महाराजा जयसिंह जी को पक्का विश्वास हो गया कि अंग्रेजों को वाजिब बोधपाठ मिल गया है !
अनिल ठाकुर विद्रोही : इंगलैण्ड की राजधानी लंदन में यात्रा के दौरान एक शाम महाराजा जयसिंह सादे कपड़ों में बॉन्ड स्ट्रीट में घूमने के लिए निकले और वहां उन्होने रोल्स रॉयस कम्पनी का भव्य शो रूम देखा और मोटर कार का भाव जानने के लिए अंदर चले गए। शॉ रूम के अंग्रेज मैनेजर ने उन्हें “कंगाल भारत” का सामान्य नागरिक समझ कर वापस भेज दिया। शोरूम के सेल्समैन ने भी उन्हें बहुत अपमानित किया, बस उन्हें “गेट आऊट” कहने के अलावा अपमान करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।अपमानित महाराजा जयसिंह वापस होटल पर आए और रोल्स रॉयस के उसी शोरूम पर फोन लगवाया और संदेशा कहलवाया कि अलवर के महाराजा कुछ मोटर कार खरीदने चाहते हैं।
अनिल ठाकुर विद्रोही : इंगलैण्ड की राजधानी लंदन में यात्रा के दौरान एक शाम महाराजा जयसिंह सादे कपड़ों में बॉन्ड स्ट्रीट में घूमने के लिए निकले और वहां उन्होने रोल्स रॉयस कम्पनी का भव्य शो रूम देखा और मोटर कार का भाव जानने के लिए अंदर चले गए। शॉ रूम के अंग्रेज मैनेजर ने उन्हें “कंगाल भारत” का सामान्य नागरिक समझ कर वापस भेज दिया। शोरूम के सेल्समैन ने भी उन्हें बहुत अपमानित किया, बस उन्हें “गेट आऊट” कहने के अलावा अपमान करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।अपमानित महाराजा जयसिंह वापस होटल पर आए और रोल्स रॉयस के उसी शोरूम पर फोन लगवाया और संदेशा कहलवाया कि अलवर के महाराजा कुछ मोटर कार खरीदने चाहते हैं।
कुछ देर बाद जब महाराजा रजवाड़ी पोशाक में और अपने पूरे दबदबे के साथ शोरूम पर पहुंचे तब तक शोरूम में उनके स्वागत में “रेड कार्पेट” बिछ चुका था। वही अंग्रेज मैनेजर और सेल्समेन्स उनके सामने नतमस्तक खड़े थे। महाराजा ने उस समय शोरूम में पड़ी सभी छ: कारों को खरीदकर, कारों की कीमत के साथ उन्हें भारत पहुँचाने के खर्च का भुगतान कर दिया।
भारत पहुँच कर महाराजा जयसिंह ने सभी छ: कारों को अलवर नगरपालिका को दे दी और आदेश दिया कि हर कार का उपयोग (उस समय के दौरान 8320 वर्ग कि.मी) अलवर राज्य में कचरा उठाने के लिए किया जाए।
विश्व की अव्वल नंबर मानी जाने वाली सुपर क्लास रोल्स रॉयस कार नगरपालिका के लिए कचरागाड़ी के रूप में उपयोग लिए जाने के समाचार पूरी दुनिया में फैल गया और रोल्स रॉयस की इज्जत तार-तार हुई। युरोप-अमरीका में कोई अमीर व्यक्ति अगर ये कहता “मेरे पास रोल्स रॉयस कार” है तो सामने वाला पूछता “कौनसी?” वही जो भारत में कचरा उठाने के काम आती है! वही?
बदनामी के कारण और कारों की बिक्री में एकदम कमी आने से रोल्स रॉयस कम्पनी के मालिकों को बहुत नुकसान होने लगा। महाराज जयसिंह को उन्होने क्षमा मांगते हुए टेलिग्राम भेजे और अनुरोध किया कि रोल्स रॉयस कारों से कचरा उठवाना बन्द करवावें। माफी पत्र लिखने के साथ ही छ: और मोटर कार बिना मूल्य देने के लिए भी तैयार हो गए।
महाराजा जयसिंह जी को जब पक्का विश्वास हो गया कि अंग्रेजों को वाजिब बोधपाठ मिल गया है तो महाराजा ने उन कारों से कचरा उठवाना बन्द करवाया ! हर एक भारतीय को अपनी ताकत के बारे में बताईये !
