकी प्रमुख विशेषता होती है। रोग और मूलांक 5 : आंत संबंधी, चर्म रोग, जुकाम, नजला, फेफड़े या स्नायु रोग। मूलांक 5 वालों पर बुध का प्रभाव विशेष रूप से पड़ता है। जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष : 5, 14, 23, 32, 41, 50, 59, 68 तथा 77 वाँ वर्ष महत्वपूर्ण होता है। 32 वें वर्ष में बुध अपना पूर्ण प्रभाव दिखाने लगता है।
शुभवार - बुधवार, रविवार, शुक्रवार। शुभ तारीखें - 5, 14, 23 इन तारीखों में बुधवार हो तो विशेष शुभ। 1, 10, 19, 28 इन तारीखों में रविवार हो तो विशेष शुभ। शुभ रंग - हरा, श्वेत, भूरा, कत्थई। शुभ दिशा - उत्तर पूर्व एवं उत्तर पश्चिम।
मूलांक 6
स्वामी ग्रह शुक्र है। 6, 15 या 24 तारीख को हुआ हो। 6 मूलांक वाले व्यक्ति बहुधा लोकप्रिय होते हैं। इनमें आकर्षण शक्ति और मिलानसरिता प्रचुर मात्रा में होती है। धनी होने पर मूलांक 6 वाले व्यक्ति कला और कलाकारों के लिए उदारता से धन खर्च करते हैं।जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष - 6, 15, 24, 33, 42, 51, 60 69 वां वर्ष महत्वपूर्ण है। रोग और मूलांक : फेफड़ों से संबंधित रोग, स्नायु दुर्बलता, सीने की कमजोरी, मूत्र रोग, कफ जनित रोग, कब्जियत व जुकाम जैसे रोगो से पीडि़त हो सकते हैं। शुभवार - मंगलवार, गुरुवार एवं शुक्रवार शुभ तारीखें - 6, 15, 24 सहयोगी तारीखें 3, 9, 12, 18, 21, 27 एवं 30 शुभ रंग - गहरा नीला रंग, गुलाबी रंग, अशुभ रंग काला और बैगनी। शुभ दिशा - उत्तर पूर्व अथवा उत्तर पश्चिम शुभ रत्न - सौभाग्यशाली रत्न फिरोजा, पन्ना।
मूलांक 7
मूलांक 7 के व्यक्तियों का प्रतीक और स्वामी ग्रह नेपच्यून यानी वरूण है। 7, 16, 25 को जन्मा हो, उसका मूलांक 7 होता है। 7 अंक वाले व्यक्तियों के लिये चन्द्रमा से संबंध रखने वाले 2, 11, 20, 29 तारीखों में पैदा हुए व्यक्तियों से दोस्ती करना शुभ रहेगा। 7, 16, 25 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति स्वतंत्र और मौलिक विचार वाले होते हैं। मूलांक 7 वाले व्यक्ति धर्म के संबंध में अपने विशिष्ट विचार रखते हैं। वे पुरानी परम्पराओं को पसन्द नहीं करते। पहला गुण- मौलिकता, दूसरा गुण - स्वतंत्र विचार और तीसरा प्रधान गुण : विशाल व्यक्तित्व। जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष - 7, 16, 25, 34, 43, 52 और 61 वां वर्ष आपके जीवन में महत्वपूर्ण होगें। इन वर्षों में आप अवश्य सफलता प्राप्त करेंगे। मित्रांक वर्ष 2, 4, 11, 13, 20, 22, 29, 31, 38, 40, 47, 49, 58 एवं 67 वां वर्ष भी लाभकारी हो सकता है। रोग और मूलांक : जब भी आपके जीवन में रोग की स्थिति आयेगी तब आपको पेट दर्द, छूत के रोग, पसीने की अधिकता, आमाशय दोष, कब्जियत, नींद न आना, भूख न लगना, गुप्तांग संबंधी रोग, वात व गठिया इत्यादि रोग हो सकते हैं। शुभवार - रविवार, सोमवार और बुधवार, शुभ तारीखें - 7, 16, 25, एवं 2, 11, 20 एवं 29, शुभ रंग - हल्का नीला, आसमानी, कपूरी, हरा, श्वेत, गुलाबी
अंक ज्योतिष में मूलांक 8 को विश्वास का अंक कहा गया है। इसका स्वामी ग्रह शनि है। किसी भी माह की 8, 17, 26 तारीख का मूलांक 8 होता है।
