
तेरी प्यारी प्यारी सूरत को किसी लाली की नज़र ना लगे.. चश्मे बद्दूर!!



LOOK KEJRIWAL , WHERE YOU STANDS NOW IN THE EYES OF DELHI PEOPLE, WHO ARE MAKING SUCH LAUGHING JOKES ON A CM. KEJRIWAL. THOUGH YOU HAD PROMISED NEW HIGH STANDARD OF DOING POLITICS AND SEE WHERE YOU HAVE REACHED, BY YOUR REGULAR DRAMAS, AND THAT IS ONLY WITH THE PUBLIC MONEY ( 526 CRORE AD. BUDGET)

दिल्ली वाले तो बन गए लल्लू, फ्री वाई फाई की जगह मिला बाबा जी का ठुल्लु
दिल्ली वालों ने बड़े उत्साह में आकर आम आदमी पार्टी को बहुमत देकर केजरीवाल नाम के शख्स को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया है। केजरीवाल ने अपने वादों में कहा था की वे पूरी दिल्ली को पांच साल फ्री वाई फाई देंगे। पांच साल तो उनका शपथ लेने के बाद से ही शुरू हो जाता है लेकिन केजरीवाल सरकार के 2 महीने बीत जाने के बाद भी वाई फाई का नहीं नामो निशान नहीं है। मोदी के विकास के दावे की पांच महीने में ही हवा निकालने वाले केजरीवाल ने अपने वादों में कहा था की वे आते ही अपने सभी वादे पूरे कर देंगे। लेकिन सरकार बनाते ही अपने वादों से पलटने लगे। वेबसाइट से अपना घोषणापत्र हटा दिया और वादों से भरे बैनर भी गायब कर दिए।
दिल्ली के नौजवान लड़के और लड़कियों ने फ्री वाई फाई और फ्री इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए पांच साल केजरीवाल नाम का भजन गाया लेकिन 2 महीने बीत जाते के बाद ना तो वाई फाई मिला और ना ही केजरीवाल। अभी जैसे ही कोई केजरीवाल से वादे पूरे करने की बात करता है केजरीवाल कहते हैं मोदी पैसे दे दें तो वादा पूरा कर दूंगा। फ्री पानी का सवाल करते हैं तो बोलते हैं हरयाणा फ्री पानी दे दे तो मै भी दे दूंगा। सस्ती बिजली की बात करते हैं तो कहते हैं मोदी पैसे नहीं दे रहे मै क्या करूँ।
लोग कहते हैं कि अब तो कालोनियों को पक्का कर दो। केजरीवाल कहते हैं मोदी 10 हजार करोड़ दे दे तो मै कालोनियों को पक्का कर दूंगा। केजरीवाल ने पहले भी मोदी मोदी का रट लगा था और आज भी मोदी मोदी का रट लगा रहे हैं। दिल्ली की जनता समझ ही नहीं पा रही है की वोट केजरीवाल को दिया था या मोदी को। अगर वोट केजरीवाल को दिया था तो मोदी पैसे क्यों दें। अगर हर काम के लिए मोदी से ही पैसे मिलना है तो केजरीवाल को वोट क्यों दिया। केजरीवाल भी चक्कर में हैं की वादे कैसे पूरे करें। दिल्ली वाले कह रहे हैं की केजरीवाल तो खोदा पहाड़ लेकिन चुहिया निकला और मोदी सोच रहे हैं दिल्ली वालों को कैसे बताया जाए की जिसे वे लोग शेर समझ रहे थे वो वो चूहा है।
हारकर केजरीवाल ने मीडिया से बचना शुरू कर दिया है। पहले मीडिया को देखते ही गुलाटी मारने लगते थे और खुलासा खुलासा बोलने लगते थे। अब डरते हैं की कहीं मीडिया उनका ही खुलासा ना कर दे। खुलासे से बचने के लिए केजरीवाल ने नया डायलाग बोलना शुरू किया है “दिल्ली वालों टीवी मीडिया अगर मेरे बारे में गलत दिखाए तो यकीन मत करना। मुझे बदनाम करने के लिए बड़ी बड़ी ताकतें लगी हुई है”।केजरीवाल साहब आखिर कितने दिन तक लोग टीवी वालों पर यकीन नहीं करेंगे। अभी तो 2 महीने बीते हैं। अभी तो दिल्ली वालों को बहुत कुछ देखना है। हो सकता है 6 महीने तक आपकी बातों में आ जाएं। लेकिन उनके बाद……….. आपका क्या होगा जनाबे आली।

दिल्ली वालों, देख लो, तुम्हारे 526 करोड़ का क्या सदुपयोग हो रहा है !
Harish Bahuguna और इस तरह फूंके दिल्ली के 500 करोड़ अपने साले की खातिर , लेकिन अक्ल के अंधे अपोलो तुम ताली जरूर बजाना ये देखकर क्योकि ये पैसा जो इस काम में फूंका जा रहा है वो किसके बाप का है ये नहीं पता


















TO BE CONTINUED.........

केजरीवाल, तेरी प्यारी प्यारी सूरत को ऑटो वाले लाली की नज़र ना लगे.. चश्मे बद्दूर




