हिन्दुस्तान का मुसलमान हिन्दुस्तान के लिए ही जियेगा और मरेगा।

Amrita Tiwari
Anil Madhav Singh मेरी कलम का मज़हब ना पता लगा मुझे.....
कभी सजदा लिख दिया खुदा के नाम......
कभी शब्दों मे उतर आए श्री राम.....
Ataur Rahman nice person nice thought
Arun Shah Amritaji " GOD IS EVERYTHING "


Rahul Shukla shared No Compulsion's photo. :What is common between the terrorists in Iraq, Syria, Pakistan, India, France, UK, USA, Canada, Spain, Germany, Sweden, Norway, Denmark, Italy, China, Russia, Saudi Arabia ? Is it their language that they speak, or their skin colour, or their culture ? ---- NO....The only thing common between them is QURAN. (Whether you like it or not)
Munsif Ali Khan- BJP Ajmer https://www.facebook.com/munsif.ali.100
Munsif Ali Khan- BJP Ajmer : मेरे कुछ भाइयो ने कहा की मदरसे में तिरंगा नहीं फहराते। हिन्दुस्तान का मुसलमान
हिन्दुस्तान के लिए ही जियेगा और मरेगा। .......जो ग़द्दारी करे वो मुसलमान ही नहीं होगा। .... जय हिन्द - जय भारत
Munsif Ali Khan- BJP Ajmer : मेरे कुछ भाइयो ने कहा की मदरसे में तिरंगा नहीं फहराते। हिन्दुस्तान का मुसलमान
हिन्दुस्तान के लिए ही जियेगा और मरेगा। .......जो ग़द्दारी करे वो मुसलमान ही नहीं होगा। .... जय हिन्द - जय भारत
हिन्दुस्तान के लिए ही जियेगा और मरेगा। .......जो ग़द्दारी करे वो मुसलमान ही नहीं होगा। .... जय हिन्द - जय भारत
What happens when AAPtards like Alka Lamba Gets Degrees from IIN ?
Suresh Kochattil : This is what happens when most AAPtards like

Alka Lamba get degrees from IIN.

India Honest reminds the wise voters of Delhi : look again this is how you greedy people have got yourself fooled by a cheat politician, your hard earned tax money is wasted in personal marketing and advertisement of a tricky Chameleon politician :
India Honest reminds the wise voters of Delhi : look again this is how you greedy people have got yourself fooled by a cheat politician, your hard earned tax money is wasted in personal marketing and advertisement of a tricky Chameleon politician :

में केजरीवाल हूँ...दुसरो पर में भाई भाई भतिजावाद का आरोप लगता हु में लेकिन मेने मेरी साली को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बनाया है।में दुसरो को भ्रष्ठ कहता हूँ लेकिन मेने 527 करोड़ का विज्ञापन का ठेका उप मुख्य मंत्री के साले को दिया है...में हाथी की तरह हु मेरे खाने के अलग और दिखने के अलग है। में हूँ केजरीवाल सब को बेवकूफ बनाता हूँ
Chief minister Arvind Kejriwal's confidant and vice chairman of Delhi Dialogue Commission Ashish Khetan has been accorded salary and perks -bungalow and transport benefits - at par with a cabinet minister. Opposition members have hit out saying that public finances are being exploited by the government to reward supporters.
Lokesh Dave : हमारी मेहनत के पैसो से ये खुजलीवाल अपना महिमामण्डन
करवा रहा है क्या यही है नए तरह की राजनीति ???

में केजरीवाल हूँ...दुसरो पर में भाई भाई भतिजावाद का आरोप लगता हु में लेकिन मेने मेरी साली को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बनाया है।में दुसरो को भ्रष्ठ कहता हूँ लेकिन मेने 527 करोड़ का विज्ञापन का ठेका उप मुख्य मंत्री के साले को दिया है...में हाथी की तरह हु मेरे खाने के अलग और दिखने के अलग है। में हूँ केजरीवाल सब को बेवकूफ बनाता हूँ
Chief minister Arvind Kejriwal's confidant and vice chairman of Delhi Dialogue Commission Ashish Khetan has been accorded salary and perks -bungalow and transport benefits - at par with a cabinet minister. Opposition members have hit out saying that public finances are being exploited by the government to reward supporters.