रोग और मूलांक : वायु रोग, वात रोग, शारीरिक क्षीणता, अंध रोग, हृदय की कमजोरी, रक्त की कमी, कब्जियत, रक्तचाप, सिर की पीड़ा, कुष्ठ रोग, मूत्र रोग, गंजापन तथा कान-नाक में पीड़ा हो सकती है।जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष - 8, 17, 26, 35, 44, 53, 62, 71 आदि वर्ष शुभ हैं इन आयु वर्षों में जीवन की अनुकूलता रह सकती हैं। मित्रांक वर्ष 4, 13, 22, 31, 40, 49 भी शुभ हो सकते हैं। शुभवार - शनिवार एवं बुधवार। शुभ तारीखें - 8,17, 26। शुभ रंग - गहरा नीला, काला, हरा एवं भूरा मिश्रित बैंगनी। शुभ दिशा - दक्षिण, दक्षिण पूर्व एवं दक्षिण पश्चिम।
मूलांक 9
मूलांक 9 का प्रतीक और स्वामी ग्रह मंगल है। 9, 18 या 27 तारीख को पैदा हुए हों।
रोग और मूलांक: जब भी आपके जीवन में रोग की स्थिति आयेगी तब आपको क्रोध, झल्लाहट दुर्घटना, चोट, अंग शैथिल्य, हृदयरोग, रक्तचाप आदि पीड़ा देंगे।
जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष - 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72, 81 आदि। शुभवार - मंगलवार, गुरूवार एवं शुक्रवार। शुभ रंग - गुलाबी, गहरा लाल, सफेद या पीला। शुभ दिशा - पूर्व, उत्तर पूर्व, उत्तर पश्चिम। । मनुष्य का प्रतिनिधित्व करने वाला 9 का अंक शारीरिक और भौतिक क्षेत्र में शक्ति, ऊर्जा और युद्ध में संहार के गुणों से युक्त माना गया है।
अंक ज्योतिष में सभी अंको की अलग-अलग औषधियां और वनस्पतियां बताई गई है। वनस्पतियों का उपयोग करें।
अंक-1 लौंग, केसर, किशमिश, कालीमिर्च, अदरक, आजवाइन, सौंठ, नींबू, जायफल, जौ, खजूर, संतरा, सीताफ ल आदि औषधियां उपयोग करना चाहिए इनके उपयोग से आप हमेशा तरोताजा रहेंगे।
अंक-2 केला, ककड़ी, कलींदा, पत्ता गोभी, सिंघाड़ा, सलाद आदि चिजों का सेवन करना आपके लिए लाभकारी माना गया है।
अंक-3 अनार, अंगूर, अनानास, शहतूत, सेब, शतावरी, नाशपाती, पुदीना, बादाम, केशर, लौंग, अंजीर एवं चुकंदर, स्वास्थ्य रक्षक जड़ी बूटियों का सेवन करें।
अंक-4 अंक , मेथी, सलाद, प्याज, हरी सब्जीयां, करेला, नीम, मीठे फल आदि का उपयोग करें।
अंक-5 बादाम, अखरोट और नारियल की गिरि, चुकंदर और जौ की रोटियों का सेवन करना चाहिए। बादाम और अखरोट ही विशेष रूप से लाभकारी हैं।
अंक-6 अंक 6 वालों के लिए अनार, अंजीर, अखरोट सभी प्रकार की फलियां, चुकंदर, तरबूज, नाशपाती, सेब एवं बादाम
अंक-7 जन्मांक सात वाले लोगों के लिए हर प्रकार के फलों का रस, ककड़ी, प्याज, टमाटर, मूली, नींबू आदि का सलाद, सेब, संतरा, गोभी व अंगूर का सेवन तनाव और चिंता जनित रोगों का निवारण करने में लाभकारी माना गया है।
अंक-8 ताजी हरी सब्जियां और पके फलों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करे तो लंबे समय तक जवान बने रहेंगे। धनियां, पोदीना, लहसुन, प्याज, पालक की भाजी, गाजर व केला का उपयोग स्वास्थ्य रक्षक होता है।
अंक-9 अदरक, लहसुन, प्याज, लाल एवं हरी मिर्च, कालीमिर्च, तोरई, मीठे फ ल एवं मजीठ का प्रयोग करना लाभ प्रद होता है। गरिष्ठ भोजन, मदिरा का सेवन एवं नशीली वस्तुओं का सेवन करने से इन्हें परहेज करे।