Lokesh Dave : हमारी मेहनत के पैसो से ये खुजलीवाल अपना महिमामण्डन
करवा रहा है क्या यही है नए तरह की राजनीति ???
करवा रहा है क्या यही है नए तरह की राजनीति ???

तिरंगे की आन बान शान के लिए बाटला हाउस में जाकर शहीद हो जाता हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
बागी बेगम Baghi Begam : मैं कैसा इनसान हूँ दीवाली पर लक्ष्मी पूजन तक नहीं करता, क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
रक्षा बंधन पर मेरी बहन बाट जोहती रहती है और मेरी कलाई सुनी रहती है क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
होली पर भी मुझे खाकी रंग ही नज़र आता है क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
मैं अपने बच्चों के जन्म के वक्त हस्पताल में भी नहीं जाता क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
मैं ट्रैफिक को चलता हूँ और पिटता भी हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
मैं लाखों बुजर्गो की सेवा करता हूँ उनके साथ फ़ोटो खिंचवाता हूँ लेकिन अपने 70 साल के बूढ़े माँ बाप की
सेवा नहीं कर पाता क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
मैं रोज़ाना इलाके में स्कूल जाता हूँ लेकिन अपने बच्चों की PTM में नहीं जाता क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
मैं देश की राजधानी का प्रहरी हूँ गालियाँ भी खाता हूँ और 24 घंटे काम भी करता हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
मैं जनता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति भी दे देता हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
मैं नागरिकों की सुरक्षा के लिए उल्लू की तरह जगता हूँ और अपने परिवार की नींद हराम करता हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
मैं अपने बीमार बच्चे को हस्पताल में छोड़कर तिरंगे की आन बान शान के लिए बाटला हाउस में जाकर शहीद हो जाता हूँ क्योंकि मैं ठुल्ला हूँ।
लेकिन वो क्या हैं............जो गणतंत्र दिवस पर माँ भारती को सरेआम गाली देते है।
संविधान का
मज़ाक उड़ाते है.......भोली जनता को उल्लू बनाता है.......
जनता की खून पसीने की कमाई से अपने लोंगो में रेवडिया बांटता है। जो अराजक होकर भी माननीय है।
जो जनता को बिजली चोरी की सलाह देता है जो न्यायलय का अपमान करता है। जो दूसरे के कंधे पर
बन्दुक रखकर अपनी चोरी और बेईमानी छुपाना चाहता है
और सारे मोमबत्ती वाले कहाँ है भाई ।
मांगने लगे हैं छाँव चिड़ियों से ।बरगद इस कदर नंगे हो गए है।
।वन्देमातरम!
हाँ में पुलिस वाला हूँ। क्या कहा मैं ठुल्ला हूँ। ठीक कहा ।

IPS Kiran Bedi : जिस सड़क छाप भाषा में केजरी बात करते हैं लगता ही नहीं की ये मुख्यमंत्री है या किसी गली का गुंडा या टपोरी !!!!मुख्यमंत्री का दिल्ली पुलिस को "ठुल्ला" कहना अमर्यादित है।एक समय लालू यादव अपने गंदे बयानो से राजनीति को सबसे निम्नस्तर तक ले गए थे लेकिन केजरी ने अपने फूहड़ गालियों से राजनीति को घिनौने स्तर तक पहुंचा दिया है और लालू को भी गंदगी में मात दे दी है ।
इसने पहले अपनी ही पार्टी के संस्थापक सदश्यों प्रशान्त भूषण और योगेंद्र यादव को वीडियों मैं (साले ,कमीने ,G*** पीछे लात मारकर) पार्टी से बहार करने बात कही थी ।केजरीवाल चाहता है कि पुलिस या तो AAP Party की गुलाम बन जाय या पुलिस को घर मै बैठा दिया जाय ताकि देशद्रोही आतंकवादी दिल्ली में अराजकता फैला सकें।अब दिल्ली वालों को याद आ रही है मोदी की बात की जिसे जो काम आता है उसे वही काम देना चाहिए । केजरी और लालू सिर्फ नौटंकिबाजी के लिए ठीक हैं ।यह सब रोज की केजरी-नौटंकी देखकर सवाल उठता है की क्या केजरीवाल काम के बजाय सिर्फ टकराव और आरोपों की राजनीति कर रहे हैं?

Six Best Foods that Help one to Destroy the Final Drop of Nicotine in one's Organism.
For Smokers and Ex-Smokers there are 6 Foods that Will Cleanse The Nicotine From Your Organism :
Cigarettes are dangerous for the body, however this nasty habit is quite difficult to eliminate. Cigarettes contain nicotine that destroys the lungs and also affect the blood pressure negatively. If you stop smoking, you will still have to face the consequences from smoking.Fortunately, certain types of food can help you to finally destroy this toxic ingredient in your body. Here we present you the best foods that can help you destroy the final drop of nicotine in your organism.
Broccoli : Broccoli contains the vitamins that the nicotine destroys – vitamin C and vitamin B5. Consuming broccoli will certain help you against the nicotine.
Orange : Against the deficits of vitamin C, slow metabolism and stress eat oranges.
Carrot juice : The nicotine which stays in you organism for 3 days after a smoke, also affects the skin negatively. Drink carrot juice to improve the condition and appearance of your skin, since this juice destroys the nicotine deposits in your body. This juice contains many needed vitamins.
Spinach : Folic acid and vitamins are definitely found in spinach.
Kiwi fruit : Smoking reduces the deposits of vitamin A, vitamin C and vitamin E. This fruit gives back the lost vitamins to your body.

If AAP will Become a Tragedy for Delhi People ?
Gyanendra Jha Gyan : अरे भाई...कोई तो बतावो...दिल्ली में कोनो सरकार है भी या नहीं? कुछो काम हो भी रहा है या नहीं? बिजली के बिल माफ़ हुए या आधे हुए या नहीं ? बिजली बोर्ड वाला अब तो बिल नहीं भेजता न ?बिजली जाती तो नहीं न ? पानी फ्री हुवा या नहीं ? हर कॉलोनी में साफ़ पानी पहुँच गया न ? पानी का जमाव तो नहीं हुवा न बारिश होने पर ?वाई -फाई का क्या सिन है भाई ? सिग्नल आता भी है न ?
Gyanendra Jha Gyan : अरे भाई...कोई तो बतावो...दिल्ली में कोनो सरकार है भी या नहीं? कुछो काम हो भी रहा है या नहीं? बिजली के बिल माफ़ हुए या आधे हुए या नहीं ? बिजली बोर्ड वाला अब तो बिल नहीं भेजता न ?बिजली जाती तो नहीं न ? पानी फ्री हुवा या नहीं ? हर कॉलोनी में साफ़ पानी पहुँच गया न ? पानी का जमाव तो नहीं हुवा न बारिश होने पर ?वाई -फाई का क्या सिन है भाई ? सिग्नल आता भी है न ?
सुने हैं की आये दिन हड़ताल हो रहा है दिल्ली में ..कभी बस संचालकों का तो कभी गेस्ट टीचेर लोगों का तो कभी सफाई करमचारियों का .....आखिर बात क्या है कजरी बाबु ?? खली मुख्मंत्रिये बनने के लिए इतना नौटंकी झाड रहे थे ??कुछ दिन पहले तो दिल्ली के हर चौराहों पे कूड़े कर्कटों का अम्बार दिख रहा था जो कजरी बाबु की सरकार की सही चित्र को परिलक्षित कर रहा था...
सुने हैं की कजरी बाबु की दिल्ली अब अपराध मुक्त है बिलकुल? सच्ची का ?? लेकिन आज भी तो अखबार के हर पन्नों में लूटपाट,हत्या,मारपीट,बलात्कार जैसी खबरे क्या इस दिल्ली से बहार का था का ?अरे कजरी बाबु ने तो सबको 1031 फोन न. दिए हैं न ....पर्योग नहीं किये हैं का ? मरदे, करिए न और हमको भी बताईये..इ नम्बरवा का कोनो असर हुवा है या नहीं ? अरे, हम तो कल्हे रोहिणी में ड्राइविंग लिसेंस वाले ओफ्फिस में कई दलालों को आम आदमी बन के टोपी लगा के वसूली करते हुए देखे हैं .पिछले रविवार को ही बुरारी में एक जानकार ने सेवा शुल्क देकर अपनी माकन की छ्हाजी की मरम्मत करवाया......कजरी बाबु ....न भाई, अब न कहना की दिल्ली में कोई घुस ले रहा रहा है.