Kejriwal said on Meenakshi Murder,“Hum kya karein, hum toh majboor hain, police hamare control mein nahi hai.

Meenakshi dared to stand up to her stalker and paid with her life for it. Meenakshi, 19, was knifed to death on Thursday night in front of terrified witnesses at a crowded market in the heart of the capital, by the man she had sent behind bars for stalking her.


Meenakshi was with her neighbour, returning home with groceries from a market at Punjabi Basti colony in Anand Parbat, when the accused, Jai Prakash, 22, blocked her way and passed a lewd remark. Witnesses said Meenakshi protested instantly. Her police complaint in 2013 had led to Prakash and his mother Shashi Bala being taken into preventive custody. Prakash's family had since been pressuring her to withdraw the complaint.

A witness said Meeankshi called for help as she was being attacked. She somehow broke free and started running towards her home in the slum clusters of Anand Parbat with the two youths in pursuit. She managed to enter a neighbour's house but tripped.

Jai Prakash and his brother dragged her out by her hair and allegedly stabbed her a few more times. Meenakshi's mother Usha Rani, who heard the commotion and rushed out, told TOI, "She was lying in a pool of blood and the two brothers were stabbing her. When I tried to push them away, Jai Prakash stabbed me on my shoulder and slit my wrist." Neighbours claim they tried to intervene but the youths swung their knives and threatened them before fleeing towards the main road.

                        

Sashi, the mother of accused brothers  who allegedly stabbed Meenakshi in Delhi  tells  that the girl was teasing them on road and so the boys killed Meenakshi! Accused brothers in Meenakshi murder case confess their crime infront of media as they said that the girl was threatening them and they committed a mistake by killing her. They stabbed her when one of the them was carrying a knife.Peope in large number protesting at police station damnding strict action. People shouting against Kejriwal, when he  visits deceased Meenakshi’s residence and forced to promise for magisterial probe.

                  Nineteen-year-old Meenakshi was returning home after buying groceries when she was attacked

During his interaction with the grieving family, the chief minister told them the AAP government was “helpless” as it did not have any control over the Delhi police.

“Hum kya karein, hum toh majboor hain. Aap toh jaante hai Delhi police hamare control mein nahi hai (What can we do, we are helpless. You know that the Delhi Police is not under our control),” Kejriwal said.

Meenakshi’s father Raj Kumar and mother Usha demanded the arrest of Shashi Bala, the mother of the arrested accused, Sunny and Illu. Unable to hold back her tears, Usha told the CM, “These people mercilessly killed my daughter. If the police had acted on time, she would have been saved.” 

                              

While addressing mediapersons later, Kejriwal said the AAP government could not be held accountable, as the Delhi police is not answerable to it. “At least the local police stations should be under our control,” he said. Kejriwal also said that the government has sought a detailed report on the case from Delhi Police Commissioner B S Bassi within the next 48 hours.

Kejriwal has huge feeling of revenge for Delhi police for their actions against AAP MLAs and he called the Delhi cops 'thulla'. Police chief Bassi 'can't believe it' that how the Delhi chief minister Arvind Kejriwal can use the word 'thulla' to describe Delhi policemen.'Thulla' is a derogatory slang is used in Delhi to refer to policemen.

BJP leaders said, "We regret the incidence of murder of a 19 year old girl yesterday. Our sympathy is with her family. May god give her family the strength during this time of grief.We also regret the way Arvind Kejriwal is politicizing this. He has gone down so low to use people’s emotions for his political benefits".

They added further,"When Sheila Dixit was Delhi CM, he used to criticize her and say that it is Delhi CM’s responsibility to give a safer environment to Delhi people now when he himself is the CM, he blames PM Narendra Modi for everything. Can he stop blaming others and take responsibilities like a sincere and a responsible person"?

We will not go down to his level and start a debate on this, right now we all should come forward and support this family while CM Arvind Kejriwal’s focus is to come in Media, blame PM Narendra Modi and get publicity.

केजरीवाल के खुद के पार्टी में महिलाएं सुरक्षित नहीं , और बाते करता है दिल्ली में महिला सुरक्षा पत्नी को कुत्तों से कटवाने वाला सोमनाथ भारती ..शारीरिक शोषण करने वाला कुमार विश्वास ..भौजाई को पीटने वाली राखी बिडला ..महिला का विनयभंग करने वाला मनोज कुमार ..इनपर छिप जाता है केजरीवाल ..