साब अब हम को लोग डरा रहे थे कि कजरी बाबु के बारे में कुछो लिखोगे तो जेल में दल देंगे मुख्मंत्री साब....हट ...डरना दिल्ली वालों को जिनको फ्री में चाहिए तुमसे सबकुछ..हम बिहारी है पक्के वाले....डरते तो क्या अपने घर से 1700 किलोमीटर आकर दहाड़ते का ?
अब का करोगे कजरी बाबु, सुप्रीम कोर्ट भी हमही लोगन के साथ आ खड़ा हुवा...अब तुम किस बिल में छिप गए हो कजरी बाबु ? कच्छु बोलत भी नाही, जबकि तुम तो झट से कोई भी झूठ लेकर आजतक पर तो दिख ही जाते थे....कोई बात नहीं कजरी बाबू..बहुते जल्द इ दिल्ली की फ्री वाली जनता फ्री में सबकुछ का हिसाब लेगी तुमसे....तैयार रहो....ज्ञानेंद्र झा
हमारा प्यारा भारत : केजरीवाल पहले (2013 में) --- दिल्लीवालों गठबंधन वाली नही हमे पूर्ण बहुमत दो तब काम करके दिखाएंगे --- पूर्ण बहुमत मिलने के बाद (2015 में) --- अब मुझे पुलिस चाहिये, आर्मी चाहिए, टैंक चाहिए, बोफोर्स चाहिए, फाइटर प्लेन चाहिए, मिसाइल चाहिए, परमाणु बम चाहिए, सी बी आई चाहिये, रॉ चाहिए, एल जी ओर पीयेम की पोस्ट चाहिये, राष्ट्रपति भी हमारा चाहिए --- खुद का हाइ कोर्ट ओर सुप्रीम कोर्ट चाहिये ... मीडिया का रिमोट मेरे हाथ मे होना चाहिये ---- केन्द्र से एक लाख करोड़ का फंड चाहिये, मेरे खिलाफ बोलने वालों का इस्तीफा चाहिये, तब जाकर कुछ काम होगा ..... !!!! ..... केजरीवाल जी हमे आपियों और दिल्ली वालों जैसा अक्ल से पैदल समझा है क्या ? कल को कहोगे वाइट हाउस दिलाओ, यू एन ओ का प्रेसीडेंट बनाओ.. मेरा ओफ़िस मंगल गृह में बनवाओ, चांद ओर तारे तोड के लाओ, तब कम करूंगा, तब वादे पूरे करूंगा ... अरे केजरी! काम करो, कुछ काम करो, वर्ना तुम्हें और तुम्हारी आप को जनता, कांग्रेस की तरह, इतिहास के कूड़े दान में डाल देगी.
हमारा प्यारा भारत : केजरीवाल पहले (2013 में) --- दिल्लीवालों गठबंधन वाली नही हमे पूर्ण बहुमत दो तब काम करके दिखाएंगे --- पूर्ण बहुमत मिलने के बाद (2015 में) --- अब मुझे पुलिस चाहिये, आर्मी चाहिए, टैंक चाहिए, बोफोर्स चाहिए, फाइटर प्लेन चाहिए, मिसाइल चाहिए, परमाणु बम चाहिए, सी बी आई चाहिये, रॉ चाहिए, एल जी ओर पीयेम की पोस्ट चाहिये, राष्ट्रपति भी हमारा चाहिए --- खुद का हाइ कोर्ट ओर सुप्रीम कोर्ट चाहिये ... मीडिया का रिमोट मेरे हाथ मे होना चाहिये ---- केन्द्र से एक लाख करोड़ का फंड चाहिये, मेरे खिलाफ बोलने वालों का इस्तीफा चाहिये, तब जाकर कुछ काम होगा ..... !!!! ..... केजरीवाल जी हमे आपियों और दिल्ली वालों जैसा अक्ल से पैदल समझा है क्या ? कल को कहोगे वाइट हाउस दिलाओ, यू एन ओ का प्रेसीडेंट बनाओ.. मेरा ओफ़िस मंगल गृह में बनवाओ, चांद ओर तारे तोड के लाओ, तब कम करूंगा, तब वादे पूरे करूंगा ... अरे केजरी! काम करो, कुछ काम करो, वर्ना तुम्हें और तुम्हारी आप को जनता, कांग्रेस की तरह, इतिहास के कूड़े दान में डाल देगी.

राहुल पंडित : कौन कहता है की युगपुरुष जी काम कम थोथरेबाजी ज्यादा करते हैं।दिल्ली को अलग मुल्क घोषित करवाने वाले रेफरेंडम से पहले जनहित में किये गए कुछ कामों की सूची। अब विधायक और मंत्री भ्रस्टाचार और फर्जीवाड़ें के लिए तिहाड़ यात्रा पर हैं तो क्या हुआ,युगपुरुष जी द्वारा दिए गए ईमानदारी के सर्टिफिकेट तो है सबके पास।
Ranjan Kumar : हिंदुस्तान के इतिहास में दो ही ऐसे मुरखमंत्री हुए है,एक लालू और एक खुजलीवाल ...जो कोई घटना को सीधे सीधे मोदी जी को जिम्मेदार ठहराते है ,अगर हर घटना का जिम्मेदार मोदी जी है तो फिर मुरखमंत्री क्यों बनते है । ज़बाब है किसी के पास .....बिहार के लोगो दिल्ली मत बनाना अपने बिहार को......बिहार के लोगो दिल्ली मत बनाना अपने बिहार को
Ranjan Kumar : हिंदुस्तान के इतिहास में दो ही ऐसे मुरखमंत्री हुए है,एक लालू और एक खुजलीवाल ...जो कोई घटना को सीधे सीधे मोदी जी को जिम्मेदार ठहराते है ,अगर हर घटना का जिम्मेदार मोदी जी है तो फिर मुरखमंत्री क्यों बनते है । ज़बाब है किसी के पास .....बिहार के लोगो दिल्ली मत बनाना अपने बिहार को......बिहार के लोगो दिल्ली मत बनाना अपने बिहार को



The Meaning of each Digit in PAN (Permanent Account Number) Card.
Understand the PAN (Permanent Account Number)
PAN is a 10 digit alpha numeric number, where the first 5 characters are letters, the next 4 numbers and the last one a letter again. These 10 characters can bedivided in five parts as can be seen below. The meaning of each number has been explained further.
1. First three characters are alphabetic series running from AAA to ZZZ
2. Fourth character of PAN represents the status of the PAN holder.
• C — Company
• P — Person
• H — HUF(Hindu Undivided Family)
• F — Firm
• A — Association of Persons (AOP)
• T — AOP (Trust)
• B — Body of Individuals (BOI)
• L — Local Authority
• J — Artificial Juridical Person
• G — Government
3. Fifth character represents first character of the PAN holder’s last name/surname.
4. Next four characters are sequential number running from 0001 to 9999.
5. Last character in the PAN is an alphabetic check digit.
Nowadays, the DOI (Date of Issue) of PAN card is mentioned at the right (vertical) hand side of the photo on the PAN card. .......

जहाँ एहसास ही नहीं , आत्मीयता ही नहीं... वहाँ अपनापन कहाँ...
जय जिनेन्द्र
श्री राम लक्ष्मण व सीता सहित चित्रकूट पर्वत की ओर जा रहे थे !
राह बहुत पथरीली और कंटीली थी !
सहसा राम के चरणों में एक कांटा चुभ गया !
फलस्वरूप वह रूष्ट या क्रोधित नहीं हुए , बल्कि हाथ जोड़कर धरती से एक अनुरोध करने लगे !
बोले - " माँ , मेरी एक विनम्र प्रार्थना है तुमसे ! क्या स्वीकार करोगी ? "
धरती बोली - " प्रभु प्रार्थना नही , दासी को आज्ञा दीजिए !"