कार्यकर्ता अपने नाम से ट्वीट कर रहे हैं और दिल्ली पुलिस के खिलाप माहौल बना रहे हैं! आम आदमी पार्टी दिल्ली पुलिस को अपने अधीन चाहती है ताकि आम आदमी पार्टी के नेताओं के भरस्टाचार पर, उनकी गुंडागर्दी पर कोई लगाम ना लगा सके ! यही है इनकी अलग राजनीति

                  



     

IMPROVE YOUR HEALTH WITH INTAKE OF NATURAL SPICES


चमत्कारिक चूर्ण
250 ग्राम मैथीदाना
100 ग्राम अजवाईन
50 ग्राम काली जीरी
उपरोक्त तीनो चीजों को साफ-सुथरा करके
हल्का-हल्का सेंकना(ज्यादा सेंकना नहीं)
तीनों को अच्छी तरह मिक्स करके मिक्सर
में पावडर बनाकर अच्छा पैक डिब्बा-शीशी
या बरनी में भर लेवें ।
रात्रि को सोते समय चम्मच पावडर एक गिलास पूरा कुन-कुना
पानी के साथ लेना है। गरम पानी के साथ
ही लेना अत्यंत आवश्यक है लेने के बाद कुछ
भी खाना पीना नहीं है। यह
चूर्ण सभी उम्र के व्यक्ति ले सकतें है।
चूर्ण रोज-रोज लेने से शरीर के कोने-कोने में जमा
पडी गंदगी(कचरा) मल और पेशाब द्वारा
बाहर निकल जाएगी । पूरा फायदा तो 80-90 दिन में
महसूस करेगें, जब फालतू चरबी गल
जाएगी, नया शुद्ध खून का संचार होगा ।
चमड़ी की झुर्रियाॅ अपने आप दूर हो
जाएगी। शरीर तेजस्वी,
स्फूर्तिवाला व सुंदर बन जायेगा ।
‘‘फायदे’’
1. गठिया दूर होगा और गठिया जैसा जिद्दी रोग दूर हो
जायेगा ।
2. हड्डियाँ मजबूत होगी ।
3. आॅख का तेज बढ़ेगा ।
4. बालों का विकास होगा।
5. पुरानी कब्जियत से हमेशा के लिए मुक्ति।
6. शरीर में खुन दौड़ने लगेगा ।
7. कफ से मुक्ति ।
8. हृदय की कार्य क्षमता बढ़ेगी ।
9. थकान नहीं रहेगी, घोड़े
की तहर दौड़ते जाएगें।
10. स्मरण शक्ति बढ़ेगी ।
11. स्त्री का शारीर शादी के
बाद बेडोल की जगह सुंदर बनेगा ।
12. कान का बहरापन दूर होगा ।
13. भूतकाल में जो एलाॅपेथी दवा का साईड इफेक्ट से
मुक्त होगें।
14. खून में सफाई और शुद्धता बढ़ेगी ।
15. शरीर की सभी खून
की नलिकाएॅ शुद्ध हो जाएगी ।
16. दांत मजबूत बनेगा, इनेमल जींवत रहेगा ।
17. नपुसंकता दूर होगी।
18. डायबिटिज काबू में रहेगी, डायबिटीज
की जो दवा लेते है वह चालू रखना है। इस चूर्ण का
असर दो माह लेने के बाद से दिखने लगेगा । जिंदगी
निरोग,आनंददायक, चिंता रहित स्फूर्ति दायक और आयुष्ययवर्धक
बनेगी । जीवन जीने योग्य
बनेगा ।













मैं जानता हूँ कि धर्म क्या है परन्तु उसमें मेरी प्रवृत्ति नहीं है।


                      


Malay Dwivedi मैं जानता हूँ कि धर्म क्या है परन्तु उसमें मेरी प्रवृत्ति नहीं है। मैं यह भी जानता हूँ कि अधर्म क्या है परंतु 
उससे मुझे निवृत्ति नहीं है। मेरे हृदय में स्थित देवता मुझे जिस ओर ले जाना चाहता है मै उधर ही चलता जाता हूँ।
जानामि धर्मं न च मे प्रवृत्ति: ,जानाम्यधर्मं न च मे निवृत्ति:


Anand Tiwary लेकिन यह अहंकार दूर कर पाना दुष्कर कार्य है ! अहंकार दूर होते ही व्यक्ति सच्चा संत महात्मा या कहा जाये 
तो देवत्व पा जाता है ! और बड़े बड़े संत कहलाने वाले मनुष्यों के पास यह और भी अधिक देखने में आता है ! समभाव रखने वाले 
संत तो इसी लिये अपनी प्रसिद्धि से दूर रहते है !