'माँ, मेरी बस यही विनती है कि जब भरत मेरी खोज में इस पथ से गुज़रे , तो तुम नरम हो जाना ! कुछ पल के लिए अपने आँचल के ये पत्थर और कांटे छुपा लेना ! मुझे कांटा चुभा सो चुभा ! पर मेरे भरत के पाँव में अघात मत करना ', श्री राम विनत भाव से बोले !
श्री राम को यूँ व्यग्र देखकर धरा दंग रह गई ! पूछा - " भगवन, धृष्टता क्षमा हो ! पर क्या भरत आपसे अधिक सुकुमार है ? जब आप इतनी सहजता से सब सहन कर गए , तो क्या कुमार भरत नहीं कर पाँएगें ? और फिर मैंने तो सुना है कि वे संतात्मा है ! संत तो स्वभाव से ही सहनशील व धैर्यवान हुआ करते है ! फिर उनको लेकर आपके चित में ऐसी व्याकुलता क्यों ?
श्री राम बोले - ' नहीं .....नहीं माता ! आप मेरे कहने का अभिप्राय नहीं समझीं ! भरत को यदि कांटा चुभा , तो वह उसके पाँव को नहीं , उसके हृदय को विदीर्ण कर देगा ! '
' हृदय विदीर्ण !! ऐसा क्यों प्रभु ?', धरती माँ जिज्ञासा घुले स्वर में बोलीं !
' अपनी पीड़ा से नहीं माँ , बल्कि यह सोचकर कि इसी कंटीली राह से मेरे प्रभु #राम गुज़रे होंगे और ये शूल उनके पगों में भी चुभे होंगे ! मैया , मेरा भरत कल्पना में भी मेरी पीड़ा सहन नहीं कर सकता ! इसलिए उसकी उपस्थिति में आप कमल पंखुड़ियों सी कोमल बन जाना ...!!"
••••••••••••••••••••••
अर्थात #रिश्ते अंदरूनी एहसास... आत्मीय अनुभूति... के दम पर ही टिकते हैं।
जहाँ गहरी स्वानुभूति नहीँ... वो #रिश्ता नहीँ...
इसीलिए कहा गया है कि
रिश्ते खून से नहीं... #परिवार से नहीँ...
#समाज से नहीँ... #मित्रता से नहीं...
#व्यवहार से नहीं बनते
बल्कि सिर्फ और सिर्फ "एहसास " से ही बनते और निर्वहन किए जाते हेँ।।
जहाँ एहसास ही नहीं , आत्मीयता ही नहीं... वहाँ अपनापन कहाँ...
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जातिगत आरक्षण को समाप्त करने के समर्थक तो बहुत हैं पर जातिगत भावना को खत्म नहीं करना चाहते !
मेरा ये स्टेटस कुछ लोगो को बूरा सकता हैं पर ये कितना दुखद हैं, कि जातिगत आरक्षण को समाप्त करने के समर्थक तो बहुत हैं पर समाज में फैली जातिगत भावना को कोई खत्म नहीं करना चाहता... क्योंकि समाज में वो समानता वहीं चाहते.. वो समानता बस नौकरी प्राप्त करने में चहाते हैं...समाज में उनको उच्चता व निम्नताएँ पंसद हैं....पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक दलित को बस इसलिये मार दिया गया क्योंकि उसने अपने बच्चे का नाम वो रखा था जो एक ठाकुर ने अपने बच्चे का रखा था...
मैं नौकरी में आरक्षण का समर्थन नहीं करता,समाज में विषमता कहीं भी सही वो खत्म होनी ही चाहिये...लेकिन ये भेदभाव की गहरी विभाजक रेखाएँ हर जगह से मिटनी चाहिए... ना जाने ऐसे कितने उच्च सिक्षित परिवार आपको ये कहते मिल जाएंगे की हमें अंतरजातिय विवाह से कोई आपत्ति नहीं बस लडका नीची जात का ना हो...ये कितना हास्यपद हैं कि महान आर्यवृत, महान हिन्दुस्तान में किसी का ऊँचा नीचा होना उसके कर्मो से नहीं ब्लकि उसकी जाति से निर्धारित किया जाता हैं...
मेरे एक बेहद पढे लिखे परम मित्र ने एक स्टेटस फेसबुक पर डाला कि ब्राह्मण को देश का राष्ट्रीय पुरुष घोषित होना चाहिये ,तो एक सवाल मन में आया कि देश दुनिया को दहलाने वाले दामनि रेप और हत्याकांड में सामिल विनय शर्मा का कया किया जाये...उसे बस इसलिये छोड दिया जाये कि वो एक ब्राह्मण हैं...नहीं,,,, किसी की जाति उसके उच्चतम होने का प्रमाण नही होती,किसी के भी कर्म ये निर्धारित करते हैं कि वो कितना ऊँचा या कितना नीचा हैं..जिन्होंने ये माना वो तरक्की करते रहे,जिन्होंने नहीं माना वो खुद ही की खोदी गई विचारधारओं की संकीर्ण कब्र में सडते रहे ,सिसकते रहे...
आजकल तमाम जातिगत मैस्ज व्हाटसप ओर फेसबुक पर चलते रहते हैं...पंडित,जाट,गूर्जर,ब्राह्मण,ठाकुर की ऐसी ऐसी वीरता का बखान होता हैं कि पूछिये मत,पर साहेबान एक सवाल फिर भी दिल दुखाता हैं,कि इतनी वीर जातियों के होने के बावाजूद भी कैसे हजारों साल तक हम गूलाम रहे...क्यूँ कोई हिन्दूस्तान को गुलाम होने से नहीं बचा पाया..इसके मूल में बस एक ही कारण हैं,एक ही रहस्य हैं,कि सदियों से जातिगत खाँचो में बटाँ भारतीय समाज कभी एक हो ही नहीं पाया..विदेशी आक्रमणकारी आते रहे, हमे लूटते ओर खसोटते रहे,पर हम कभी एक ना हो सके...
सदीयों पूरानी ऐतिहासिक गलतियाँ आज भी दोहराई जा रही हैं..आरक्षण का विरोध कीजिये पर साथ के साथ उस विचारधारा का भी विरोध कीजिये जो हमें एक नहीं होने देती...वो विचारधारा जिसने हजारो सालो तक हमारे ही दलित भाई बहनों पर सोचो से परे अक्लपनीय अत्याचार किये...समाज में समानता की एक समरस धारा बहे उसके लिये जरूरी हैं कि पहले हम अपनी खुदगर्ज सोचों पर बाँध बाधे....Rohit Teavatya
इस्लाम के भयानक अत्याचार सहे, आत्मा तक को तोड़ देने वाला सिर पर मल-मूत्र ढोने का अत्याचार सहा, पशुओं की खाल उतारने कार्य किया, चमड़ा कमाने-जूते बनाने का कार्य किया मगर मुसलमान नहीं हुए। ये जाटव, बाल्मीकि समाज के लोग हमारे उन महान वीर पूर्वजों की संतानें हैं। आज भी इन योद्धा जातियों के वंशजों के बड़े हिस्से में अपने नाम के साथ सिंह लगाने की परम्परा है। अपने सिर पर मल-मूत्र ढोने वाले, जूते बनाने वाले कहीं सिंह होते हैं ?
ये वस्तुतः सिंह ही हैं जिन्हें गीदड़ बनने पर विवश करने के लिये इस तरह अपमानित किया गया।बाबा साहब अम्बेडकर ने भी अपने लेखों में लिखा है कि हम योद्धा जातियों के लोग हैं। यही कारण है कि 1921 की जनगणना के समय चमार जाति के नेताओं ने वायसराय को प्रतिवेदन दिया था कि हमें राजपूतों में गिना जाये। हम राजपूत हैं। अँगरेज़ अधिकारियों ने ही ये नहीं माना बल्कि हिन्दू समाज भी इस बात को काल के प्रवाह में भूल गया और स्वयं भी इस महान योद्धाओं की संतानों से वही घृणित दूरी रखने लगा जो आक्रमणकारी रखते थे। होना यह चाहिए था कि इनकी स्तुति करता, नमन करता, इनको गले लगता मगर शेष हिन्दू समाज स्वयं आक्रमणकारियों के वैचारिक फंदे में फंस गया।
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