Pawan Kumar Gupta : इंसान को अपने किये हुए कर्मो पे पूर्ण भरोसा होना चाहिए की वो जो कर रहा ह उससे उसको या किसी समाज के वक्ती को नुकसान तो नहीं हो रहा ह,यदि नहीं तो आपके किये कर्म श्रेस्ट अनयथा गलत । यदि कर्म सही नहीं तो उसका भुगतान आपको सहना पड़ेगा।गीता भी यही उपदेश देती ह इंसान सुख व् दुःख पाता ह अपने कर्मो के हिसाब से।

                 
                          

                      

                              

WE SALUTE NATIONALISTS EVERYWHERE

 WE SALUTE NATIONALISTS EVERYWHERE .....We don't clown around for free food and applause of presstitutes. Narendra Modi touches the feet of Col. Nizamuddin, of Azad Hind Fauj. We respect all who worship our Mother - Mother India ... Vande Mataram ! Satyameva Jayate 
                  

Sumit Mahanand : Modi ji ne kabhi rajneeti k naam pe dikhawa nahi kiya... Hamesha jo sahi hai wahi kiya.. Aur desh hit mein kiya... Jahan ek ore modiji yuvaon ko skill development k jariye sashakht karna chahte hain wahin dusri ore kuch neta sasta/free khana logo ko uplabdh karwa k jantaa ko aur sust , rog grast aur berozgar bane rehne dena chahte hain.. Badle mein elections mein unko vote pakka.....Bharat jabtak ye vote bank ki politics se bahar nahi aega tab tak develop nahi ho sakta..

  

       NARENDRA MODI MEETING SOLDIERS AS A PRIME MINISTER



IN 1999 NARENDRA MODI MEETING SOLDIERS AS AN INDIVIDUAL LEADER

During the Kargil War, Shri Narendrabhai Modi ji had visited the area as a mark of solidarity with our brave soldiers.  

Arjun Falgun : Deshbhakt musalmano ke charan choona desh drohiyo ke haantho se topi pehnana jyada accha hai.

                   

Mamata Turns a Blind Eye to Kidnap,Gang-Rape in Bengal.....BJP Continues Day-night Protest for Tuktuki.

BJP protests over abduction of 14 year old Tutuki Mondal : 

Even two months after she was kidnapped again, West Bengal police has failed to find Tuktuki Mandal. The teenager was abducted by some local goons as she was preparing to write her High School exam in May. Tuktuki was earlier kidnapped by same group of men in February this year and gang raped.

                 

               Krishanu Mitra :  12 Midnight 18/7/15 ... Physically tired Politically not    ........... Jayatu BJP ..
                                                                                                  ..
Krishanu Mitra (now) : First they took away our mikes and sound box in the darkness of night during load-shedding..... All local sound system suppliers were threatened not to provide us with any replacement. Still we arranged the same from our alternate source.... Here's how a police officer is threatening the mike-man (video) ... But take it from me, No amount of intimidation is going to deter us ... Jayatu BJP..........(India Honest concludes, it is no more easy, even to make a peaceful protest in Bengal )



Indian Express said, "West Bengal has turned into a jihadi hub under Trinamool, says BJP"
Barely a week after TMC announced its decision to support the NDA government’s key reform legislation GST, the BJP in a surprise move on Friday stepped up its attack on the Mamata Banerjee government, saying West Bengal has become a “jihadi hub” and “safe haven for terrorists and extortionists”.

The BJP has also sent a three-member team to the state to get a report on the abduction of a teenaged girl, Tuktuki, an issue the state unit has taken up to mount political pressure on Mamata and her party. The BJP has alleged that the accused in the abduction were being protected by a state minister.  With the move, the BJP wants to dispel the impression that the party is being soft on the TMC and its government because it is keen on its backing to clear the crucial legislation in the Rajya Sabha, where the NDA is in minority, in the monsoon session of Parliament beginning July 21.
                          
Souptik Mukherjee Kent, OH, United States : Tuktuki's mom appeals before the camera to CM Mamata Bannerjee to feel the pain of her daughter as a woman. She says her daughter was raped and kidnapped but was never given justice. She wants her daughter back right now. Hindu Samhati emerges as the non-political crusader for Hindus in Bengal. ‪#‎Justice4tuktuki‬ trends on top in twitter India yesterday and in top 6 globally. The BJP central leadership is sending a team tomorrow as protests go global ,literally to free Tuktuki - Bengal's kidnapped daughter in custody of Babusona Ghazi for more than 80 days

A Times of India report says that with more than 13,000 women and children from Bengal went untraceable in 2011,Bengal tops UN list of missing kids, women. Where did they go? Were they abducted? Were they sold for money? Are they still alive? None has an answer. The year before, around 28,000 women and children went missing and 19,000 of them remained untraceable. Missing women and children are ever increasing numbers in government files and reports by various organizations. But for their families, the hope never dies. they are lives, dearer than their own.